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मान सरकार की दूरदर्शी नीतियों का परिणाम: सरकारी स्कूल की शिक्षिका ने social media पर जगाई पंजाबी भाषा की अलख

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कईं हज़ार फॉलोअर्स तक पहुंची मातृभाषा की आवाज़ चंडीगढ़।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार के एक सरकारी विद्यालय में कार्यरत एक समर्पित शिक्षिका आज सोशल मीडिया पर पंजाबी भाषा, संस्कृति और इतिहास की अलख जगाने वाली एक प्रेरणास्त्रोत बन चुकी हैं। अपने नवाचारी शिक्षण तरीकों और डिजिटल माध्यम के प्रभावी उपयोग से उन्होंने न केवल अपने विद्यालय के छात्रों को प्रभावित किया है, बल्कि सोशल मीडिया पर 45 हजार से अधिक फॉलोअर्स का एक विशाल समुदाय तैयार किया है। यह उपलब्धि मान सरकार की दूरदर्शी मातृभाषा संरक्षण नीति और शिक्षकों को दिए गए सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाबी भाषा को बचाने और बढ़ावा देने के लिए जो क्रांतिकारी कदम उठाए हैं, उनका सुखद परिणाम आज पूरे प्रांत में दिखाई दे रहा है।

इस शिक्षिका ने पारंपरिक शिक्षण विधियों के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का सहारा लेकर पंजाबी भाषा को रोचक और प्रासंगिक बनाने का अनूठा प्रयास किया है। कक्षा में वे गुरबाणी, लोक गीतों, पंजाबी साहित्य और प्रांत के गौरवशाली इतिहास को इस तरह प्रस्तुत करती हैं कि बच्चे स्वतः ही अपनी जड़ों से जुड़ जाते हैं। उनकी कक्षाएं केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत दर्पण बन जाती हैं। छात्र-छात्राएं पंजाबी कविताओं, कहानियों और नाटकों के माध्यम से भाषा की गहराई और सुंदरता को समझते हैं। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस शिक्षिका के आने के बाद पंजाबी विषय में छात्रों की रुचि और परीक्षा परिणाम दोनों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

सोशल मीडिया पर इस शिक्षिका की उपस्थिति एक क्रांतिकारी कदम साबित हुई है। उन्होंने विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर पंजाबी भाषा के दैनिक पाठ, मुहावरे, ऐतिहासिक तथ्य, लोककथाएं और सांस्कृतिक परंपराओं को सरल और आकर्षक तरीके से साझा करना शुरू किया। उनके वीडियो और पोस्ट केवल पंजाब में ही नहीं, बल्कि देश-विदेश में बसे पंजाबी समुदाय के बीच भी अत्यंत लोकप्रिय हो गए हैं। 45 हजार से अधिक फॉलोअर्स उनके हर पोस्ट का बेसब्री से इंतजार करते हैं और सक्रिय रूप से टिप्पणियों और शेयर के माध्यम से इस मुहिम में भागीदार बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल युग में भाषा संरक्षण के लिए यह एक अनुकरणीय मॉडल है, जहां युवा पीढ़ी अपनी पसंदीदा प्लेटफॉर्म पर ही अपनी मातृभाषा से जुड़ पा रही है।

पंजाब सरकार की दूरदर्शी भाषा नीति और शिक्षा सुधारों ने ऐसी प्रतिभाओं को फलने-फूलने का अवसर प्रदान किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्ता संभालने के बाद से ही पंजाबी भाषा को प्रोत्साहित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। मान सरकार ने अनेक ऐतिहासिक योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें सरकारी स्कूलों में पंजाबी शिक्षण को अनिवार्य और आकर्षक बनाना, शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, पंजाबी साहित्य और संस्कृति पर आधारित पाठ्यक्रम का आधुनिकीकरण और डिजिटल शिक्षण सामग्री का व्यापक विकास शामिल है। शिक्षा मंत्रालय ने हाल ही में घोषणा की है कि मान सरकार राज्य भर के सरकारी विद्यालयों में पंजाबी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान और संसाधन उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट मानना है कि पंजाबी भाषा पंजाब की आत्मा है और इसे बचाना हर पंजाबी का कर्तव्य है।

शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस शिक्षिका की पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मान सरकार की नीतियों की शानदार सफलता का जीवंत उदाहरण है। “मुख्यमंत्री भगवंत मान जी ने पंजाबी भाषा को केवल संरक्षित ही नहीं रखने का संकल्प लिया है, बल्कि इसे आधुनिक समय में प्रासंगिक और गतिशील बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। मान सरकार ने शिक्षकों को वह स्वतंत्रता और संसाधन दिए हैं जो पहले कभी नहीं मिले थे। जब हमारे सरकारी स्कूलों की शिक्षिकाएं इस तरह का समर्पण और नवाचार दिखाती हैं, तो यह साबित करता है कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उठाए गए कदम ठोस और दूरगामी परिणाम दे रहे हैं,” एक वरिष्ठ अधिकारी ने गर्व से कहा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब का भविष्य ऐसी ही समर्पित शिक्षकों के हाथों में सुरक्षित है, और मान सरकार की दूरदर्शिता के कारण ही यह संभव हो पाया है।

सोशल मीडिया पर इस शिक्षिका के फॉलोअर्स में न केवल युवा छात्र हैं, बल्कि अभिभावक, शिक्षाविद, साहित्यकार और विदेशों में बसे पंजाबी भी शामिल हैं। टिप्पणियों में लोग लगातार उनके प्रयासों की सराहना करते हैं और अपने बच्चों को पंजाबी सिखाने के लिए उनकी सामग्री का उपयोग करते हैं। एक फॉलोअर ने लिखा, “मैं कनाडा में रहता हूं और अपने बच्चों को पंजाबी सिखाने में संघर्ष कर रहा था। इस शिक्षिका के वीडियो ने मेरे बच्चों में भाषा के प्रति रुचि जगा दी है।” एक अन्य युवा ने कहा, “पहले मुझे लगता था पंजाबी सीखना बोरिंग है, लेकिन इनके पढ़ाने का तरीका इतना मजेदार है कि अब मैं खुद से सीखने लगा हूं।” यह सकारात्मक प्रतिक्रिया दर्शाती है कि सही दृष्टिकोण और माध्यम से भाषा संरक्षण संभव है।

भाषा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहल न केवल पंजाबी भाषा को जीवित रखने में मदद कर रही है, बल्कि युवा पीढ़ी में सांस्कृतिक गौरव की भावना भी पैदा कर रही है। पंजाब विश्वविद्यालय के भाषा विभाग के एक प्रोफेसर ने कहा, “जब शिक्षक केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं रहते और व्यावहारिक, रोचक तरीके से भाषा सिखाते हैं, तो छात्र स्वाभाविक रूप से जुड़ते है। यह शिक्षिका डिजिटल साक्षरता और सांस्कृतिक संरक्षण का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रही है।” उन्होंने आगे कहा कि यदि पंजाब के हर ज़िले में ऐसी दो-तीन शिक्षिकाएं या शिक्षक सामने आएं, तो पंजाबी भाषा का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित हो जाएगा।

पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व में हाल के वर्षों में मातृभाषा को बचाने के लिए अनेक ऐतिहासिक और ठोस कदम उठाए है। सरकारी कार्यालयों में पंजाबी के उपयोग को अनिवार्य बनाना, पंजाबी साहित्य और कला को बढ़ावा देने के लिए विशेष अनुदान, युवा लेखकों और कलाकारों के लिए प्रतियोगिताएं और पुरस्कार, तथा पंजाबी भाषा के डिजिटल संसाधनों का व्यापक विकास – ये सभी मान सरकार की प्रमुख उपलब्धियां है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में पंजाबी पुस्तकालयों को मजबूत करने और शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण विधियों में प्रशिक्षित करने के लिए विशेष बजट आवंटित किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्वयं कई बार कहा है कि पंजाबी भाषा का संरक्षण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इन सभी प्रयासों का शानदार परिणाम यह है कि आज पंजाब के सरकारी स्कूलों में पंजाबी भाषा की शिक्षा अधिक प्रभावी, आकर्षक और गौरवान्वित करने वाली बन गई है।

