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America का सबसे लंबा ‘Shutdown’ समाप्त: 1.4 Million Employees को 43 दिन बाद मिलेगा वेतन! लेकिन Situation अभी भी पूरी तरह Normal नहीं

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अमरीका में चला 43 दिन लंबा सरकारी Shutdown आखिरकार खत्म हो गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फंडिंग बिल पर साइन कर दिए हैं, जिसके बाद फेडरल सरकार ने दोबारा काम शुरू कर दिया है। यह अमरीकी इतिहास का सबसे लंबा Shutdown था।

इस Shutdown की वजह से न सिर्फ सरकारी दफ्तर बंद रहे बल्कि लाखों कर्मचारियों की ज़िंदगी भी प्रभावित हुई। अब सरकार चल तो पड़ी है, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य होने में अभी भी समय लगेगा।

1. 14 लाख सरकारी कर्मचारियों की सैलरी का रास्ता खुला

Shutdown के दौरान करीब 1.4 मिलियन (14 लाख) फेडरल कर्मचारी बिना सैलरी के रहे।

  • आधे कर्मचारी बिना तनख़्वाह के काम करते रहे
  • बाकी आधों को “furlough” पर घर बैठना पड़ा

अब सरकार खुलते ही इन सबको बकाया सैलरी (back pay) मिलेगी। ज़्यादातर कर्मचारियों को आने वाले कुछ दिनों में पैसा मिलने लगेगा। कुछ को उनकी agency के हिसाब से थोड़ी देरी भी हो सकती है।

2. बिल में क्या-क्या है?

  • सरकार को 31 जनवरी तक फंडिंग मिलेगी।
  • इस दौरान कोई लेऑफ नहीं होगी, यानी कर्मचारियों की छंटनी पर रोक।
  • Shutdown खत्म करने वाला यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 222–209 मतों से पास हुआ था।
  • लेकिन इसमें Obamacare (ACA Subsidy) के प्रीमियम टैक्स क्रेडिट को 2025 के बाद बढ़ाने का कोई वादा नहीं किया गया। इस पर Democrats अभी भी लड़ाई जारी रखेंगे।

3. Shutdown खत्म, लेकिन सब कुछ नॉर्मल नहीं होगा

सरकार तो खुल गई है, पर हर विभाग तुरंत पुराने ढर्रे पर वापस नहीं आ पाएगा।

Federal Offices

OMB (Office of Management and Budget) ने सभी एजेंसियों को आदेश दिया है कि कर्मचारी तुरंत काम पर लौटें और दफ्तर सुचारू तरीके से खोलें।

4. Food Assistance (SNAP) Program

अमरीका के करीब 42 मिलियन लोग SNAP (food stamp) program पर निर्भर हैं।
Shutdown के दौरान कई राज्यों में लोगों को

  • पूरा राशन
  • आधा राशन
  • या बिल्कुल भुगतान
    नहीं मिल पाया था।

अब सरकार खुलने के बाद SNAP दोबारा शुरू होगा, लेकिन हर राज्य में payments नॉर्मल होने में समय लगेगा। SNAP की फंडिंग इस बिल में सितंबर 2026 तक के लिए पास हुई है।

5. Smithsonian Museums और National Zoo खोलने की तैयारी

Shutdown के दौरान यह दुनिया के सबसे बड़े म्यूज़ियम नेटवर्क बंद थे। अब:

  • American History Museum
  • Air and Space Museum
  • Udvar-Hazy Center
    शुक्रवार से खुलेंगे
    बाकी सभी म्यूज़ियम और Zoo सोमवार तक rolling basis पर खुल जाएंगे।

6. Air Travel पर भारी असर — Flights अभी भी पूरी तरह नॉर्मल नहीं

Air traffic controllers बिना सैलरी काम कर रहे थे, जिससे एयरपोर्ट्स पर बड़ी दिक्कतें आईं।

  • Flights 4–10% तक कम की गईं थीं
  • अभी 6% की कटौती लागू है
    FAA का कहना है कि वे हालात सुधारने में लगे हैं, लेकिन सबकुछ नॉर्मल होने में समय लगेगा
    Thanksgiving जैसे busy travel time पर इसका असर दिख सकता है।
    Controller को 48 घंटों में उनकी backpay का 70% मिल जाएगा।

7. National Parks को भारी नुकसान

Shutdown के दौरान कई national parks खुले जरूर रहे, लेकिन:

  • स्टाफ की भारी कमी थी
  • सफाई और मेंटेनेंस नहीं हो पा रहा था
  • Visitor fees नहीं मिल पाई
    इससे पार्कों को बड़ा आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा और अब इन्हें पूरी तरह ठीक करने में कई महीने लग सकते हैं

