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मान सरकार ने पंजाब के शिक्षा क्षेत्र को दिया नया मोड़ , ‘पंजाब युवा उद्यमी योजना’ के तहत “Mission Rozgar” को मिलेगी मजबूती

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पंजाब की आप सरकार छात्रों का भविष्य उज्जवल बनाने के लिए पंजाब युवा उद्योग योजना ला रही है। इस योजना के तहत, सरकारी स्कूलों के 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को व्यवसाय और मार्केटिंग में कौशल शिक्षा प्रदान की जाएगी। मान सरकार ने शिक्षा के पारंपरिक ढांचे से हटकर कौशल शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। इसका उद्देश्य युवाओं को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है। सरकार का यह नज़रिया राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनाएगा। इस योजना के तहत, छात्र न केवल वित्तीय साक्षरता और स्वतंत्रता प्राप्त करेंगे, बल्कि मार्केटिंग और उद्यमिता की मूल बातें भी सीखेंगे। यह एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है, जो प्रत्येक छात्र को सक्षमता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने में सक्षम और सशक्त बनाएगा। आधुनिक तकनीक का समावेश कर सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कौशल प्रशिक्षण नई तकनीकों और उद्योगकी जरूरतों के अनुसार हो।

पंजाब सरकार सभी प्रगतिशील सोच वाले छात्रों को हर तरह की सहायता के साथ-साथ वित्तीय और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी

यह एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी कदम है, जो प्रत्येक छात्र को क्षमता और आत्मविश्वास केसशक्त और सक्षम बनाएगा। अब छात्रों को नौकरी चाहने वालों की बजाय नौकरी देने वाले बनने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना के तहत, पंजाब सरकार सभी प्रगतिशील सोच वाले छात्रों को हर तरह की सहायता के साथ-साथ वित्तीय और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी| पंजाब के लोगो ने मान सरकार पर जो विश्वास दिखाया उस पर मान सरकार पूरी तरह से खरी उतरी है। पंजाब के लोगो का मान सरकार पर भरोसा दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है।

पंजाब युवा उद्योग योजना विद्यार्थियों के सुनहेरी भविष्य के साथ साथ पंजाब के लिए भी एक नए युग की शुरुआत होगी। शिक्षा क्रांति में पंजाब युवा उद्योग योजना एक मील पत्थर साबित होगी। आप सरकार का उद्देश्य न केवल छात्रों को डिग्री या डिप्लोमा पास कराना है, बल्कि छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ कमाई का हुनर भी सिखाना है। मान सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ इस पहल की ही आधारशिला हैं। इन स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के कौशल को निखारा जाता है। यहां प्रतियोगी परीक्षाओं, जैसे जेईई, नीट और सिविल सेवाओं की मुफ्त तैयारी भी करवाई जाएगी, जो पंजाब के युवाओ के उज्जवल भविष्य के लिए सफल सिद्ध होगी |

सरकार युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए भी कौशल विकास का उपयोग कर रही है

अप्रैल 2025 में, मुख्यमंत्री मान ने लुधियाना में ‘विश्व कौशल उत्कृष्टता परिसर’ का उद्घाटन किया। इसमें एक अत्याधुनिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और बहु-कौशल विकास केंद्र (एमएसडीसी) शामिल हैं। यह परिसर प्रतिवर्ष 3,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षण देने में सक्षम है। मान सरकार ने पंजाब के आईटीआई संस्थानों में नई जान फूंकी है। आधुनिक तकनीक और बेहतर प्रशिक्षण के कारण इन संस्थानों में दाखिलों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, जो पहले 50-60% थी, वह अब 97% तक पहुंच गई है। सरकार युवाओं को नशे के जाल से बचाने के लिए भी कौशल विकास का उपयोग कर रही है। जुलाई 2025 में, नशे के दुष्प्रभावों के बारे में छात्रों को जागरूक करने के लिए एक विशेष पाठ्यक्रम शुरू किया गया। यह कार्यक्रम 8 लाख से अधिक छात्रों तक पहुंचने का लक्ष्य रखता है और उन्हें नशे से दूर रहने के लिए सशक्त बनाता है। ‘पंजाब कौशल विकास मिशन’ से मान सरकार पंजाब के युवाओं को नशे जैसी महामारी से भी बचा रही है , जिससे विकासशील पंजाब का निर्माण किया जाए।

मान सरकार द्वारा कौशल शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करना, पंजाब के युवाओं के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है। ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ से लेकर आधुनिक आईटीआई और कौशल विकास केंद्रों तक, ये पहल युवाओं को न केवल शिक्षित कर रही हैं, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर भी बना रही हैं। यह दृष्टिकोण पंजाब को एक ऐसे राज्य के रूप में स्थापित कर सकता है जहां शिक्षा का सीधा संबंध रोजगार और समृद्धि से है और ये सब मान सरकार के अधीन संभव हो रहा है ,बहुत सालो बाद पंजाब के शिक्षा क्षेत्र मे नए युग का आरम्भ हुआ है |

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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार

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एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।

हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।

कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।

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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश

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पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।

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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains

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एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।

पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।

इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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