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CJI Surya Kant का बड़ा कदम: Supreme Court में VIP culture खत्म, Senior lawyers के shortcuts और influence पर रोक
भारत के चीफ जस्टिस (CJI) Surya Kant ने सुप्रीम कोर्ट में VIP Culture और गैर-ज़रूरी रुकावटों को पूरी तरह खत्म करने का ऐलान किया है। कोर्ट में अब “मैं पहला हूँ, मेरा केस पहले सुनो” जैसी चीजें नहीं चलेगी। इससे कोर्ट की प्रक्रिया ज़्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष हो जाएगी।
VIP Culture खत्म, नए नियम लागू
- अब सुप्रीम कोर्ट में कोई भी केस अगर urgent है, तो उसे oral mention या जोर-जबरदस्ती से नहीं बल्कि written process के जरिए ही लिस्ट किया जाएगा।
- Senior lawyers अब “Take my case first” जैसी बातें नहीं कर पाएंगे।
- Junior lawyers को भी साफ चेतावनी दी गई है कि केस की मांग सिर्फ exceptional situations में ही की जा सकती है।
यानी अब हर किसी को equal chance मिलेगा और कोई shortcut नहीं चलेगा।
Automatic listing: urgent cases जल्दी सुनवाई के लिए
- CJI ने कहा कि urgent cases जैसे बेल, हिबीस कॉर्पस, मौत की सजा या eviction-related cases, automatic listing में आएंगे।
- ऐसे cases, अगर registry में submit किए गए हैं, तो 2 working days में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध होंगे।
- सामान्य cases अब routine process से ही सूचीबद्ध होंगे। इससे line jumping और favoritism पूरी तरह खत्म होगा।
क्यों ये बदलाव ज़रूरी थे?
- लंबे समय से complaints आती रही हैं कि सुप्रीम कोर्ट में lobby और influence के आधार पर कुछ cases तुरंत सुनवाई में आ जाते थे।
- इससे आम लोगों या छोटे वकीलों का न्याय मिलने में delay होता था।
- CJI Surya Kant का कहना है कि कोर्ट में लंबित मामलों की संख्या बहुत ज़्यादा है, और ये reforms justice delivery को तेज और fair बनाएंगे।
NJAC और Collegium system पर संकेत
- CJI Surya Kant ने ये भी संकेत दिए हैं कि Supreme Court Collegium system पर पुनर्विचार कर सकता है और NJAC (National Judicial Appointments Commission) को फिर से लागू करने पर विचार हो सकता है।
- अगर ये हुआ, तो judges की appointments process में transparency और democratic participation बढ़ सकता है।
- ये संकेत legal ecosystem में बहुत बड़ी खबर माने जा रहे हैं क्योंकि इससे judiciary की व्यवस्था में बड़ा बदलाव हो सकता है।
CJI Surya Kant का नया अंदाज़
- Surya Kant ने 24 नवंबर 2025 को भारत के 53वें CJI के रूप में शपथ ली।
- पहले ही दिन उन्होंने 17 cases की सुनवाई की और दिखा दिया कि ये reforms सिर्फ बातों तक नहीं, action में भी हैं।
- उनके फैसले और सुधारों से कोर्ट में कमीशन, favoritism, और लंबित मामलों की समस्या पर असर पड़ेगा।
नए नियमों का असर
- अब कोई भी lawyer सिर्फ अपना influence दिखाकर case नहीं जल्दी सुना सकता।
- हर urgent matter की automatic listing होगी, जिससे आम जनता को भी justice जल्दी मिलेगा।
- Collegium system के बदलने की संभावनाओं से judges की appointments और judiciary की transparency पर बड़ा असर पड़ सकता है।
CJI Surya Kant के ये reforms साबित करते हैं कि Supreme Court को modern, transparent और fair बनाने का काम शुरू हो गया है। Legal world में ये बदलाव system-shaking माने जा रहे हैं और आने वाले दिनों में इनका असर हर level पर देखने को मिलेगा।
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पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायक पूरी ज़िम्मेदारी लें और हर गांव की रोज़ की जवाबदेही सुनिश्चित करें: Manish Sisodia
आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अमृतसर में ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम के तहत पार्टी नेताओं, विधायकों, ब्लॉक इंचार्ज और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए विधायकों को पूरी जिम्मेदारी लेनी होगी और हर गांव की रोजाना जवाबदेही पक्की करनी होगी। उन्होंने पूरे पंजाब में नशे के खिलाफ एक मजबूत और मिशन-मोड लड़ाई की अपील की, और इस बात पर जोर दिया कि ‘आप’ की नींव संघर्ष और कुर्बानी में है, न कि पावर या सुविधाओं में।
भारी सभा को संबोधित करते हुए, आप के सीनियर नेता मनीष सिसोदिया ने कहा, “आम आदमी पार्टी जंतर-मंतर पर अरविंद केजरीवाल जी, हम सभी और आप में से कई लोगों के सहयोग से 14 दिन की भूख हड़ताल से निकली है। यह पार्टी सत्ता का आनंद लेने या विधायक मंत्री बनने के लिए ड्राइंग रूम में नहीं बनी। यह संघर्ष से पैदा हुई पार्टी है और हमने कभी हिम्मत नहीं हारी है।”
दिल्ली सरकार के सामने आई चुनौतियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में सरकार बनने के बाद पहला हमला केंद्र सरकार द्वारा किया। जब अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री बने, तो हमने तहसीलदार से लेकर एसडीएम तक, सभी लेवल पर भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की पॉलिसी अपनाई। केंद्र को खतरा महसूस हुआ और उसने दिल्ली सरकार से एंटी-करप्शन ब्रांच (एसीबी) छीन ली। बाद में आईएएस अधिकारियों से लेकर शिक्षकों और सेवादारों तक के ट्रांसफर की पावर भी छीन ली गई। सभी पावर छीन लेने के बावजूद, हमने काम करना जारी रखा और नतीजे दिए।
उन्होंने आगे कहा कि सत्ता जाने के बाद भी, हमने ऐसे स्कूल और अस्पताल बनाए जो भारत में पहले कभी नहीं देखे गए। हमने बिजली और पानी पर ऐसी नीतियां लागू कीं जो एक मिसाल बन गईं। अरविंद केजरीवाल कह सकते थे कि वह शक्तियों के बिना काम नहीं कर सकते, लेकिन उन्होंने करके दिखाया। यही वजह है कि दिल्ली के लोगों ने उन्हें 2020 में 70 में से 62 सीटें दीं।”
आप नेताओं को राजनीति तौर पर निशाना बनाने के बारे में मनीष सिसोदिया ने कहा कि ईमानदारी की इस इमेज को तोड़ने के लिए नरेंद्र मोदी जी ने अरविंद केजरीवाल को भ्रष्ट साबित करने की कोशिश की। सत्येंद्र जैन को झूठे केस में गिरफ्तार किया गया। मुझ पर भी कथित शराब घोटाले का आरोप लगाया गया। पहले उन्होंने 10,000 करोड़ कहा, फिर 1,000 करोड़, फिर 100 करोड़ और कोर्ट में यह ज़ीरो हो गया। कोर्ट ने कहा कि कोई केस नहीं है।
हिम्मत बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि आपमें हिम्मत होनी चाहिए। यह एक दिन की लड़ाई नहीं है। यह एक लंबी लड़ाई है। आप गुरुओं और शहीदों की धरती पर पैदा हुए हैं। आपको वहीं से ताकत लेनी चाहिए। आज हम अपने लिए नहीं बल्कि अपने बच्चों के लिए लड़ रहे हैं। क्या आप गारंटी दे सकते हैं कि 10 साल बाद आपका बच्चा नशे में नहीं पड़ेगा? गारंटी बस यही है कि हम सब मिलकर पंजाब को नशा मुक्त बनाएं।
विधायकों और लोकल लीडरशिप को सीधे संबोधित करते हुए पंजाब आप प्रभारी ने कहा कि अगर एक भी गांव या एक भी वार्ड में नशा बिक रहा है, तो आपको नींद नहीं आनी चाहिए। कोई विधायक अपने ब्लॉक इंचार्ज को फोन करके क्यों नहीं पूछता कि क्या हो रहा है? विधायक खुद गांव क्यों नहीं जाता? ज़िम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।
उन्होंने जवाबदेही और तालमेल की अहमियत पर जोर देते हुए कहा, “24 मार्च से 31 मार्च तक सभी ब्लॉकों में मीटिंगें की जाएंगी। हर VDC रिपोर्ट देगी कि उनका गांव नशा मुक्त है या नहीं और किस हद तक नशा अभी भी बाकी है। अगर नशा बिक रहा है तो जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए। विधायक और हलका इंचार्ज ब्लॉक इंचार्जों का पूरा साथ दें।”
