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1600 Crore सिर्फ शुरुआत: Governor Kataria बोले – Assessment के बाद Punjab को मिलेगी और मदद

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पंजाब में आई भीषण बाढ़ से हजारों लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है। खेत-खलिहान पानी में डूब गए, कई घर टूटकर बह गए और बड़ी संख्या में पशुओं की मौत हुई। लोगों को अब तक इस तबाही से उबरने में लंबा वक्त लगेगा। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार की तरफ से राहत और मदद का सिलसिला जारी है।

पीएम मोदी का दौरा और राहत पैकेज का ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण (एरियल सर्वे) किया। सर्वे के बाद पीएम मोदी ने तुरंत 1600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया।
हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) की पंजाब सरकार ने इस राशि को नाकाफी (अपर्याप्त) बताते हुए कहा था कि इससे बड़े पैमाने पर हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, जो इस समय फॉर्टिस अस्पताल में भर्ती हैं, उनके इलाज और सेहत के बारे में भी प्रधानमंत्री ने जानकारी ली। मोदी ने राज्यपाल को खुद अस्पताल जाकर सीएम की तबीयत का हालचाल लेने के निर्देश दिए थे।

राज्यपाल कटारिया का बड़ा बयान – “1600 करोड़ सिर्फ टोकन मनी”

बुधवार को पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया फॉर्टिस अस्पताल पहुंचे और सीएम भगवंत मान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने पंजाब में बाढ़ की स्थिति और केंद्र सरकार की तरफ से दी जाने वाली मदद पर अहम बयान दिया।

राज्यपाल कटारिया ने साफ किया कि केंद्र द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपये की राशि सिर्फ ‘टोकन मनी’, यानी शुरुआती मदद है। उन्होंने कहा:

यह राशि सिर्फ आपातकालीन सेवाओं को आगे बढ़ाने के लिए दी गई है। जैसे ही नुकसान का पूरा आंकलन होगा, केंद्र की तरफ से और फंड जारी किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि मदद में किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी।”

राज्यपाल ने बताया कि केंद्र सरकार के पास राहत देने का एक फॉर्मूला है, जिसके तहत पहले तत्काल राहत के लिए राशि दी जाती है। इसके बाद सर्वे और रिपोर्ट के आधार पर फाइनल पैकेज तय किया जाता है।

बाढ़ का असर पंजाब की स्थिति हिमाचल से भी गंभीर

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद पंजाब की स्थिति को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा कि पंजाब की हालत हिमाचल प्रदेश से भी ज्यादा खराब है।

  • किसानों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
  • पशुओं की मौत से ग्रामीण इलाकों में बड़ा नुकसान हुआ है।
  • कई घर टूटकर या बहकर खत्म हो गए हैं।
  • सबसे ज्यादा नुकसान 4 से 5 जिलों में हुआ है।

इन सभी बातों का आकलन करने के लिए एक स्पेशल टीम काम कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही केंद्र सरकार की तरफ से बड़ी सहायता राशि जारी होगी।

सीएम भगवंत मान की तबीयत में सुधार

राज्यपाल ने सीएम भगवंत मान की सेहत को लेकर भी अपडेट दिया। उन्होंने बताया कि सीएम की तबीयत अब पहले से बेहतर है।
पीएम मोदी ने दौरे के दौरान राज्यपाल से कहा था कि वे खुद जाकर सीएम का हालचाल लें और उन्हें इसकी जानकारी दें।

AAP सरकार की प्रतिक्रिया पैकेज नाकाफी

वहीं, आम आदमी पार्टी की सरकार का कहना है कि 1600 करोड़ रुपये का पैकेज पर्याप्त नहीं है
सीएम मान के नेतृत्व में सरकार का कहना है कि पंजाब में नुकसान इतना ज्यादा हुआ है कि इसके लिए बड़े पैमाने पर वित्तीय सहायता की जरूरत है।
सरकार ने यह भी कहा है कि फसलों और किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए प्रति एकड़ 20,000 रुपये मुआवजा दिया जाएगा।

केंद्र का आश्वासन मदद में कोई कमी नहीं रहेगी

राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खुद भरोसा दिलाया है कि पंजाब की मदद के लिए केंद्र सरकार 100% सहयोग करेगी
यह 1600 करोड़ रुपये सिर्फ पहली किश्त है, ताकि राहत कार्य तेजी से शुरू हो सके।
उन्होंने कहा कि:

प्रधानमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि पंजाब को हर संभव मदद दी जाएगी। राहत और पुनर्वास के काम में किसी भी तरह की देरी नहीं होगी।”

पंजाब में बाढ़ से आई तबाही का असर अभी भी साफ दिखाई दे रहा है। लोग बेघर हो गए हैं, खेतों में बुआई का सीजन बर्बाद हो गया है और किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं।
केंद्र सरकार ने शुरुआती तौर पर 1600 करोड़ रुपये का पैकेज जारी किया है, लेकिन राज्यपाल के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है।
आने वाले दिनों में जब नुकसान का पूरा आंकलन हो जाएगा, तब पंजाब को और बड़ी राहत राशि मिलेगी।
सरकार की प्राथमिकता फिलहाल प्रभावित लोगों तक तुरंत राहत और मदद पहुंचाने की है।

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शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: CM Bhagwant Singh Mann

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पंजाब के फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट शहीदों की विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरित करने का प्रयास है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह दिन केवल शहीदों को याद करने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने का भी है। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, लेकिन आज भी उन्हें उनके योगदान के अनुसार सम्मान नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान शहीदों को अब तक भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर आजादी के शुरुआती दौर में देश की कमान ऐसे युवाओं के हाथ में होती, तो देश की दिशा कुछ और ही होती।

उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपने नाम पर स्मारक और स्टेडियम बनवाते हैं, जबकि असली हकदार शहीदों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहीदों को सिर्फ खास दिनों पर याद न करें, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर देश और समाज की सेवा करें।

मुख्यमंत्री ने आजादी की कीमत का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी बहुत बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में बदलाव लाने के लिए हथियारों की नहीं, बल्कि वोट की ताकत की जरूरत है। सही नेतृत्व का चुनाव करके ही देश को सही दिशा दी जा सकती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें भव्य प्रवेश द्वार, शहीदों के जीवन पर आधारित गैलरी, दीवार चित्र, पार्क, 3-डी मैपिंग शो, म्यूजिकल फाउंटेन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम स्थल और सोलर पावर प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए आगे आएं और एक प्रगतिशील व खुशहाल पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।

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नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!

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पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

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पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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