8. IRS पर भी बड़ा असर, अगले साल का Tax Season मुश्किल हो सकता है

IRS ने अपने 74,000 में से आधे कर्मचारियों को furlough किया था।
इस दौरान:

  • Tax refunds जारी नहीं हुए
  • Helplines बंद रहीं
  • Appointments कैंसल हो गईं

इसका असर 2026 के tax season पर पड़ सकता है, क्योंकि बंद होने से पहले IRS पर पहले से ही लाखों cases pending थे।

9. आर्थिक रिपोर्टें शायद कभी जारी न हों

Shutdown की वजह से:

  • October और November की jobs report
  • inflation data

जारी नहीं हो पाए।
वाइट हाउस का कहना है कि ये रिपोर्टें शायद कभी जारी न हो सकें क्योंकि Shutdown ने data system को “permanently damage” कर दिया है।

10. Trump का Democrats पर हमला

बिल पर साइन करते समय ट्रम्प ने आरोप लगाया:

  • Democrats ने illegal immigrants के लिए पैसे निकालने के लिए सरकार बंद कराई
  • इसे उन्होंने “extortion” यानी जबरदस्ती पैसा वसूलने की कोशिश कहा
  • Shutdown से लाखों अमेरिकियों को नुकसान हुआ:
    • 20,000 flights delayed/cancel
    • 10 लाख कर्मचारी बिना सैलरी
    • Food stamps से जुड़े लाखों लोग प्रभावित

11. 232 साल पुरानी Penny Currency हुई बंद

Shutdown से अलग एक और बड़ा फैसला —
अमरीका ने अपनी सबसे छोटी करंसी—Penny (1 cent) को आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया है।

क्यों बंद किया?

  • एक penny बनाने में 3.69 cent खर्च
  • कीमत सिर्फ 1 cent
  • यानी हर penny पर सरकार को नुकसान
    2023 में ही pennies बनाने से 179 मिलियन डॉलर (1,500 करोड़ रु) का नुकसान हुआ।
    लगभग 250 अरब pennies अभी circulation में हैं, जिन्हें धीरे-धीरे बाहर किया जाएगा।

पैनी का सिस्टम भारत के “पैसे” जैसा ही था —
100 pennies = 1 dollar (जैसे 100 पैसे = 1 रुपये)।

12. Skilled Foreign Workers को लेकर नई नीति

Treasury Secretary Scott Bessent ने कहा कि:

  • Defence, shipbuilding और semiconductors जैसे सेक्टरों में skilled workers की जरूरत है
  • प्लान यह है कि विदेशी skilled workers को 3–7 साल बुलाया जाए
  • वे अमेरिकी workers को ट्रेन करें
  • फिर वापस अपने देश लौट जाएं
    इससे American workers धीरे-धीरे पूरे सिस्टम को संभाल पाएंगे।

Shutdown खत्म जरूर हो गया है, लेकिन उसकी चोटें अभी भी कई जगह दिखेंगी—
सरकारी दफ्तर, एयर ट्रैवल, parks, IRS, और food programs सबको नॉर्मल होने में समय लगेगा।
फंडिंग अभी सिर्फ 31 जनवरी तक है, इसलिए खतरा है कि अगर पार्टियों में दोबारा सहमति नहीं बनी, तो सरकार फिर से बंद हो सकती है।

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Donald Trump के एयर फोर्स वन में तकनीकी खराबी, दावोस यात्रा के बीच विमान की इमरजेंसी लैंडिंग

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🔴 दावोस जाते समय एयर फोर्स वन में तकनीकी खराबी, बैकअप विमान से रवाना हुए राष्ट्रपति ट्रंप

वॉशिंगटन/दावोस।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का विशेष विमान एयर फोर्स वन तकनीकी खराबी के कारण स्विट्जरलैंड के दावोस जाते समय वापस लौट आया। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप अपने दल के साथ बैकअप विमान से रवाना हुए। वह आज वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में अमेरिकी नीतियों पर संबोधन देंगे।

✈️ उड़ान के दौरान आई तकनीकी समस्या

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने बताया कि उड़ान भरने के लगभग एक घंटे बाद विमान में मामूली इलेक्ट्रिकल तकनीकी खराबी सामने आई। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट ने विमान को जॉइंट बेस एंड्रयूज वापस लाने का फैसला किया।