इस मुहिम के सामूहिक स्वरूप के बारे में उन्होंने कहा, “पंजाब में पहली बार सरकार, पुलिस और जनता ‘नशों के खिलाफ जंग’ जैसी मुहिम में ईमानदारी से मिलकर काम कर रहे हैं। पहले ऐसा समय था जब मंत्री भी नशा तस्करी में शामिल होते थे और माफिया की बजाय ईमानदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती थी। आज अरविंद केजरीवाल जी और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की स्पष्ट हिदायत है कि नशों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने ‘आप’ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए कहा, “अगर ‘आप’ का कोई दूर का कार्यकर्ता भी नशा तस्करी से जुड़ा पाया जाता है या नशा तस्करों से उसके संबंध पाए जाते हैं, तो उसे जेल भेजा जाना चाहिए। पार्टी और शासन दोनों में जीरो टॉलरेंस लागू होनी चाहिए।”
मनीष सिसोदिया ने शिकायतों के लिए गोपनीय रिपोर्टिंग प्रणाली के बारे में बताते हुए कहा, “शिकायतों के लिए तैयार की गई ऐप पूरी तरह गोपनीयता सुनिश्चित करती है। यहां तक कि मंत्री, कमिश्नर या मुख्यमंत्री को भी यह पता नहीं चल सकता कि जानकारी किसने दी है। सिर्फ की गई कार्रवाई को ही ट्रैक किया जा सकता है। इसलिए लोग निडर होकर रिपोर्ट करें।”
भावुक अपील करते हुए उन्होंने कहा, “अगर हम पंजाब के हर गांव और शहर को नशा मुक्त नहीं कर सकते, तो हमारा राजनीति में होना बेमानी है। अरविंद केजरीवाल इस बारे में बहुत गंभीर हैं और कहते हैं कि अगर हम असफल रहे तो हमें शर्म महसूस करनी चाहिए।”
उन्होंने पंजाब की आध्यात्मिक और क्रांतिकारी विरासत का हवाला देते हुए कहा, “यह गुरु साहिबान की, सेवा और हिम्मत की धरती है। यह शहीद-ए-आजम भगत सिंह, ऊधम सिंह, करतार सिंह सराभा और मदन लाल ढींगरा की धरती है। उनसे प्रेरणा लो। अगर शहीद-ए-आजम भगत सिंह हिचकिचाते तो आज हम कहां होते? अगर जरूरत पड़े तो नशा तस्करों को 40 बार जेल भेजो, लेकिन रुको मत।”
पार्टी नेताओं को सख्त संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “अगर आपमें नशा माफिया से टक्कर लेने की हिम्मत नहीं है, तो अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा मत करो। पार्टी छोड़ दो। यह पार्टी लड़ने के लिए बनी है।”
अपना निजी अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “CBI ने मेरे घर छापा मारा, अलमारियां खंगालीं, यहां तक कि पैसों की तलाश में तकिए भी फाड़ दिए। मैंने तीन साल तक झूठे आरोपों का बोझ उठाया। मुझसे पार्टी छोड़ने और विधायकों को तोड़ने के लिए कहा गया। लेकिन अरविंद केजरीवाल को छोड़ने का मतलब है ईमानदारी और शिक्षा के जरिए राष्ट्र निर्माण के सपने को छोड़ना। मैंने नहीं छोड़ा और आपको भी नहीं छोड़ना चाहिए।”
भविष्य की रणनीति की बात करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि 31 मार्च के बाद वह गांव-गांव की प्रगति का जायजा लेने के लिए निजी तौर पर ब्लॉक इंचार्जों और विधायकों से मिलेंगे। हर हलके को यह डेटा पेश करना होगा कि कितने गांव नशा मुक्त हो गए हैं और नशों को पूरी तरह खत्म करने के लिए समय-सीमा तय करनी होगी। यह लड़ाई सिर्फ लड़नी ही नहीं, बल्कि जीतनी भी है।
उन्होंने भरोसा जताया कि पूरी टीम नए इरादे के साथ लौटेगी और सामूहिक कोशिशों तथा दृढ़ संकल्प के साथ नशा मुक्त पंजाब का निर्माण करेगी।
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अरविंद केजरीवाल-मनीष सिसोदिया ने HC के चीफ जस्टिस को लिखी चिट्ठी, कर दी ये बड़ी मांग
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और दिल्ली आबकारी नीति मामले के कई अन्य आरोपियों ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है। उन्होंने इस मामले को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत से किसी अन्य बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की है।
पत्र में उन्होंने तर्क दिया है कि निष्पक्षता सुनिश्चित करने और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए मामले की सुनवाई एक निष्पक्ष बेंच द्वारा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि इसी आबकारी मामले में जज द्वारा पारित कई आदेशों को सुप्रीम कोर्ट ने पलट दिया है।