इस शिक्षिका की सफलता की कहानी मान सरकार की भाषा नीति की सार्थकता और प्रभावशीलता को रेखांकित करती है। यह दर्शाती है कि जब मुख्यमंत्री भगवंत मान जैसे दूरदर्शी नेता सही नीतियां बनाते है और शिक्षक समर्पण के साथ उन्हें जमीन पर उतारते है, तो चमत्कारिक परिणाम मिलते है। पंजाब की पहचान उसकी भाषा, संस्कृति और परंपराओं में निहित है, और मान सरकार की नीतियों के तहत ऐसी शिक्षिकाएं यह सुनिश्चित कर रही हैं कि आने वाली पीढ़ियां इस विरासत को गर्व से आगे ले जाएं। यदि पंजाब के सरकारी स्कूलों में ऐसी और शिक्षिकाएं और शिक्षक आगे आएं, तो प्रांत का भविष्य न केवल सुरक्षित होगा, बल्कि और अधिक गौरवशाली बनेगा। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने पंजाबी बोली को बचाने और बढ़ावा देने की जो अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है, वह इस शिक्षिका जैसे समर्पित कर्मियों के माध्यम से साकार हो रही है। मान सरकार के इस दूरदर्शी नेतृत्व में ही पंजाबी भाषा और संस्कृति का भविष्य उज्ज्वल है – यही इस पूरी पहल की सबसे बड़ी उपलब्धि और गौरव का विषय है।

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चुनावों से ठीक पहले देश में तनावपूर्ण माहौल पैदा करके वोटों का ध्रुवीकरण करने की गंदी राजनीति कर रही है BJP: कुलदीप धालीवाल

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता व विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने बीते दिनों पंजाब में हुए धमाकों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह पूरे पंजाब और भारत के लिए चिंता का विषय है कि आखिर जब भी देश या राज्य में चुनाव नजदीक आते हैं, तभी ये बम धमाके और आतंकी हमले क्यों होते हैं?

धालीवाल ने कहा कि भाजपा चुनावों से ठीक पहले जनता को डराकर और तनावपूर्ण माहौल पैदा करके वोटों का ध्रुवीकरण करने की गंदी राजनीति कर रही है।

वीरवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए धालीवाल ने सिलसिलेवार हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि चाहे पठानकोट एयरबेस का हमला हो, पुलवामा, दीनानगर या पहलगाम का हमला हो, इन सभी घटनाओं में हमारे बहादुर जवान शहीद हुए हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि ये सारी घटनाएं चुनावों के समय ही क्यों घटती हैं?

उन्होंने भाजपा पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा और उसका ‘गुंडा गिरोह’ चुनावी लाभ के लिए केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से सक्रिय हो जाता है और आतंकी गतिविधियों को शह देकर लोगों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करता है।

बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र पर हमला बोलते हुए धालीवाल ने कहा कि जब गृह मंत्रालय ने बीएसएफ का दायरा बढ़ाकर 50 किलोमीटर किया था, तब तर्क दिया गया था कि यह ड्रोन और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए जरूरी है, लेकिन आज हकीकत सबके सामने है। हमारे जवान सीमा पर पूरी मुस्तैदी से खड़े हैं और शहादत दे रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने उन्हें आज तक आधुनिक तकनीक और ‘एंटी-ड्रोन सिस्टम’ मुहैया नहीं कराया है। केंद्र की विफलता के कारण सरहद पार से आने वाले ड्रोन जवानों के सिर के ऊपर से निकल जाते हैं और हमारी सुरक्षा एजेंसियां बेबस नजर आती हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बार-बार लिखित पत्रों के माध्यम से केंद्र से उन्नत हथियारों और एंटी-ड्रोन तकनीक की मांग की है, लेकिन केंद्र सरकार ने जानबूझकर पंजाब की सुरक्षा को नजरअंदाज किया है। धालीवाल ने पूछा कि क्या केंद्र सरकार जानबूझकर पंजाब की 532 किलोमीटर लंबी सीमा को असुरक्षित रखना चाहती है ताकि अपनी राजनीतिक रोटियां सेंक सके?