विमान में मौजूद एक पत्रकार के मुताबिक, टेकऑफ के कुछ देर बाद प्रेस केबिन की लाइट्स अस्थायी रूप से बंद हो गई थीं। हालांकि उस समय खराबी का कोई आधिकारिक कारण साझा नहीं किया गया। विमान सुरक्षित रूप से वॉशिंगटन डीसी क्षेत्र में लैंड कर गया।

🛫 बैकअप विमान से दावोस रवाना

एयर फोर्स वन की वापसी के बाद राष्ट्रपति ट्रंप और उनके प्रतिनिधिमंडल ने बैकअप विमान से स्विट्जरलैंड के लिए उड़ान भरी। व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनका कार्यक्रम तय समय के अनुसार जारी रहेगा।

🌍 WEF में ट्रंप की पहली प्रत्यक्ष उपस्थिति

दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद यह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में ट्रंप की पहली प्रत्यक्ष भागीदारी है। दावोस रवाना होने से पहले ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत में कम गैस कीमतों और मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था का जिक्र किया।

🛩️ पुराने एयर फोर्स वन और नया बोइंग जेट

फिलहाल एयर फोर्स वन के रूप में इस्तेमाल हो रहे दोनों विमान करीब 40 साल पुराने हैं। बोइंग इनके नए संस्करण तैयार कर रहा है, लेकिन यह परियोजना लगातार देरी का सामना कर रही है।

एयर फोर्स वन विमानों में

रेडिएशन शील्डिंग

एंटी-मिसाइल सिस्टम

अत्याधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम

जैसी उच्च स्तरीय सुरक्षा सुविधाएं होती हैं, ताकि राष्ट्रपति दुनिया के किसी भी हिस्से से सैन्य संपर्क बनाए रख सकें।

गौरतलब है कि पिछले साल कतर के शाही परिवार ने ट्रंप को एक लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट उपहार में दिया था। इसे एयर फोर्स वन बेड़े में शामिल करने के लिए फिलहाल सुरक्षा मानकों के अनुरूप बदला जा रहा है। इस पर मजाक करते हुए कैरोलिन लीविट ने कहा कि “इस समय कतर का जेट काफी बेहतर विकल्प लग रहा है।”

🏔️ WEF 2026: वैश्विक चुनौतियों पर मंथन

डब्ल्यूईएफ की 56वीं वार्षिक बैठक 19 से 23 जनवरी 2026 तक दावोस में हो रही है। इसमें 130 से अधिक देशों के करीब 3,000 वैश्विक नेता भाग ले रहे हैं। बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अनिश्चितता और तेज़ तकनीकी बदलावों से गुजर रही है।

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Donald Trump के एयर फोर्स वन में तकनीकी खराबी, दावोस यात्रा के बीच विमान की इमरजेंसी लैंडिंग

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान ‘एयर फोर्स वन’ में उड़ान के दौरान आई तकनीकी खराबी के कारण उसे बीच रास्ते से ही वापस वॉशिंगटन लौटना पड़ा। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान के अनुसार, टेकऑफ के कुछ देर बाद चालक दल को विमान में एक मामूली ‘इलेक्ट्रिकल फॉल्ट’ का पता चला, जिसके बाद सुरक्षा के मद्देनजर विमान को अटलांटिक महासागर के ऊपर से यू-टर्न लेने का निर्देश दिया गया।

दूसरे विमान से दावोस के लिए भरी उड़ान

फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, न्यूयॉर्क के लॉन्ग आइलैंड के पास से मुड़ने के बाद विमान सुबह करीब 9:30 बजे मैरीलैंड में सुरक्षित लैंड हुआ। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप के दावोस कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं हुआ। लैंडिंग के लगभग एक घंटे बाद वह दूसरे स्टैंडबाय विमान (बोइंग 747-200B) से स्विट्जरलैंड के लिए रवाना हो गए।

पुराने विमानों पर उठ रहे सवाल

ट्रंप वर्तमान में जिन दो बोइंग 747-200B विमानों का उपयोग कर रहे हैं, वे लगभग 40 साल पुराने हैं। बोइंग नए विमानों पर काम कर रहा है, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी के कारण पुराने बेड़े का ही इस्तेमाल जारी है। गौरतलब है कि कतर द्वारा दिए गए लग्जरी बोइंग 747-8 जंबो जेट को भी सुरक्षा मानकों के आधार पर अपग्रेड किया जा रहा है।

दावोस में ‘ग्रीनलैंड पॉलिसी’ पर नजर

ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) में शामिल होने के लिए दावोस जा रहे हैं, जहां वे बुधवार शाम अपनी महत्वाकांक्षी ‘ग्रीनलैंड पॉलिसी’ पर भाषण देंगे। इसके अलावा, वह एक विशेष उच्चस्तरीय बैठक की मेजबानी भी करेंगे, जिसमें भारत के 7 दिग्गज उद्योगपतियों को आमंत्रित किया गया है।