अपने पत्र में दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह अनुरोध एक गंभीर और वास्तविक चिंता के कारण किया गया है। उन्हें डर है कि इस मामले में पूरी तरह से निष्पक्ष सुनवाई नहीं हो पाएगी। उन्होंने मांग की है कि सीबीआई बनाम कुलदीप सिंह और अन्य मामले को किसी अन्य बेंच के सामने रखा जाए। इससे न्याय प्रणाली में निष्पक्षता और जनता का विश्वास बना रहेगा।
पत्र में बताया गया है कि 17 अगस्त 2022 को दर्ज सीबीआई एफआईआर में अरविंद केजरीवाल को आरोपी नंबर 18 बनाया गया था। उन्हें 26 जून 2024 को गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत ने 23 आरोपियों से जुड़ी पांच चार्जशीट पर लगभग दो महीने तक आरोपों पर बहस सुनी। इसके बाद 12 फरवरी 2026 को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। 27 फरवरी 2026 को विशेष सीबीआई अदालत ने एक विस्तृत आदेश पारित किया। इसमें सभी 23 आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया गया।
दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यवाही का हवाला देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई ने आरोप मुक्त करने के आदेश को चुनौती देते हुए लगभग 50 पन्नों की एक रिवीजन याचिका दायर की है। हालांकि पत्र के अनुसार, इस याचिका में निचली अदालत के निष्कर्षों या सबूतों में किसी भी विशिष्ट गलती को उजागर नहीं किया गया है। ऐसा कोई कारण नहीं बताया गया है, जिससे आरोप मुक्त करने के आदेश को रद्द किया जा सके।
उन्होंने आगे कहा कि 9 मार्च 2026 को पहली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने नोटिस जारी किया। हाई कोर्ट ने आरोप मुक्त किए गए आरोपियों को सुने बिना ही प्रथम दृष्टया यह विचार दर्ज कर लिया कि निचली अदालत का विस्तृत आदेश गलत था। हाई कोर्ट ने जांच अधिकारी के खिलाफ निचली अदालत की टिप्पणियों और निर्देशों पर भी रोक लगा दी। इनमें संभावित विभागीय कार्रवाई से संबंधित निर्देश भी शामिल थे। जबकि सीबीआई ने केवल सीमित रोक की मांग की थी।
अरविंद केजरीवाल ने यह भी बताया कि हाई कोर्ट ने संबंधित प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले की सुनवाई कर रही निचली अदालत को भी कार्यवाही स्थगित करने का निर्देश दिया। यह निर्देश तब तक के लिए है जब तक हाई कोर्ट सीबीआई की रिवीजन याचिका पर विचार नहीं कर लेता। पत्र में कहा गया है कि ईडी रिवीजन कार्यवाही में कोई पक्षकार नहीं था। सीबीआई ने भी ऐसी कोई राहत नहीं मांगी थी।
पत्र में तर्क दिया गया है कि आरोप मुक्त किए गए आरोपियों को सुने बिना शुरुआती चरण में ऐसे निर्देश जारी करना चिंता पैदा करता है। इससे यह सवाल उठता है कि क्या रिवीजन याचिका की जांच आवश्यक न्यायिक तटस्थता के साथ की जाएगी। इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि इस मामले में कई चार्जशीट और 23 आरोपी शामिल हैं। इसके बावजूद जवाब दाखिल करने के लिए केवल एक सप्ताह का समय दिया गया। पत्र में इसे इतने बड़े मामले में असामान्य जल्दबाजी बताया गया है।
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि इसी बेंच ने पहले आबकारी नीति मामले से जुड़े कई केसों पर फैसला सुनाया था। इनमें संजय सिंह, अरविंद केजरीवाल, अमनदीप सिंह ढल्ल, के. कविता और मनीष सिसोदिया की जमानत याचिकाएं शामिल हैं। पत्र के अनुसार उन मामलों में अदालत ने अभियोजन पक्ष के आरोपों को स्वीकार करते हुए व्यापक प्रथम दृष्टया टिप्पणियां की थीं। इनमें सरकारी गवाहों के बयानों पर भरोसा करना, कथित नीतिगत हेरफेर, कथित रिश्वत और मनी ट्रेल की अनुपस्थिति से संबंधित मुद्दे शामिल थे।
पत्र में यह भी बताया गया है कि हालांकि इनमें से कुछ मामले ईडी की कार्यवाही से उत्पन्न हुए थे। लेकिन वे कार्यवाहियां उसी सीबीआई एफआईआर पर आधारित थीं। उनमें वही बुनियादी आरोप शामिल थे जो अब आरोप मुक्त करने के आदेश के खिलाफ सीबीआई की रिवीजन याचिका के केंद्र में हैं।
