National
America से आई महिला की Ludhiana में हत्या: England में बैठे Fiancé ने दी सुपारी, कोयले पर जलाकर नाले में फेंका शव
एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें अमेरिका से आई 69 वर्षीय एनआरआई महिला रुपिंदर कौर पंधेर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या की ये वारदात सिर्फ पैसों और प्रॉपर्टी के लालच में अंजाम दी गई। सबसे हैरानी की बात ये है कि इस खौफनाक साजिश के पीछे रुपिंदर का ही 67 वर्षीय मंगेतर चरनजीत सिंह ग्रेवाल, जो यूके (इंग्लैंड) में रहता है, शामिल है।
नाले से मिला कंकाल रूपी शव
कुछ समय पहले लुधियाना के नजदीकी गांव घुंगराना के एक नाले में एक कंकाल जैसे शव के टुकड़े मिले थे। शुरू में यह किसी रहस्यमयी गुमशुदगी का मामला लग रहा था। पुलिस ने जब जांच शुरू की तो हैरान कर देने वाली सच्चाई सामने आई।
पुलिस को घटनास्थल से रुपिंदर का बुरी तरह टूटा हुआ iPhone भी मिला। जांच में पता चला कि इसे सबूत मिटाने के लिए जानबूझकर नाले में फेंका गया था।
मंगेतर ने ही बनाई हत्या की प्लानिंग
पुलिस के अनुसार, रुपिंदर के मंगेतर चरनजीत सिंह ग्रेवाल ने शादी से इंकार कर दिया और रुपिंदर को “रास्ते से हटाने” की योजना बनाई।
चरनजीत ने यह काम अपने पुराने जानकार सुखजीत सिंह को सौंपा, जो किला रायपुर की कोर्ट में टाइपिस्ट का काम करता है।
- चरनजीत ने 50 लाख रुपए का लालच देकर रुपिंदर की हत्या की सुपारी सुखजीत को दी।
- हालांकि यह पूरी रकम सुखजीत को अभी तक नहीं मिली है।
12 जुलाई को बेरहमी से की गई हत्या
पुलिस जांच में सामने आया कि 12 जुलाई 2024 को रुपिंदर अपने मंगेतर से मिलने के बहाने लुधियाना आई थीं। उस दिन, सुखजीत ने उन्हें अपने घर बुलाया और वहीं पर बेसबॉल बैट से हमला कर उनकी बेरहमी से हत्या कर दी।
हत्या के बाद उसने शव को कोयले पर जलाया ताकि पहचान न हो सके। फिर शव के हिस्सों को चार बोरों में भरकर घुंगराना गांव के नाले में फेंक दिया।
गुमशुदगी की झूठी कहानी रचकर बचने की कोशिश
हत्या के बाद, सुखजीत ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अगस्त में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई।
इस शिकायत में कहा गया कि रुपिंदर दिल्ली एयरपोर्ट से कनाडा में शादी समारोह में शामिल होने गई हैं और अब तक वापस नहीं आईं।
पुलिस ने शुरुआत में इसे सामान्य गुमशुदगी का मामला माना, लेकिन जब रुपिंदर का फोन और अन्य सबूत बरामद हुए तो शक गहराता गया।
फोरेंसिक जांच और बैंक डिटेल्स ने खोला राज
जांच के दौरान पुलिस ने रुपिंदर के बैंक खातों और लेन-देन की गहराई से जांच की।
- रुपिंदर ने चरनजीत और सुखजीत को पहले ही 30-35 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे।
- बाद में जब चरनजीत ने शादी से इंकार किया, तो उसने रुपिंदर की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस ने सबूत इकट्ठा करने के लिए फोरेंसिक टीम को लगाया। शव का डीएनए टेस्ट करवाया गया, जिससे पुष्टि हुई कि यह रुपिंदर का ही शव है।
चरनजीत और सुखजीत की दोस्ती
सुखजीत और चरनजीत की पहली मुलाकात 2014 में आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी।
- धीरे-धीरे दोनों में नजदीकी बढ़ी और चरनजीत ने प्रॉपर्टी विवाद में मदद के लिए सुखजीत पर भरोसा किया।
- जब भी रुपिंदर लुधियाना आती थीं, वे सुखजीत के घर ही ठहरती थीं।
- यहां तक कि उन्होंने पावर ऑफ अटॉर्नी भी सुखजीत को दे दी थी।
रुपिंदर की बहन का बयान
रुपिंदर की बहन कमलजीत ने मीडिया को बताया कि,
“मेरी बहन को शादी और बेहतर जिंदगी का सपना दिखाया गया। चरनजीत ने उसे धोखा दिया और इस कदर क्रूरता से मार डाला।”
कमलजीत ने यह भी कहा कि रुपिंदर और चरनजीत की मुलाकात एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए हुई थी।
पुलिस की कार्रवाई और अगला कदम

- पुलिस ने चरनजीत सिंह ग्रेवाल को इस केस का मुख्य आरोपी बनाया है।
- चरनजीत इस समय यूके में है और उसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है।
- सुखजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने पुलिस पूछताछ में हत्या की बात कबूल कर ली है।
- पुलिस रुपिंदर के पैसों और प्रॉपर्टी के लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है।
यह पूरा मामला पैसों, प्रॉपर्टी और धोखे से जुड़ा है।
- एक महिला जिसने प्यार और भरोसे में आकर अपने मंगेतर को सब कुछ सौंप दिया, उसी ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
- इस केस ने विदेशों में रहने वाले एनआरआई परिवारों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि रिश्तों में आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है।
Blog
पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड, लंबी कतारों से मची अफरा-तफरी — अफवाहों पर सरकार की सख्त चेतावनी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इज़राइल तनाव को लेकर फैल रही अफवाहों ने भारत के कई राज्यों में अचानक घबराहट का माहौल पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें वायरल होने के बाद कई शहरों में लोगों ने घबराहट में बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं।