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H-1B Visa के लिए अब Social Media Accounts Public करना होगा, 15 December से New Rule लागू

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अमेरिका में H-1B वीजा लेने वालों के लिए बड़ा बदलाव आने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने H-1B वीजा नियमों में सख्ती करते हुए आदेश दिए हैं कि अब आवेदकों को अपना सोशल मीडिया अकाउंट सार्वजनिक करना होगा। इसका मतलब है कि अमेरिकी अधिकारी आपके सोशल मीडिया प्रोफाइल, पोस्ट और लाइक्स देख सकेंगे। अगर कोई भी गतिविधि अमेरिकी हितों के खिलाफ पाई गई, तो H-1B वीजा नहीं मिलेगा।

इस नियम का असर H-1B के आश्रितों यानी पत्नी, बच्चों और पेरेंट्स के लिए दिए जाने वाले H-4 वीजा पर भी पड़ेगा। यानी उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स को भी पब्लिक करना जरूरी होगा। यह पहला मौका है जब H-1B वीजा के लिए सोशल मीडिया प्रोफाइल की जांच अनिवार्य की गई है। नए नियम 15 दिसंबर 2025 से लागू होंगे।

इससे पहले अगस्त 2025 से ही स्टडी वीजा (F-1, M-1, J-1) और विजिटर वीजा (B-1, B-2) के लिए भी सोशल मीडिया पब्लिक करना अनिवार्य कर दिया गया है।

H-1B वीजा क्या है?

H-1B वीजा हाई स्किल्ड प्रोफेशनल्स जैसे डॉक्टर, इंजीनियर और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स को अमेरिका में काम करने के लिए मिलता है। यह वीजा पहली बार 1990 में अमेरिकी कांग्रेस ने शुरू किया था।

  • भारतीयों पर असर: हर साल जारी किए जाने वाले H-1B वीजा में से लगभग 70% भारतीय प्रोफेशनल्स को मिलता है, इसलिए नया नियम सबसे ज्यादा भारतीयों को प्रभावित करेगा।
  • वीज़ा फीस: पहले इसकी फीस लगभग $9,000 थी। सितंबर 2025 में इसे बढ़ाकर लगभग ₹90 लाख कर दिया गया।
  • अवधि: H-1B वीजा 3 साल के लिए जारी होता है और दो बार बढ़ाया जा सकता है, यानी कुल 6 साल। इसके बाद आवेदक ग्रीन कार्ड यानी अमेरिका की स्थायी नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है।

ट्रम्प का रवैया H-1B वीजा पर

ट्रम्प का H-1B वीजा पर रवैया कभी हां और कभी ना वाला रहा है।

  • 2016 में उन्होंने कहा था कि यह वीजा अमेरिकी हितों के खिलाफ है।
  • 2019 में वीजा का एक्सटेंशन रोक दिया गया था।
  • लेकिन हाल ही में उन्होंने कहा कि अमेरिका को टैलेंट की जरूरत है।

नए वीजा कार्ड्स

H-1B वीजा में बदलाव के अलावा ट्रम्प ने तीन नए वीजा कार्ड भी लॉन्च किए हैं:

  1. Trump Gold Card – कीमत ₹8.8 करोड़, यह कार्ड धारक को अमेरिका में हमेशा रहने का अधिकार देगा।
  2. Trump Platinum Card
  3. Corporate Gold Card

भारतीय टेक प्रोफेशनल्स और H-1B

भारत हर साल लाखों इंजीनियर और कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट तैयार करता है। ये प्रोफेशनल्स अमेरिका की टेक इंडस्ट्री में बड़ी भूमिका निभाते हैं। इंफोसिस, TCS, विप्रो, कॉग्निजेंट और HCL जैसी कंपनियां सबसे ज्यादा H-1B स्पॉन्सर करती हैं।

अब बढ़ी हुई फीस और सोशल मीडिया नियम की वजह से भारतीय टैलेंट यूरोप, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और मिडिल ईस्ट के देशों की तरफ रुख कर सकता है।

15 दिसंबर से H-1B वीजा के लिए सोशल मीडिया जांच अनिवार्य हो जाएगा। भारतीय प्रोफेशनल्स पर इसका सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। वीजा की बढ़ी हुई फीस और नई पॉलिसी को देखते हुए अब अमेरिका में काम करने के विकल्प और चुनौतियां बदलने वाली हैं।

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