Haryana
Haryana में फिर बरसेंगे बादल: 6 Districts में भारी बारिश का Alert, 6 September से थमेगा Monsoon का असर
हरियाणा में इस बार का मानसून लोगों के लिए राहत से ज्यादा मुसीबत लेकर आया है। राज्य के कई जिलों में अब भी पानी भरा हुआ है और बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज यानी 4 सितंबर के लिए महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग का कहना है कि 6 सितंबर से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ने लगेगी और बारिश में कमी आएगी। हालांकि, 5 सितंबर तक कुछ जिलों में तेज बारिश की संभावना बनी रहेगी।
साल 2024 में सामान्य से 47% ज्यादा बारिश
इस साल हरियाणा में सामान्य से 47% अधिक बारिश दर्ज की गई है। यह अतिरिक्त बारिश कई इलाकों के लिए परेशानी बन गई है।
- कुरुक्षेत्र में घग्गर और मारकंडा नदियां उफान पर हैं। पानी घरों और गलियों तक पहुंच गया है।
- अंबाला में टंगरी और घग्गर नदी ने भी कहर बरपाया है, जिससे कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।
- नदियों का पानी गांवों और खेतों में घुसने से फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।
अगले दो दिनों का मौसम कैसा रहेगा
4 सितंबर:
- महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में भारी बारिश की संभावना।
- इन जिलों में येलो अलर्ट जारी।
- बाकी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
5 सितंबर:
- मानसून अभी भी सक्रिय रहेगा।
- महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद में फिर से येलो अलर्ट रहेगा।
- अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
6 सितंबर:
- हरियाणा के किसी भी जिले में भारी बारिश का अलर्ट नहीं।
- मानसून कमजोर होगा और सिर्फ हल्की बूंदाबांदी होने की संभावना है।
मौसम बदलने की वजह क्या है?
- साइक्लोनिक सर्कुलेशन फिलहाल दक्षिण हरियाणा में बना हुआ है।
- नमी वाली हवाओं के कारण 6 सितंबर तक मानसून की गतिविधियां बनी रहेंगी।
- इसके बाद बारिश में कमी आएगी और धीरे-धीरे मौसम साफ होने लगेगा।
- इस दौरान तापमान में हल्की गिरावट भी देखी जाएगी।
तापमान अपडेट:
- चरखी दादरी में अधिकतम तापमान: 32.6°C
- आज सुबह का न्यूनतम तापमान: 23°C
बारिश का असर: बाढ़ से बिगड़े हालात
हरियाणा के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति है।
- घरों में पानी घुस गया है और लोग सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को मजबूर हैं।
- किसानों की फसलें पानी में डूबकर बर्बाद हो गई हैं।
- सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है।
- कई गांवों का संपर्क मुख्य शहरों से टूटा हुआ है।
सरकार और प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं। कई जिलों में राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां लोगों को अस्थायी ठिकाना, खाना और जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं।
6 सितंबर के बाद से हालात सुधरने की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, 6 सितंबर से मानसून कमजोर पड़ जाएगा। इसके बाद बारिश कम हो जाएगी, जिससे बाढ़ग्रस्त इलाकों में पानी उतरना शुरू होगा। हालांकि, प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है और नदियों के किनारे रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए हैं।
हरियाणा में फिलहाल मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव जारी है।
- 4 और 5 सितंबर को कई जिलों में तेज बारिश की संभावना है।
- 6 सितंबर से बारिश का असर कम हो जाएगा।
- बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत कार्य जारी हैं।
लोगों को चाहिए कि इस समय सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी किए गए निर्देशों का पालन करें, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
Haryana
भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
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