पत्र में आगे कहा गया है कि इनमें से कई फैसलों को बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों को राहत दी थी। पत्र के अनुसार, इससे यह चिंता और मजबूत होती है कि इसी विवाद से जुड़े मामलों में अपनाया गया पिछला दृष्टिकोण पहले ही कानूनी रूप से कमजोर पाया जा चुका है।
पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि ट्रांसफर का अनुरोध जज के खिलाफ किसी व्यक्तिगत आरोप पर आधारित नहीं है। यह इस कानूनी सिद्धांत पर आधारित है कि अदालतों को यह भी विचार करना चाहिए कि क्या परिस्थितियां किसी निष्पक्ष वादी को पक्षपात की संभावना महसूस करा सकती हैं।
पत्र में अरविंद केजरीवाल बनाम सीबीआई मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणियों का भी जिक्र किया गया है। वहां कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी की टाइमिंग पर सवाल उठाया था। सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि सीबीआई को 22 महीने तक उन्हें गिरफ्तार करना जरूरी नहीं लगा था। जब ईडी मामले में उन्हें रिहा किया जाने वाला था, तब अचानक उन्हें गिरफ्तार करने की जल्दबाजी काफी संदिग्ध लगती है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। कोर्ट ने कहा था कि सीबीआई को न केवल निष्पक्ष होना चाहिए बल्कि निष्पक्ष दिखना भी चाहिए। कानून के शासन वाले लोकतंत्र में जनता की धारणा एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
आवेदकों ने कहा कि ट्रांसफर के अनुरोध का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मामले की सुनवाई तटस्थता के साथ हो। न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना भी इसका उद्देश्य है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य-सूची के प्रमुख के रूप में मुख्य न्यायाधीश के पास मामलों को आवंटित करने और उन्हें उचित बेंचों को सौंपने का अधिकार है।
अपनी प्रार्थना में अरविंद केजरीवाल ने न्याय के हित में सीबीआई बनाम कुलदीप सिंह और अन्य रिवीजन याचिका को ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। उन्होंने न्याय प्रक्रिया की निष्पक्षता में विश्वास बनाए रखने के लिए मामले को जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत से किसी अन्य उचित बेंच में ट्रांसफर करने की मांग की है।
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‘तानाशाह सरकार को उखाड़ फेंकेंगे’, जंतर मंतर से Kejriwal की हुंकार, बोले-आज से शुरू हुई BJP की उल्टी गिनती
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने रविवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़ी रैली में देशवासियों को संबोधित किया. उन्होंने मोदी सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के 140 करोड़ लोग एकजुट होकर इस सरकार को उखाड़ फेंकेंगे. केजरीवाल ने कहा कि भाजपा वाले सत्ता की राजनीति करेंगे, लेकिन हम जनता के लिए काम करेंगे. आज से बदलाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. उन्होंने खुद की ईमानदारी पर जोर देते हुए कहा कि मोदी जी दिल्लीवालों के ‘बेटे’ को भ्रष्ट बताते रहे, लेकिन अदालत ने साफ कर दिया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार था, है और रहेगा.
रैली में केजरीवाल ने मोदी सरकार पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
रैली में दिल्ली, पंजाब, गुजरात, गोवा समेत कई राज्यों से आए आप नेता, कार्यकर्ता और हजारों आम लोग शामिल हुए. सभी ने ‘पढ़ा-लिखा दमदार है, मेरा केजरीवाल कट्टर ईमानदार है’ के नारे लगाए. केजरीवाल ने अपनी गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि इससे संदेश दिया गया कि अगर कोई ईमानदारी से काम करेगा, तो उसका केजरीवाल जैसा हाल कर दिया जाएगा. उन्होंने मोदी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर मोदी जी को सच में भ्रष्टाचार खत्म करना है, तो गुजरात में अवैध शराब, जमीन सौदों और गिरते पुलों पर कार्रवाई करके दिखाएं.
