Chandigarh
Punjab बना देश का पहला State जहां हर गांव तक पहुंचा High-Speed Internet — Bharat Net Scheme ने बदली तस्वीर
पंजाब ने एक बड़ा रिकॉर्ड बना दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब देश का पहला राज्य बन गया है जहां संशोधित Bharat Net योजना को पूरी तरह लागू किया जा चुका है। यह काम इतना बड़ा है कि अब पंजाब के लगभग हर गांव में तेज़ ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुँच चुका है। केवल एक गांव को जोड़ना बाकी है, जो नवंबर 2025 के आखिर तक कनेक्ट हो जाएगा।
चंडीगढ़ में BSNL के सीजीएम अजय कुमार करारा ने यह सम्मान पंजाब सरकार को सौंपा। मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने यह उपलब्धि प्राप्त करते हुए कहा— “यह सिर्फ तकनीक नहीं, पंजाब के 3 करोड़ लोगों की नई सुबह है।”
1,000 किलोमीटर से ज्यादा फाइबर केबल — गांव-गांव तक डिजिटल कनेक्शन
इस योजना के तहत पंजाब में अब तक 1,000 km से अधिक फाइबर केबल बिछाई जा चुकी है। समझने के लिए—
लुधियाना से दिल्ली की दूरी को 10 बार जोड़ दें, उतनी केबल सिर्फ इस योजना के लिए लगी है।
राज्य के 43 shadow blocks में ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंच चुका है। अब पंजाब का कोई भी हिस्सा “डिजिटल इंडिया” से दूर नहीं रह गया।
सीमा से लगे पठानकोट के दूर-दराज गांव रामकलवां तक Wi-Fi पहुंच जाना दिखाता है कि सरकार इस प्रोजेक्ट को कितनी गंभीरता से आगे बढ़ा रही है।
इस योजना से किसका होगा सबसे ज्यादा फायदा?
1. किसान — अब मोबाइल पर मंडी भाव, मौसम और सीधा खरीदारों से कनेक्शन
पंजाब की 60% आबादी खेती पर निर्भर है। अब किसान अपने गांव में बैठकर—
- मंडी के भाव
- मौसम अपडेट
- MSP और PM-Kisan की जानकारी
- ऑनलाइन आवेदन
सब कुछ मोबाइल से कर सकेंगे।
अब बिचौलियों का खेल खत्म होगा और किसान की आमदनी बढ़ेगी।
2. युवा — Online jobs के नए मौके, गांव से ही घर बैठे काम
गांव में इंटरनेट न होने से पंजाब के कई युवा digital jobs से दूर रह जाते थे।
अब—
- Digital marketing
- Content writing
- Graphic designing
- Data entry
- Online freelancing
जैसी नौकरियों तक हर युवा आसानी से पहुंच पाएगा।
जालंधर, अमृतसर, फाजिल्का या मुक्तसर—अब हर जगह के युवाओं को equal opportunity मिलेगी।
“विदेश जाने की मजबूरी खत्म होगी” — यह बात अब सच साबित होती दिख रही है।
3. शिक्षा — सरकारी स्कूलों में भी Digital classrooms
पंजाब के लगभग 30 लाख सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे अब—
- online classes
- YouTube पर IIT प्रोफेसरों के lectures
- free e-courses
- online assignments
सब इस्तेमाल कर सकेंगे।
गांव और शहरों की शिक्षा की खाई अब कम होगी।
4. स्वास्थ्य सेवाएं — Telemedicine से दूरस्थ गांवों में इलाज आसान
जहां डॉक्टर नहीं पहुंच पाते, वहां अब—
- वीडियो कॉल पर PGI चंडीगढ़
- अमृतसर के बड़े अस्पतालों
- अन्य विशेषज्ञ डॉक्टरों
से सीधे सलाह लेकर इलाज हो सकेगा।
यह सेवा कई जानें बचा सकती है।
5. महिलाएं — घर बैठे कमाई और सशक्तिकरण
महिलाओं को इंटरनेट मिलने से—
- ऑनलाइन courses
- small business
- banking
- सरकारी योजनाओं की जानकारी
- digital payments
सब कुछ आसान हो जाएगा।
अब गांव की महिलाएं भी आर्थिक रूप से मजबूत बन पाएंगी।
सरकारी अधिकारियों ने क्या कहा?
मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने कहा—
“यह पंजाब के सपनों को पंख देने वाला कदम है। यह पुरस्कार हर पंजाबी का है।”
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ इंटरनेट देना नहीं, बल्कि गांवों को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाना है।
पंजाब: डिजिटल इंडिया का लीडर
इस उपलब्धि के बाद पंजाब देश के लिए एक उदाहरण बन गया है।
जहां कई राज्यों में भारत नेट योजना अभी भी आधी-अधूरी है, वहीं पंजाब ने यह दिखा दिया है कि सरकारी योजनाएं सिर्फ कागजों पर नहीं, जमीन पर भी उतर सकती हैं।
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
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