धालीवाल ने अंत में कहा कि हाल ही में पंजाब पुलिस ने पठानकोट से 3 AK-47, पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं, जो ड्रोन के जरिए भेजे गए थे। यह साफ करता है कि साजिश गहरी है। उन्होंने भाजपा से सवाल किया कि पिछले सभी हमलों की जांच का क्या हुआ? केंद्र सरकार केवल जांच का ढोंग करती है और बाद में फाइलों को ठंडे बस्ते में डाल देती है। यह स्पष्ट है कि ये हमले और साजिशें भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं, जिसका मकसद केवल चुनाव जीतना है, न कि देश की सुरक्षा।

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CM मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के नतीजे आ रहे हैं, कपूरथला में हेरोइन की रिकवरी में 187% की बढ़ोतरी, ड्रग्स के जाल में पुलिस की कार्रवाई

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भगवंत मान सरकार के एंटी-ड्रग कैंपेन ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ के तहत कपूरथला जिले में ड्रग्स की रिकवरी में तेज़ी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो जिला पुलिस की कड़ी और लगातार कार्रवाई को दिखाता है। आधिकारिक डेटा के मुताबिक, 1 मार्च, 2025 से 30 अप्रैल, 2026 तक, कपूरथला पुलिस ने 30.4 kg हेरोइन बरामद की, जबकि कैंपेन से पहले के समय (1 जनवरी, 2024 से 28 फरवरी, 2025) में 10.6 kg हेरोइन बरामद की गई थी – जो 187% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।

इस दौरान, खसखस की ज़ब्ती 170 kg से बढ़कर 452 kg से ज़्यादा हो गई, जो 166% की बढ़ोतरी है, जबकि अफीम की ज़ब्ती 6.845 kg से बढ़कर 11.517 kg हो गई, जो 68% की बढ़ोतरी दिखाती है।

इसी दौरान, नशीली गोलियों और कैप्सूल की ज़ब्ती 38,327 से बढ़कर 72,480 हो गई, जो लगभग 89% की बढ़ोतरी है। इसके अलावा, चरस और बर्फ की ज़ब्ती, जो पहले न के बराबर थी, अब इस खास ऑपरेशन के दौरान दर्ज की गई है।

ज़ब्ती में बढ़ोतरी के साथ-साथ ऑपरेशन भी बढ़ा है। कैंपेन के दौरान, कपूरथला पुलिस ने NDPS एक्ट के तहत 1498 FIR दर्ज कीं और 1867 आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि पिछली अवधि के दौरान 376 मामले दर्ज किए गए थे और 481 गिरफ्तारियां की गई थीं, जो क्रम से 298% और 288% की बड़ी बढ़ोतरी दिखाता है।

जानकारी देते हुए, कपूरथला के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (SSP) गौरव तूरा ने कहा: “पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग’ कैंपेन ने ड्रग्स के खिलाफ फोकस्ड और इंटेंसिव एक्शन मुमकिन बनाया है। ज़ब्ती में यह बड़ी बढ़ोतरी कपूरथला पुलिस की सप्लाई चेन को तोड़ने और हर लेवल पर ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने की लगातार कोशिशों को दिखाती है।”

अधिकारियों ने कहा कि ज़ब्ती और ऑपरेशन में यह बढ़ोतरी शहरी और ग्रामीण इलाकों में लगातार इंटेलिजेंस के आधार पर किए जा रहे ऑपरेशन का नतीजा है, जो ऑर्गनाइज़्ड ड्रग नेटवर्क को खत्म करने, इंटर-स्टेट नेक्सस की पहचान करने और बार-बार अपराध करने वालों को टारगेट करने पर फोकस करते हैं।पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ट्रैफिकर्स और उनके इकोनॉमिक एसेट्स, दोनों को टारगेट करने का यह दोहरा तरीका लंबे समय में ड्रग सिस्टम को खत्म करने के लिए ज़रूरी है।