केजरीवाल ने दिल्ली में भाजपा सरकार के वादों को झूठा बताया
केजरीवाल ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार से तंग आकर लोगों द्वारा मोदी को पूर्ण बहुमत देने की बात की. लेकिन आज देश का हर क्षेत्र बर्बाद हो चुका है. उन्होंने दिल्ली में भाजपा सरकार के वादों को झूठा बताया, जैसे महिलाओं को 2500 रुपये देने और बस मार्शलों को नियमित करने का. केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ने नौकरियां देने की बजाय हजारों लोगों को नौकरी से निकाल दिया. एक साल में दिल्ली बर्बाद हो गई. सड़कें टूटी हैं, गंदा पानी आ रहा है, बिजली कटौती हो रही है.
केजरीवाल ने मोदी और अमित शाह पर दिल्लीवालों को परेशान करने का आरोप लगाया
उन्होंने कहा कि पिछले चार साल से मोदी और शाह ने साजिश रचकर दिल्ली के लोगों को दुखी किया. मुझे चोर, भ्रष्टाचारी और शराब घोटाले का आरोपी बताया गया है. मीडिया में दिनभर डिबेट चलते थे, लेकिन जज ने फैसला दिया कि मोदी जी झूठ बोल रहे हैं, केजरीवाल ईमानदार है. केस फर्जी है, कोई सबूत नहीं, यह फैसला मोदी, शाह और भाजपा के गाल पर तमाचा है. उन्होंने कहा कि सदियों बाद ऐसा फैसला आया. मोदी और शाह खुद केस मॉनिटर कर रहे थे कि मैं, मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन और संजय सिंह जेल से न छूटें.
केजरीवाल ने अपने जीवन की कहानी सुनाई
उन्होंने कहा कि मैं भारत मां से बहुत प्यार करता हूं। अपना पूरा जीवन देश की सेवा में समर्पित किया. आईआईटी में अच्छे नंबर आए, अमेरिका जा सकता था, लेकिन देश का हाल देखकर रुक गया. अगर सभी पढ़े-लिखे विदेश चले जाएंगे, तो देश को कौन संभालेगा? मैंने इनकम टैक्स विभाग में नौकरी की. एक सीए आया, रिश्वत देने की कोशिश की, लेकिन मैंने मना कर दिया. धीरे-धीरे विभाग में मेरी ईमानदारी की चर्चा हुई. लोग कसमें खाते थे कि केजरीवाल एक पैसा नहीं लेता. फिर किस्मत ने मुझे दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाया. 10 साल रहा, मोदी जी ने जांच करवाई, लेकिन एक रुपये का भ्रष्टाचार नहीं मिला. मैंने हजारों फाइलों पर साइन किए, कोई ठेकेदार कह दे कि मैंने पैसे मांगे, तो राजनीति छोड़ दूंगा. मोदी जी मुझसे नफरत क्यों करते हैं? मैंने उनका क्या बिगाड़ा? मैं सिर्फ ईमानदारी से काम करता हूं. क्योंकि मैं देश से प्यार करता हूं. जब कोई देश से गद्दारी करता है, तो खून खौलता है.
केजरीवाल ने मोदी के 12 साल के शासन की आलोचना
कांग्रेस के घोटालों से तंग आकर लोगों ने मोदी को बहुमत दिया. उम्मीद थी कि देश बदलेगा. लेकिन 12 साल में कुछ नहीं हुआ. लोगों की जिंदगी नहीं सुधरी. सड़कें, पानी, सीवर, बिजली-कुछ नहीं. एयरलाइन, रेलवे, बैंक, स्कूल, अस्पताल सब बर्बाद, देश का बेड़ा गर्क कर दिया. उन्होंने एक बच्चे का उदाहरण दिया. मोदी जी परीक्षा पर चर्चा करते हैं, लेकिन पेपर लीक हो रहे हैं. बच्चों का भविष्य बर्बाद हो रहा है. मोदी जी को नौटंकी बंद करनी चाहिए. पूरे देश में पेपर लीक, लेकिन कार्रवाई नहीं.
