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Chandigarh

Mohali हुआ High-Tech: AI से Traffic Control हुआ मजबूत, Police Response Speed भी बढ़ी

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पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में मोहाली को एक स्मार्ट और सेफ शहर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शहर में मार्च 2025 से AI-पावर्ड सिटी सर्विलांस एंड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम काम कर रहा है, जिसकी लागत लगभग 21.60 करोड़ रुपये आई है। यह प्रोजेक्ट पंजाब के मॉडर्नाइजेशन और डिजिटल डेवलपमेंट का एक बड़ा हिस्सा माना जा रहा है।

400 से ज्यादा AI कैमरे, Live Monitoring 24×7

इस सिस्टम के तहत मोहाली में 400+ हाई-टेक CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों में:

  • ANPR (Automated Number Plate Recognition)
  • E-Challan System
  • Real-time Video Monitoring

जैसी एडवांस्ड सुविधाएं मौजूद हैं।

कंट्रोल रूम में पुलिस और ट्रैफिक टीम लाइव कैमरा फीड और डेटा डैशबोर्ड की मदद से 24 घंटे निगरानी रख रही है। इससे ट्रैफिक कंट्रोल भी बेहतर हुआ है और पुलिस की response speed में भी काफी सुधार आया है।

पहले ही हफ्ते में 1.40 करोड़ का जुर्माना

AI सिस्टम शुरू होते ही ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सीधी कार्रवाई शुरू हुई।

  • सिर्फ पहले 7 दिनों में ही 1.40 करोड़ रुपये के ई-चालान काटे गए।
  • अब रोजाना 5,000 से 6,000 ई-चालान जारी हो रहे हैं।

इससे दो फायदे हुए:

  1. लोग नियमों का ज्यादा पालन करने लगे, क्योंकि कैमरे ऑटोमेटिक चालान भेज रहे हैं।
  2. सरकार की आय बढ़ी और ट्रैफिक अनुशासन मजबूत हुआ।

AI सिस्टम ने रोड सेफ्टी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स में बढ़ाया सुधार

AI कैमरे सिर्फ चालान ही नहीं करते, बल्कि सड़क हादसों को रोकने में भी मदद कर रहे हैं।

  • किसी भी इमरजेंसी की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम तक पहुंच जाती है।
  • पुलिस और अन्य एजेंसियां तुरंत मौके पर भेजी जाती हैं।

इससे दुर्घटनाओं में कमी और फौरन मदद मिलने जैसी चीजों में सुधार देखने को मिला है।

अपराध नियंत्रण में भी मिल रही मदद

AI कैमरे रात-दिन शहर में होने वाली गतिविधियों पर नजर रखते हैं।

  • संदिग्ध वाहनों की पहचान
  • गलत पार्किंग
  • रोड ब्लॉक
  • चोरी या क्राइम की स्थिति में तुरंत अलर्ट

जैसी सुविधाओं की वजह से पुलिस को केस सुलझाने में आसानी हो रही है।

पंजाब को Smart State बनाने की ओर बड़ा कदम

सीएम भगवंत मान का कहना है कि यह सिस्टम सिर्फ ट्रैफिक के लिए नहीं, बल्कि:

  • अपराध नियंत्रण
  • शहर प्लानिंग
  • इमरजेंसी मैनेजमेंट
  • डेटा-बेस्ड फैसलों

के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है।

सरकार इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाकर पंजाब के अन्य शहरों में भी लागू करने की तैयारी कर रही है। इसका लक्ष्य ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच की खाई कम करना और एक inclusive development model तैयार करना है।

नागरिकों का फीडबैक: सफर आसान, जाम कम

लोगों ने बताया कि AI सिस्टम आने के बाद:

  • ट्रैफिक जाम में कमी आई
  • गलत पार्किंग कम हुई
  • रोड सेफ्टी बढ़ी
  • यात्रा अब ज्यादा स्मूथ और सुरक्षित हुई

AI से मिलने वाला डेटा भविष्य की योजनाओं में भी मदद कर रहा है, जैसे नई सड़कें, ट्रैफिक सिग्नलों का बेहतर प्रबंधन और भीड़ वाली जगहों में सुधार।

मोहाली का AI ट्रैफिक सिस्टम पंजाब सरकार की प्रगतिशील सोच और टेक-फ्रेंडली अप्रोच का मजबूत उदाहरण है। इस प्रोजेक्ट ने शहर को ज्यादा सुरक्षित, स्मार्ट और अनुशासित बनाया है। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में पूरे पंजाब को इस तरह की आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए, जिससे नागरिकों का जीवन और भी सुरक्षित और आसान बन सके।

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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

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पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद

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चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।

पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा

जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।

घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।

CCTV में कैद हुआ तेंदुआ

सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।

सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।

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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी

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चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।

प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।

1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट

प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।

ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी

सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।

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