Chandigarh
Chief Minister Bhagwant Mann का Japan दौरा: Punjab में Investment लाने की बड़ी कोशिश, 25 Japanese Companies से सीधी बातचीत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज से जापान के 10 दिवसीय आधिकारिक दौरे पर रवाना हो रहे हैं। यह दौरा इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि पंजाब सरकार इस बार पारंपरिक investment summit की जगह सीधे विदेशी कंपनियों के पास जाकर निवेश की अपील कर रही है। सरकार का मानना है कि अब समय आ गया है कि हम इंतजार करने की बजाय खुद बड़े निवेशकों के दरवाजे पर दस्तक दें।
10 दिन, दो बड़े शहर, 25 कंपनियों से मुलाकात
इस दौरे में मुख्यमंत्री मान टोक्यो और साप्पोरो शहर जाएँगे। उनके साथ उद्योग मंत्री, मुख्य सचिव और एक विशेषज्ञ टीम भी है।
यात्रा के दौरान कुल 25 बड़ी जापानी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात तय की गई है। इनमें ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर की कंपनियां शामिल हैं।
जापानी कंपनियां अपनी high-quality technology, अनुशासन और लंबे समय तक निवेश की नीति के लिए पूरी दुनिया में मशहूर हैं। अगर ये कंपनियां पंजाब में आती हैं, तो राज्य में रोजगार और इंडस्ट्री दोनों को बड़ा फायदा हो सकता है।
सरकार की नई रणनीति: सीधे जाकर निवेश बुलाना
भगवंत मान सरकार की यह रणनीति पारंपरिक तरीकों से बिल्कुल अलग है। आम तौर पर राज्य सरकारें बड़े-बड़े इन्वेस्टमेंट मीटिंग करवाती हैं, लेकिन इस बार सरकार ने फैसला किया है कि निवेशकों तक खुद पहुँचा जाए।
एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री के मुताबिक, “अब सिर्फ बैठकर निवेशकों के आने का इंतजार नहीं किया जा सकता। पंजाब की यह कोशिश दिखाती है कि सरकार अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए गंभीर है।”
जापान के लिए खास तैयारियाँ
सरकार ने जापानी कंपनियों को आकर्षित करने के लिए कई विशेष प्रस्ताव भी तैयार किए हैं, जैसे—
- जमीन आवंटन में सुविधा
- करों में राहत
- Single window system
- तेज और आसान इजाज़त प्रक्रिया
- Punjab की लोकेशन, दिल्ली के पास होने और अच्छी रोड कनेक्टिविटी का फायदा
सरकार की यह टीम कंपनियों को बताएगी कि पंजाब में कुशल युवा, बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर और बड़ा मार्केट उपलब्ध है।
पंजाब में किए गए सुधारों का फायदा
पिछले दो सालों में मान सरकार ने कई कदम उठाए हैं, जिनसे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है—
- भ्रष्टाचार पर सख्ती
- सरकारी कामकाज में पारदर्शिता
- Ease of Doing Business सुधार
- उद्योगों के लिए नई नीतियाँ
सरकार चाहती है कि यह सुधार अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाई दें और जापानी कंपनियां पंजाब को अपने अगले निवेश गंतव्य के रूप में देखें।
साप्पोरो: तकनीक और स्टार्टअप का केंद्र
साप्पोरो शहर स्टार्टअप्स और टेक कंपनियों के लिए काफी मशहूर है।
यहाँ कई ऐसी कंपनियां हैं जो विदेशों में विस्तार करना चाहती हैं।
मुख्यमंत्री का यहाँ का कार्यक्रम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मध्यम आकार की कंपनियां जल्दी निवेश का फैसला कर सकती हैं।
लोगों और व्यापारियों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर युवाओं में इस दौरे को लेकर काफी उत्साह है।
कई युवा उम्मीद कर रहे हैं कि इस दौरे से पंजाब में रोजगार के नए अवसर आएंगे।
एक स्थानीय उद्यमी ने कहा—
“ऐसे मुख्यमंत्री की जरूरत थी जो केवल घोषणाएं न करे, बल्कि खुद जाकर बड़े उद्योगपतियों से मिले। यह दौरा सही दिशा में बड़ा कदम है।”
व्यापारिक संगठनों ने भी मान सरकार की इस पहल का स्वागत किया है।
पंजाब की बड़ी योजना: उत्तर भारत का प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनना
मान सरकार का लक्ष्य पंजाब को उत्तर भारत का एक बड़ा औद्योगिक हब बनाना है।
हाल के महीनों में कई नए इंडस्ट्रियल पार्कों का ऐलान हुआ है और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर भारी बजट खर्च किया जा रहा है।
अगर जापानी कंपनियों का निवेश आता है, तो इन योजनाओं को और तेजी मिलेगी। साथ ही, यह अन्य देशों के निवेशकों के लिए भी सकारात्मक संकेत होगा।
दौरे का महत्व
यह यात्रा सिर्फ एक राजनीतिक यात्रा नहीं है बल्कि पंजाब की आर्थिक ताकत बढ़ाने की एक बड़ी कोशिश है।
10 दिनों का पूरा कार्यक्रम, 25 कंपनियों के साथ मीटिंग, और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी यह दिखाती है कि सरकार इस मिशन को कितनी गंभीरता से ले रही है।
अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि इस दौरे के क्या नतीजे निकलते हैं।
पंजाब के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि यह यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था और रोजगार के भविष्य के लिए एक बड़ा बदलाव साबित होगी।
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
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