केजरीवाल ने सड़कों की हालत पर की बात
दुबई, अमेरिका, टोक्यो, जर्मनी की सड़कें शानदार हैं, गाड़ियां तेज दौड़ती हैं. लेकिन गुजरात में 30 किमी/घंटा की रफ्तार, राजकोट से जूनागढ़ 104 किमी में 4 घंटे लगते हैं, गड्ढों से भरी सड़कें दुनिया चांद पर पहुंच गई, लेकिन मोदी जी से गड्ढे नहीं भरते, सीवर के ढक्कन नहीं लगते, लंदन, टोक्यो, पेरिस साफ-सुथरे हैं, श्रीलंका, भूटान जैसे गरीब देश भी साफ, लेकिन मोदी जी से 12 साल में सफाई नहीं हुई.
प्रदूषण पर केजरीवाल ने सरकार को धेरा
प्रदूषण पर केजरीवाल ने कहा कि 2014 तक बीजिंग में भारत से ज्यादा प्रदूषण था, लेकिन उन्होंने खत्म कर दिया. उत्तर भारत में सांस लेना मुश्किल, मोदी सरकार से प्रदूषण नहीं ठीक हुआ. विकसित भारत छोड़ो, रहने लायक भारत बना दो. लोग सांस तो ले सकें.
केजरीवाल ने मोदी को दी चुनौती
अगर भ्रष्टाचार खत्म करना है, तो कार्रवाई करके दिखाओ. गुजरात में 20 हजार करोड़ की कोकीन पकड़ी गई, कार्रवाई करो, हर साल 30 हजार करोड़ की नकली दारू बिकती है, बंद करो, दोस्त को एक हजार एकड़ जमीन एक रुपये में दी, एक्शन लो, पुल गिरते हैं, सड़कें टूटती हैं, कार्रवाई करो, पेपर लीक पर एक्शन लो, लेकिन मोदी जी नहीं करेंगे, क्योंकि खुद या उनके लोग शामिल हैं. केजरीवाल ने कहा कि भ्रष्टाचारी मैं नहीं, मोदी जी हैं. लेकिन वे सोनम वांगचुक, मेहराज मलिक, नरेश बाल्यान, केजरीवाल, सिसोदिया, संजय सिंह को जेल डालते हैं. सोनम वांगचुक वैज्ञानिक हैं, पद्मश्री मिलना चाहिए. लेकिन मोदी जी उन्हें जेल डालते हैं, क्योंकि डरते हैं. जब तानाशाह पढ़े-लिखों से डरने लगे, तो उसका अंत आ गया. मोदी जी महिलाओं से डरते हैं, संसद नहीं गए क्योंकि पीटने का डर. ट्रम्प से डरते हैं. डर-डर कर कितना जिएंगे?
केजरीवाल ने गिरफ्तारी के संदेश बताए
केजरीवाल ने गिरफ्तारी के संदेश बताए. ईमानदारी से काम करोगे, तो केजरीवाल जैसा हाल होगा. आप ने आम लोगों को टिकट दिए, युवा राजनीति में आए. लेकिन मोदी जी ने संदेश दिया कि राजनीति में मत आओ, नहीं तो हाल बुरा होगा. केजरीवाल ने आप की उपलब्धियां बताईं. देश में उम्मीदें खत्म हो गई थीं. आप ने दिल्ली में स्कूल, अस्पताल, बिजली, पानी, सड़कें ठीक कीं. 140 करोड़ लोगों को उम्मीद दी कि देश सुधर सकता है. लेकिन मोदी जी ने केजरीवाल को गिरफ्तार कर उम्मीदों पर पानी फेरा.
केजरीवाल ने दिल्ली में भाजपा सरकार की आलोचना
केजरीवाल ने दिल्ली में भाजपा सरकार की आलोचना की. एक साल पहले बनी, विधानसभा अध्यक्ष बिजेंद्र गुप्ता ने ट्वीट किया कि 60 दिन में बस मार्शल नियमित होंगे. लेकिन एक साल हो गया, कुछ नहीं. प्रधानमंत्री ने कहा 8 मार्च 2025 से महिलाओं को 2500 रुपये मिलेंगे, लेकिन नहीं मिले. प्रधानमंत्री झूठे हैं, तो देश कैसे तरक्की करेगा? भाजपा ने 10 हजार बस मार्शल, डीटीसी कर्मचारी, मोहल्ला क्लीनिक स्टाफ, डिम्स कर्मचारी, डेटा एंट्री ऑपरेटर निकाल दिए. महंगाई में नौकरी छीनना पाप है. दिल्ली दुखी है. सड़कें टूटी, गंदगी, काला पानी, पावर कट, आप की सरकार में 24 घंटे बिजली थी. अब बर्बादी है, आज चुनाव हो, भाजपा 10 सीट न जीते.