तेलंगाना, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों में हालात ऐसे बन गए कि पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। खास तौर पर हैदराबाद में अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे ट्रैफिक जाम और लोगों के बीच बहस के मामले भी सामने आए। इसी तरह इंदौर, अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में भी लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच गए।
घबराहट में की गई इस पैनिक बाइंग के चलते कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से स्टॉक कम हो गया, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड तक लगाने पड़े। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि यह स्थिति केवल अचानक बढ़ी मांग के कारण बनी है, न कि किसी वास्तविक कमी के कारण।
सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन जमा करने से बचें।
साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
Blog
MLA हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार, SSP के बड़े खुलासे — कई महीनों से फरार विधायक को मध्य प्रदेश से पकड़ा गया!
पंजाब के सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे विधायक को पटियाला पुलिस की टीमों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के बाहरी इलाके से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा में पंजाब लाया गया है, जहां अब उनसे पूछताछ की जा रही है।
गिरफ्तारी के बाद पटियाला के एसएसपी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पुलिस को मजबूत तकनीकी इनपुट (Strong Technical Input) प्राप्त हुए थे, जिनके आधार पर लगातार ट्रैकिंग और निगरानी की जा रही थी। कई राज्यों में टीमों ने छापेमारी की और आखिरकार ग्वालियर के पास उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।
जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने हरमीत सिंह पठानमाजरा को दिसंबर महीने में ही भगोड़ा घोषित कर दिया था। वह पिछले साल सितंबर से ही फरार चल रहे थे और उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी से जुड़े मामलों में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि विस्तृत पूछताछ की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि फरारी के दौरान उसे किस-किस का सहयोग मिला। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं।
यह गिरफ्तारी पंजाब की राजनीति और कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी अपडेट सामने आ सकते हैं।
Blog
13 साल के संघर्ष के बाद हरीश राणा को मिली अंतिम विदाई — इच्छा मृत्यु के बाद अंगदान से 6 लोगों को मिलेगी नई जिंदगी
13 वर्षों तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे गाजियाबाद निवासी हरीश राणा ने आखिरकार इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति मिलने के बाद 24 मार्च को दिल्ली के एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद आज उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में किया गया।
सुबह करीब 9:40 बजे हरीश के छोटे भाई आशीष ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार का माहौल बेहद भावुक रहा। हरीश के पिता अशोक राणा ने नम आंखों से बेटे को अंतिम विदाई दी और लोगों से अपील करते हुए कहा, “कोई न रोए, मेरा बेटा शांति से जाए। जहां भी जन्म ले, उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” उनके शब्दों ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
31 वर्षीय हरीश पिछले 13 सालों से कोमा में थे। उनकी हालत को देखते हुए परिवार ने लंबे समय से इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग की थी। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस ऐतिहासिक मामले में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी थी, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला माना जा रहा है।
इसके बाद 14 मार्च को हरीश को गाजियाबाद स्थित उनके घर से एम्स, दिल्ली में शिफ्ट किया गया था। 16 मार्च को उनकी फीडिंग ट्यूब हटा दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से जीवन त्याग दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, हरीश के परिवार ने एक सराहनीय निर्णय लेते हुए उनके अंगदान का फैसला किया। उनके फेफड़े, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किए गए हैं, जिससे कम से कम 6 लोगों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद है। इस कदम की समाज में व्यापक सराहना हो रही है।
यह मामला न सिर्फ एक परिवार के दर्द और संघर्ष की कहानी है, बल्कि इच्छा मृत्यु और अंगदान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर देशभर में नई बहस को भी जन्म दे रहा है।
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Punjab2 years agoBJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़