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MannSarkar ने Punjab को बनाया IT Hub! Sify Infinit के ₹611 करोड़ के Investment से Digital युग में Punjab ने भरी ऐतिहासिक उड़ान
पंजाब, जिसकी पहचान सदियों से हरी-भरी धरती और मेहनतकश किसानों से रही है, अब मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में भविष्य की नई ऊँचाइयों को छूने के लिए तैयार है। यह केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि एक हकीकत है, जिसका सबसे बड़ा प्रमाण देश की दिग्गज आईटी कंपनी Sify Infinit का ₹611 करोड़ का निवेश है। यह निवेश किसी फैक्ट्री या सड़क में नहीं, बल्कि एक डेटा सेंटर (Data Center) में हुआ है। यह वही जगह है जहाँ आज के डिजिटल युग का सबसे कीमती खजाना—हमारा सारा डिजिटल डाटा—सुरक्षित रखा जाएगा।
मान सरकार का मानना है कि यह सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं के सपनों का ‘डाटा बैंक’ है।

यह डेटा सेंटर पंजाब को डिजिटल दुनिया का एक मजबूत खंभा बना देगा। अब आपके मोबाइल के हर मैसेज, हर ऑनलाइन क्लास और हर डिजिटल लेन-देन का डाटा पंजाब की अपनी जमीन पर सुरक्षित रहेगा। यह आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है। अक्सर बड़ी कंपनियाँ वहीं निवेश करती हैं, जहाँ काम आसान हो और सरकार का भरोसा मिले। मुख्यमंत्री मान और उनकी टीम ने यही विश्वास जीता। उन्होंने लालफीताशाही को खत्म कर, ईमानदारी और तेजी से काम किया।
Sify Infinit जैसी कंपनी का इतना बड़ा निवेश इस बात का प्रमाण है कि पंजाब सरकार अब सिर्फ ‘बोलती’ नहीं, बल्कि ‘करके दिखाती’ है।
मान सरकार ने निवेशकों को यह भरोसा दिलाया है कि पंजाब अब केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ‘सूचनादाता’ बनने को भी तैयार है। यह सरकार की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसने पंजाब के युवाओं के लिए टेक-जॉब्स का द्वार खोल दिया है। ₹611 करोड़ का यह निवेश केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों का बीज है।
अब जो युवा पहले बेहतर नौकरी के लिए बेंगलुरु, गुड़गांव या विदेश जाना पड़ता था, उनके लिए उच्च तकनीकी (High-Tech) रोजगार उनके अपने राज्य में पैदा होंगे। यह डेटा सेंटर इंजीनियरों, आईटी विशेषज्ञों और कुशल श्रमिकों के लिए अवसरों की एक पूरी श्रृंखला तैयार करेगा। कल्पना कीजिए, जब पंजाब का युवा गर्व से कहेगा कि वह देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर में काम करता है—यही गर्व और सम्मान मान सरकार की सबसे बड़ी सफलता है।
यह निवेश उन बंजर ज़मीनों पर डिजिटल वर्षा की तरह है, जहाँ पहले केवल पुराने सपने उगते थे। अब, Sify Infinit का यह डेटा सेंटर हर बच्चे को यह वादा देता है, “अब तुम्हारा भविष्य केवल खेत की मिट्टी में नहीं, बल्कि ‘क्लाउड’ (Cloud) के आसमान में भी चमकेगा।” पंजाब अब सिर्फ ‘जवान’ पैदा नहीं करेगा, बल्कि ‘टेक्नोलॉजी के हीरो’ भी तैयार करेगा।
डेटा सेंटर, आज के डिजिटल युग की धड़कन हैं। यह वह जगह है जहाँ आपके सारे सपने, आपकी सारी जानकारी और देश की डिजिटल गतिविधियाँ सुरक्षित रहती हैं। इतने विशाल और आधुनिक डेटा सेंटर के निर्माण से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे—इंजीनियर, आईटी विशेषज्ञ और सुरक्षाकर्मी—हज़ारों युवा अपने पंजाब में ही काम कर सकेंगे।
डिजिटल स्पीड: सरकारी सेवाओं से लेकर स्टार्ट-अप्स तक सब कुछ तेज़ और सुरक्षित रूप से काम करेगा।
टेक्नोलॉजी का नया अध्याय: यह निवेश पंजाब को AI और आधुनिक तकनीक की दौड़ में सबसे आगे लाएगा।
यह ऐतिहासिक निवेश केवल संयोग नहीं है। यह मान सरकार के दृढ़ संकल्प और निवेशकों के लिए आसान, सुरक्षित और पारदर्शी माहौल का परिणाम है। आज हर पंजाबी गर्व से कह सकता है कि मान सरकार ने जो बदलाव की लहर शुरू की है, वह राज्य को सुनहरे भविष्य की ओर ले जा रही है।
यह नया निवेश पंजाब के युवाओं के सपनों को साकार करने की दिशा में पहला और मजबूत कदम है।
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
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