केजरीवाल ने कहा भाजपा की उल्टी गिनती शुरू
केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी को देश चलाना नहीं आता, रुचि नहीं. सिर्फ सत्ता की हवस, सुबह-शाम सत्ता कैसे हथियाएं, षड़यंत्र रचते हैं. ईवीएम, वोटर लिस्ट छेड़छाड़, पैसे बांटना, लोगों को मारना, देश भाड़ में जाए. मोदी जी सत्ता के लिए काम करो, केजरीवाल देश के लिए 4 अप्रैल 2011 को जंतर-मंतर से कांग्रेस का सफाया हुआ. आज 1 मार्च 2026 से भाजपा की उल्टी गिनती शुरू
केजरीवाल के राजनीतिक संघर्ष की नई शुरुआत
यह रैली केजरीवाल के राजनीतिक संघर्ष की नई शुरुआत का प्रतीक बनी. उन्होंने देशवासियों से एकजुट होने की अपील की. ईमानदारी और जनसेवा पर जोर देते हुए कहा कि तानाशाही नहीं चलेगी. देश बदलेगा, जब लोग मिलकर लड़ेंगे. रैली में उत्साह था, लोग नारे लगा रहे थे. केजरीवाल ने कहा कि आप की लड़ाई जारी रहेगी. दिल्ली से शुरू होकर पूरे देश में फैलेगी. मोदी सरकार के खिलाफ जनता का गुस्सा साफ दिखा. उन्होंने गुजरात, दिल्ली और पूरे भारत की समस्याओं पर विस्तार से बात की. प्रदूषण, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, हर मुद्दे पर मोदी को घेरा.
केजरीवाल ने अपनी आईआईटी पढ़ाई और नौकरी के दिनों को याद किया
केजरीवाल ने अपनी आईआईटी पढ़ाई और नौकरी के दिनों को याद किया. कहा कि अमेरिका जाने का मौका था, लेकिन देश के लिए रुके. इनकम टैक्स में ईमानदारी से काम किया. रिश्वत न लेने की वजह से मशहूर हुए. मुख्यमंत्री बनने के बाद भी ईमानदार रहे. मोदी की जांचों में कुछ न मिला. यह साबित करता है कि ईमानदारी जीतती है. उन्होंने युवाओं से अपील की कि राजनीति में आएं, देश बदलें, मोदी का डर न मानें.
केजरीवाल ने पूछा 12 साल के शासन में मोदी ने क्या किया?
केजरीवाल ने पूछा, कांग्रेस के घोटाले से छुटकारा मिला, लेकिन मोदी ने नए घोटाले किए. पेपर लीक, ड्रग्स, जमीन सौदे, गुजरात मॉडल फेल, सड़कें खराब, पुल गिरते, विदेशी देशों से तुलना की. कहा कि गरीब देश भी बेहतर हैं. भारत क्यों पीछे? क्योंकि मोदी को रुचि नहीं. सिर्फ चुनाव जीतना. प्रदूषण पर चिंता जताई. कहा कि सांस लेना मुश्किल, बीजिंग ने सुधारा, हम क्यों नहीं? विकसित भारत का सपना झूठा, पहले रहने लायक बनाओ. भ्रष्टाचार पर चुनौती. गुजरात में ड्रग्स पकड़ी, कार्रवाई क्यों नहीं? नकली दारू बंद क्यों नहीं? दोस्तों को जमीन क्यों दी? पुल क्यों गिरते? पेपर लीक क्यों? क्योंकि मोदी शामिल है.
केजरीवाल ने कहा की मुझे ईमानदारी की सजा मिली जेल
तानाशाही पर केजरीवाल ने कहा, “पढ़े-लिखे लोगों से डरो, सोनम वांगचुक जेल में है. औरतों से डरो, ट्रंप से डरो, अंत करीब है. गिरफ्तारी से संदेश, ईमानदार मत बनो, नौजवानों, राजनीति में मत आओ. लेकिन हम डरेंगे नहीं.” AAP की दिल्ली सरकार की तारीफ. स्कूल और अस्पताल बेहतर किए, उम्मीद जगाई मोदी ने उसे तोड़ दिया. BJP दिल्ली में फेल हो गई, वादे झूठे थे, नौकरियां छीन ली गईं, दिल्ली बर्बाद हो गई, लोग केजरीवाल को याद करते हैं. BJP चुनाव हार जाएगी. मोदी की सत्ता की हवस, देश नहीं चला सकते, साजिश, 2011 की तरह, BJP आज खत्म हो जाएगी.
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