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Tarn Taran By-election में AAP को बड़ी मजबूती, RASA U.K. ने Harmeet Singh Sandhu को दिया खुला समर्थन

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तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए आज बड़ा राजनीतिक बदलाव देखने को मिला, जब आरएएसए यू.के. (Recognised Affiliated Schools Association Punjab U.K.) ने पार्टी उम्मीदवार हरमीत सिंह संधू को अपना पूरा और खुला समर्थन देने का ऐलान कर दिया। इस कदम को चुनावी मैदान में AAP के लिए एक मजबूत बढ़त माना जा रहा है, क्योंकि यह एसोसिएशन पंजाब भर के कई प्राइवेट स्कूलों से जुड़ी हुई है और शिक्षा क्षेत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है।

कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी में हुआ ऐलान

यह घोषणा आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की गई, जिसमें पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद, AAP के वरिष्ठ नेता जगरूप सिंह सेखवां, और विधायक सरवण सिंह धुन्न मौजूद थे।
इन्होंने बताया कि RASA U.K. की एक अहम बैठक जिला प्रधान सतनाम सिंह मनावां की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सभी सदस्यों ने एकमत होकर AAP उम्मीदवार हरमीत संधू को समर्थन देने का फैसला लिया।

शिक्षा सुधारों से प्रभावित हुआ संगठन

RASA U.K. के अध्यक्ष सतनाम सिंह मनावां ने कहा कि पंजाब की मान सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में साफ और नज़र आने वाले सुधार किए हैं।
उन्होंने कहा:

“हम उन हाथों को मजबूत करना चाहते हैं जिन्होंने सच में स्कूलों, विद्यार्थियों और युवाओं के भविष्य के लिए काम किया है। सरकार ने सरकारी स्कूलों को बेहतर किया, टीचर्स ट्रेनिंग को बढ़ावा दिया और शिक्षा को राजनीति से ऊपर रखकर फैसले लिए। इसलिए हम AAP उम्मीदवार का समर्थन कर रहे हैं।”

स्टेट चेयरमैन हरपाल सिंह ने भी कहा कि मौजूदा सरकार की नीतियों ने शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बढ़ाया है, और इसी सकारात्मक बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए हरमीत संधू को जीताना ज़रूरी है।

समर्थन का राजनीतिक प्रभाव

इस समर्थन को AAP कैंप के लिए चुनावी तौर पर बड़ा फायदा माना जा रहा है। क्योंकि:

  • यह एसोसिएशन हजारों शिक्षकों, प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों और अभिभावकों से जुड़ा है।
  • शिक्षा क्षेत्र समाज में मत-निर्माण करने की क्षमता रखता है।
  • यह समर्थन AAP के लिए ग्राउंड लेवल नेटवर्क को मजबूत करेगा।

मौके पर मौजूद अन्य सदस्य

इस कार्यक्रम में स्टेट चेयरमैन हरपाल सिंह, मनप्रीत सिंह पन्नू, गुरमुख सिंह अर्जुन मांगा सहित कई स्कूल संचालक, प्रबंधक और एसोसिएशन से जुड़े सदस्य भी मौजूद रहे।

जनता के नाम अपील

संगठन के नेताओं ने शिक्षा क्षेत्र के सभी लोगों, स्कूल स्टाफ और अभिभावकों से अपील की कि:

“वे तरनतारन विधानसभा उपचुनाव में हरमीत सिंह संधू को भारी मतों से विजयी बनाने में सहयोग दें।”

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पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड, लंबी कतारों से मची अफरा-तफरी — अफवाहों पर सरकार की सख्त चेतावनी

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इज़राइल तनाव को लेकर फैल रही अफवाहों ने भारत के कई राज्यों में अचानक घबराहट का माहौल पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें वायरल होने के बाद कई शहरों में लोगों ने घबराहट में बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं।

तेलंगाना, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों में हालात ऐसे बन गए कि पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। खास तौर पर हैदराबाद में अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे ट्रैफिक जाम और लोगों के बीच बहस के मामले भी सामने आए। इसी तरह इंदौर, अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में भी लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच गए।

घबराहट में की गई इस पैनिक बाइंग के चलते कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से स्टॉक कम हो गया, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड तक लगाने पड़े। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि यह स्थिति केवल अचानक बढ़ी मांग के कारण बनी है, न कि किसी वास्तविक कमी के कारण।

सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन जमा करने से बचें।

साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

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MLA हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार, SSP के बड़े खुलासे — कई महीनों से फरार विधायक को मध्य प्रदेश से पकड़ा गया!

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पंजाब के सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे विधायक को पटियाला पुलिस की टीमों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के बाहरी इलाके से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा में पंजाब लाया गया है, जहां अब उनसे पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तारी के बाद पटियाला के एसएसपी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पुलिस को मजबूत तकनीकी इनपुट (Strong Technical Input) प्राप्त हुए थे, जिनके आधार पर लगातार ट्रैकिंग और निगरानी की जा रही थी। कई राज्यों में टीमों ने छापेमारी की और आखिरकार ग्वालियर के पास उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।

जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने हरमीत सिंह पठानमाजरा को दिसंबर महीने में ही भगोड़ा घोषित कर दिया था। वह पिछले साल सितंबर से ही फरार चल रहे थे और उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी से जुड़े मामलों में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि विस्तृत पूछताछ की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि फरारी के दौरान उसे किस-किस का सहयोग मिला। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं।

यह गिरफ्तारी पंजाब की राजनीति और कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी अपडेट सामने आ सकते हैं।

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13 साल के संघर्ष के बाद हरीश राणा को मिली अंतिम विदाई — इच्छा मृत्यु के बाद अंगदान से 6 लोगों को मिलेगी नई जिंदगी

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13 वर्षों तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे गाजियाबाद निवासी हरीश राणा ने आखिरकार इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति मिलने के बाद 24 मार्च को दिल्ली के एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद आज उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में किया गया।

सुबह करीब 9:40 बजे हरीश के छोटे भाई आशीष ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार का माहौल बेहद भावुक रहा। हरीश के पिता अशोक राणा ने नम आंखों से बेटे को अंतिम विदाई दी और लोगों से अपील करते हुए कहा, “कोई न रोए, मेरा बेटा शांति से जाए। जहां भी जन्म ले, उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” उनके शब्दों ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।

31 वर्षीय हरीश पिछले 13 सालों से कोमा में थे। उनकी हालत को देखते हुए परिवार ने लंबे समय से इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग की थी। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस ऐतिहासिक मामले में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी थी, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला माना जा रहा है।

इसके बाद 14 मार्च को हरीश को गाजियाबाद स्थित उनके घर से एम्स, दिल्ली में शिफ्ट किया गया था। 16 मार्च को उनकी फीडिंग ट्यूब हटा दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से जीवन त्याग दिया।

डॉक्टरों के अनुसार, हरीश के परिवार ने एक सराहनीय निर्णय लेते हुए उनके अंगदान का फैसला किया। उनके फेफड़े, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किए गए हैं, जिससे कम से कम 6 लोगों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद है। इस कदम की समाज में व्यापक सराहना हो रही है।

यह मामला न सिर्फ एक परिवार के दर्द और संघर्ष की कहानी है, बल्कि इच्छा मृत्यु और अंगदान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर देशभर में नई बहस को भी जन्म दे रहा है।

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