उन्होंने आगे कहा, “यह ऑपरेशन एक लगातार मिशन के तौर पर चलाया जा रहा है। ड्रग्स के खतरे को खत्म करने और पंजाब के युवाओं की सुरक्षा के लिए हर मुमकिन कोशिश की जा रही है।” ‘ युद्ध नशेयों विरुद्ध’ कैंपेन में एक मज़बूत आर्थिक ऑपरेशन का हिस्सा भी शामिल है, जिसका मकसद ड्रग नेटवर्क की आर्थिक रीढ़ तोड़ना है।

कपूरथला पुलिस ने 48 मामलों में कार्रवाई शुरू की, जिसमें ड्रग एक्टिविटी से जुड़ी ₹9.10 करोड़ से ज़्यादा की संपत्ति शामिल थी। इनमें से ₹8.60 करोड़ की संपत्ति ज़ब्त करने और फ्रीज़ करने के ऑर्डर पहले ही मिल चुके हैं।

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CM भगवंत सिंह मान ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका, बेअदबी विरोधी ऐतिहासिक कानून बनाने की समझ और शक्ति देने के लिए परमात्मा का शुक्राना किया

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 को लागू करने की समझ और शक्ति प्रदान करने के लिए परमात्मा का धन्यवाद किया। उन्होंने इस कानून को बेअदबी करने की कोशिश करने वालों के लिए सख्त सजा सुनिश्चित करने तथा श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा की रक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

आज श्री हरमिंदर साहिब में नतमस्तक होने के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाने की सेवा सौंपने के लिए उनका दिल परमात्मा के प्रति शुक्राने से भरा हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सौभाग्यशाली है कि हमें यह ऐतिहासिक कानून पारित करने का अवसर मिला है, जो भविष्य में ऐसी घिनौनी घटनाओं को रोकने में अहम साबित होगा।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं, जिनकी मान-मर्यादा बनाए रखना हमारा सामूहिक कर्तव्य है। जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन एक्ट-2026 यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को मिसाली सजा का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाएं पंजाब की अमन-शांति, भाईचारे, सांप्रदायिक सद्भाव और सामाजिक एकता को भंग करने के उद्देश्य से रची गई गहरी साजिश का हिस्सा थीं। मुख्यमंत्री ने पुष्टि की कि यह कानून इतनी समझदारी और सख्ती से बनाया गया है कि दोषी ठहराए गए व्यक्ति को मरने तक उम्रकैद की सजा हो सकती है। उन्होंने कहा कि देश के नामी कानूनी विशेषज्ञों से सलाह-मशविरा करने के बाद इस कानून का मसौदा तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कानून ऐसी घटनाओं के खिलाफ मजबूत व्यवस्था के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि दुनिया भर के लोगों और सिख संगत ने पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से पारित इस कानून का स्वागत किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जहां पूरी सिख संगत ने इस कानून का स्वागत किया है, वहीं शिरोमणि कमेटी के आकाओं ने इसका विरोध किया है क्योंकि बेअदबी से जुड़ी घटनाओं में वे स्वयं शामिल रहे हैं।”

चार दिवसीय “शुक्राना यात्रा” का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वह इस ऐतिहासिक कानून को पारित करने की क्षमता और समझ देने के लिए परमात्मा का धन्यवाद करने निकले हैं।

उन्होंने बताया कि श्री आनंदपुर साहिब से शुरू होकर यह यात्रा 9 मई तक जारी रहेगी और यात्रा के दौरान वह तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब के दर्शन करेंगे।

उन्होंने कहा कि इस यात्रा का एकमात्र उद्देश्य परमात्मा का शुक्राना करना है, जिन्होंने हमें मानवता और पंजाब की सेवा के लिए यह बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तेज गर्मी के बावजूद बड़ी संख्या में पहुंचने वाली संगत का दिल से धन्यवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब भर की संगत यात्रा का गर्मजोशी से स्वागत कर रही है क्योंकि पहली बार श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मान-मर्यादा और सम्मान की रक्षा के लिए सख्त और प्रभावी कानून तैयार किया गया है। उन्होंने दोहराया कि पंजाब कैबिनेट और पंजाब विधानसभा दोनों ने सर्वसम्मति से इस कानून को मंजूरी दी है।

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