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पंजाब में ‘AAP’ का क्लीन स्वीप! जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में दर्ज की प्रचंड जीत

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों में पार्टी को बड़ा जनादेश देने के लिए पंजाब के लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने इस नतीजे को ‘आप’ सरकार के शासन और जन-पक्षीय नीतियों का स्पष्ट समर्थन बताया।

चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने पंजाब के लोगों को चुनावों के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि 14 तारीख को हुए मतदान हाल के समय में सबसे शांतिपूर्ण और निष्पक्ष स्थानीय निकाय चुनावों में से एक थे, जो सुचारू रूप से और बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न हुए।

अरोड़ा ने कहा कि जिस तरह से नतीजे लगातार आ रहे हैं, उसके मुताबिक आम आदमी पार्टी के पक्ष में एकतरफा जनादेश साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि वह लोकतंत्र को मजबूत करने और सुशासन में विश्वास जताने के लिए सभी पंजाबियों को बधाई देते हैं।

उन्होंने ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, पार्टी नेताओं, विधायकों, उम्मीदवारों और खासतौर पर समर्पित वालंटियर्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह जीत ‘आप’ सरकार की पिछले कुछ सालों की कार्यप्रणाली और जमीनी स्तर पर वालंटियर्स की अथक मेहनत का नतीजा है।

जिला परिषद चुनावों में पूरे पंजाब के कुल 354 जोनों में से इस कॉन्फ्रेंस के दौरान 71 जोनों के नतीजे घोषित किए गए थे, जो आम आदमी पार्टी की मजबूत बढ़त को दर्शाते थे। ‘आप’ ने 60 जोनों में जीत दर्ज की, जो भारी बहुमत को दर्शाती है, जबकि कांग्रेस ने 7 जोन जीते। शिरोमणि अकाली दल ने 1 जोन, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 2 और भाजपा ने 1 जोन में जीत हासिल की।

अरोड़ा ने कहा कि घोषित जिला परिषद के लगभग 85% नतीजे ‘आप’ के पक्ष में आए हैं, जो पार्टी की नीतियों और नेतृत्व में लोगों के विश्वास को साफ दर्शाते हैं।

ब्लॉक समिति चुनावों में पूरे पंजाब के कुल 2,863 ब्लॉकों में से इस प्रेस कॉन्फ्रेंस तक 1,275 ब्लॉकों के नतीजे घोषित किए गए थे। ‘आप’ ने 867 ब्लॉकों में जीत हासिल की, जो घोषित नतीजों का लगभग 68% है। कांग्रेस ने 216 ब्लॉक, शिरोमणि अकाली दल ने 129, निर्दलीय उम्मीदवारों ने 63 और भाजपा ने 20 ब्लॉकों में जीत दर्ज की।

इसे ‘आप’ की एकतरफा जीत करार देते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि हालांकि बैलेट पेपरों से गिनती एक धीमी प्रक्रिया है, लेकिन रुझान स्पष्ट तौर पर आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार की नीतियों की ओर पंजाब के झुकाव को दर्शाते हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी पिछले चार सालों के दौरान ‘आप’ सरकार द्वारा किए गए कामों को लेकर जनता की कचहरी में गई थी और पंजाब के लोगों ने सरकार के शासन पर मुहर लगा दी है।

अमन अरोड़ा ने मतदाताओं का उनके भरपूर समर्थन के लिए धन्यवाद किया और सभी विजेता जिला परिषद व ब्लॉक समिति सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ‘आप’ पंजाब की उम्मीदों को पूरा करने के लिए ईमानदारी, पारदर्शिता और समर्पण के साथ काम करना जारी रखेगी।

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धनौला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

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पंजाब के बरनाला जिले में धनौला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस की वर्दी और एक इनोवा कार भी बरामद की गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर धनौला पुलिस ने नाका लगाकर चेकिंग शुरू की।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक इनोवा कार को रोका, जिसमें तीन व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठे हुए थे। शक होने पर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप कुमार (चक्क महंता वाला), अजय (मुनके उताड़) और गुरप्रीत सिंह (मुनके उताड़) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना धनौला में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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राजनेताओं ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: CM भगवंत मान

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शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन देश के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानी को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलकर ही एक मजबूत और खुशहाल पंजाब का निर्माण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं, बल्कि उनके विचारों और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने शहीदों को भारत रत्न न दिए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर देश की बागडोर आजादी के शुरुआती वर्षों में ऐसे नौजवानों के हाथ में होती, तो भारत की तस्वीर अलग होती।

उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देती है। समाज से बुराइयों को खत्म करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का सबसे बड़ा हथियार शिक्षा है। पंजाब सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों ने सत्ता या लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपनी जान न्यौछावर की। उनकी कुर्बानी के कारण ही आज हमें वोट देने का अधिकार मिला है, इसलिए हर नागरिक को अपने मताधिकार का सही उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी और एकता के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं। देश की कुल आबादी का केवल 2% होने के बावजूद, आजादी की लड़ाई में 80% शहीद पंजाब से थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीदों की विरासत को संभालने और उनके सपनों का पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हुसैनीवाला में 24.99 करोड़ रुपये की लागत से ‘विरासत प्रोजेक्ट’ शुरू किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां शहीदों के इतिहास और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के रास्ते पर चलें और देश की सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट की ताकत सबसे बड़ी ताकत है और सही नेतृत्व चुनकर ही देश में असली बदलाव लाया जा सकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और राज्य को तरक्की और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ाती रहेगी।

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नशे के खिलाफ मुहिम में नया कदम: इलाज और रोजगार से युवाओं को मिल रहा दूसरा मौका

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पंजाब में नशों के खिलाफ जारी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पुनर्वास (rehabilitation) और समाज में दोबारा जोड़ने (reintegration) तक बढ़ा दिया गया है। सरकार अब नशा तस्करी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों को इलाज, काउंसलिंग और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवा रही है, ताकि वे एक नई और बेहतर जिंदगी शुरू कर सकें।

इस बदलाव की एक मिसाल जुगराज सिंह (बदला हुआ नाम) है। कॉलेज के दिनों में वह अपने साथियों के प्रभाव में आकर नशे की लत का शिकार हो गया था। शुरुआत में केवल जिज्ञासा के तौर पर शुरू हुई यह आदत जल्द ही उसकी जिंदगी पर हावी हो गई। लेकिन अब सरकारी सहायता और काउंसलिंग के जरिए उसने खुद को संभाला है और अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है।

जुगराज सिंह का कहना है कि अब उसका पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पूरी करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने पर है। उसने बताया कि वह अब पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी है और उसे लगता है कि वह एक बेहतर इंसान बन गया है।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास कार्यक्रमों के तहत ऐसे युवाओं को मानसिक समर्थन, इलाज और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा दी जा रही है। इससे वे न केवल नशे की लत से बाहर निकल रहे हैं, बल्कि समाज में दोबारा सम्मान के साथ अपनी पहचान भी बना रहे हैं।

पंजाब सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सख्त कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए प्रभावित लोगों को दूसरा मौका देना भी उतना ही जरूरी है। यही कारण है कि अब इस मुहिम में मानवीय दृष्टिकोण को भी शामिल किया गया है।

इस पहल के जरिए सरकार युवाओं को एक नई शुरुआत का मौका दे रही है, जिससे वे अपने जीवन को सही दिशा में ले जाकर समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे सकें।

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