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रंगला पंजाब की ओर मान सरकार का डिजिटल कदम : सेवा डिलीवरी नेटवर्क को मजबूत करने के लिए खोले जाएंगे 54 नए सेवा केंद्र

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देश भर में सबसे कम पेंडेंसी की ऐतिहासिक एवं मिसाली उपलब्धि दर्ज करके नागरिक सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने नागरिक सेवा आधारभूत ढांचे का और विस्तार करने के लिए 54 नए सेवा केंद्र खोलने जा रही है। इस पहल से प्रदेश भर में सेवा केंद्रों की कुल संख्या 598 हो जाएगी। यह घोषणा सुशासन एवं सूचना तकनीकी (जीजी एवं आईटी) मंत्री अमन अरोड़ा ने की है । यह घोषणा मगसीपा में मंत्री की अध्यक्षता में नागरिक सेवा प्रदान करने तथा सेवा केंद्र के संचालन संबंधी हुई व्यापक समीक्षा बैठक के दौरान की गई। इस बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे तथा सभी डिप्टी कमिश्नरों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव डी.के. तिवारी तथा डायरेक्टर (जीजी एंड आईटी) विशेष सारंगल भी बैठक में शामिल रहे। बैठक में पंजाब भर के मौजूदा 544 सेवा केंद्रों की मिसाली कार्यप्रदर्शन पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिनमें 263 शहरी तथा 281 ग्रामीण केंद्र शामिल हैं। ये आत्म-निर्भर केंद्र 465 सरकारी-से-नागरिक (जी2सी) तथा 7 कारोबार-से-नागरिक (बी2सी) सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। बैठक में पेंडेंसी, सेवा-वार प्रदर्शन, अधिकारियों द्वारा उठाए गए आपत्तियां तथा ऑनलाइन फील्ड सत्यापन प्रक्रिया पर चर्चा की गई।


उल्लेखनीय है कि यह भी सामने आया है कि सेंड बैक (वापस भेजे) मामलों की संख्या में गिरावट आई है जो कि अनावश्यक आपत्तियों में कटौती को दर्शाती है।
सरकार की जीरो पेंडेंसी के प्रति वचनबद्धता को दोहराते हुए अमन अरोड़ा ने डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए कि सभी सेवाएं निर्धारित समय-सीमा के अंदर उपलब्ध करवाई जाएं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आवेदन प्रक्रिया में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों को इनाम दिया जाएगा तथा जीरो पेंडेंसी वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
जीजी एंड आईटी मंत्री ने ई-सेवा, एम-सेवा तथा वट्सऐप के माध्यम से ऑनलाइन सत्यापन के लिए 100 प्रतिशत फील्ड सत्यापन अथॉरिटी पटवारी/सरपंच/नंबरदार/एम.सी. को शामिल करने के लिए जिला प्रशासन के प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन सत्यापन के लिए लगभग 4 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 96.3 प्रतिशत आवेदनों पर कार्रवाई की गई है।


अमन अरोड़ा ने स्पष्ट निर्देश जारी किए कि नए सेवा केंद्रों के लिए सभी निर्माण गतिविधियां 15 जनवरी, 2026 तक पूरी कर ली जाएं।
उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने उपभोक्ता अनुभव, कुशलता तथा सुगमता को बढ़ाने के लिए सरकार ‘तुहाडे द्वार’ कार्यक्रम तथा नागरिक सेवा प्रदान पोर्टल (connect.punjab.gov.in) भी शुरू किया है।

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अमृतसर सीमा के पास 27 किलो हेरोइन बरामद, BSF और पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 27 किलो हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है।

मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान में बैठे तस्करों ने ड्रोन की मदद से अमृतसर के घरिंडा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप भेजी है। सूचना मिलते ही बीएसएफ और पंजाब पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं और सीमावर्ती इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया।

तलाशी के दौरान पुल मोरां के पास संदिग्ध स्थान की घेराबंदी कर जांच की गई, जहां से 27 किलो हेरोइन बरामद हुई। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के साथ सीमा पार से नशा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया गया है।

सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप किसके लिए भेजी गई थी और इस नेटवर्क से जुड़े स्थानीय तस्कर कौन हैं। साथ ही ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी करने वाले सीमा पार बैठे तस्करों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले भी अमृतसर के अजनाला-रामदास क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार तस्करी के एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई के दौरान 25 पिस्तौल, एक AK-47 राइफल, 360 जिंदा कारतूस, 47 मैगजीन और एक बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की गई थी।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों और तस्करी के प्रयासों को रोकने के लिए लगातार तलाशी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशा और हथियार तस्करी से मुक्त बनाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।

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पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, विदेशी हैंडलरों से जुड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़

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पंजाब पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर और काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान चलाकर विदेशों में बैठे हैंडलरों से जुड़े एक गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी अत्याधुनिक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया जाना था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक Gaurav Yadav ने बताया कि मामले में एसएसओसी अमृतसर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये गैंगस्टर पंजाब में गैंगवार, फिरौती, हत्या और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका हथियारों की सप्लाई करना, उन्हें विभिन्न स्थानों तक पहुंचाना और आपराधिक वारदातों में सहयोग करना थी।

जांच के दौरान यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी अमृतसर में हुए एक हत्या मामले और बटाला में हत्या के प्रयास के एक मामले में भी वांछित थे। पुलिस इन मामलों में भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

पंजाब पुलिस का कहना है कि मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों, सहयोगियों और विदेशों में बैठे हैंडलरों की पहचान के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही इस संगठित अपराध सिंडिकेट की पूरी कार्यप्रणाली और इसके आपराधिक नेटवर्क को उजागर करने के प्रयास जारी हैं।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर 290 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना

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Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee की ओर से आज सुबह अमृतसर स्थित एसजीपीसी मुख्यालय से सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शेर-ए-पंजाब Maharaja Ranjit Singh की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालुओं को धार्मिक अरदास के बाद खालसाई जयकारों और शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई।

एसजीपीसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 290 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान का वीजा जारी किया गया। वीजा प्राप्त सभी श्रद्धालु आज जत्थे के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।

एसजीपीसी अधिकारियों के मुताबिक यह धार्मिक यात्रा 9 दिनों की होगी। इस दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे। जत्था अपनी यात्रा पूरी करने के बाद 30 जून को भारत लौटेगा।

श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु पहली बार पाकिस्तान में स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक विशेष और भावुक अवसर बताया।

रवाना होने से पहले बड़ी संख्या में संगत ने जत्थे को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित, सफल एवं सुखद यात्रा के लिए अरदास की। श्रद्धालुओं ने भी गुरु घर के दर्शनों का अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए यात्रा को यादगार बताया।

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