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Punjab

Former Dirba MLA Baldev Singh Mann दोबारा SAD में शामिल, 1 September को AAP Government के खिलाफ मोर्चा

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पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल देखने को मिली जब पूर्व दिरबा विधायक बलदेव सिंह मान ने लंबे समय बाद फिर से शिरोमणि अकाली दल (SAD) का दामन थाम लिया। मान 1977 से 1992 तक तीन बार दिरबा से विधायक रह चुके हैं। पिछले साल उन्होंने SAD के बगावती धड़े सुधार लहर’ (जो अब भंग हो चुका है) में शामिल होकर पार्टी छोड़ दी थी।

शुक्रवार को SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने संगरूर के सुल्लर घराट गांव में मान के निवास पर एक कार्यक्रम के दौरान उनकी वापसी का ऐलान किया। बादल ने मान को पिता समान” बताते हुए कहा कि वह हमेशा से पार्टी के मजबूत स्तंभ रहे हैं और उनका दोबारा SAD में आना पार्टी के लिए बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने सभी पुराने अकाली नेताओं से पार्टी में लौटने की अपील की थी और मान का ये फैसला उसी अपील का सकारात्मक जवाब है।

1 सितंबर को होगा बड़ा मोर्चा

सुखबीर सिंह बादल ने इस मौके पर घोषणा की कि SAD 1 सितंबर को मोहाली के अंब साहिब गुरुद्वारा से AAP सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी के खिलाफ मोर्चा निकालेगा। उन्होंने इस पॉलिसी को “65,000 एकड़ जमीन किसानों से छीनने की साजिश” करार दिया।

बादल ने कहा कि भले ही पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इस पॉलिसी पर एक महीने की रोक लगा दी है, लेकिन SAD का विरोध तब तक जारी रहेगा जब तक इसे पूरी तरह वापस नहीं लिया जाता। उनका आरोप है कि AAP सरकार किसानों की मेहनत और जमीन पर डाका डालने की कोशिश कर रही है।

कांग्रेस और AAP दोनों पर निशाना

SAD प्रमुख ने अपने भाषण में पूर्व कांग्रेस सरकार और मौजूदा AAP सरकार — दोनों को आड़े हाथों लिया। उनका कहना था कि दोनों ही पार्टियों ने पंजाब के हितों के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने वादा किया कि अगर 2027 में SAD सत्ता में आता है, तो पार्टी:

  • किसानों की समस्याओं का समाधान करेगी और कृषि को पुनर्जीवित करेगी
  • नए उद्योग लगाएगी
  • युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा करेगी

पृष्ठभूमि: लैंड पूलिंग पॉलिसी पर विवाद

पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर पिछले कुछ महीनों से किसानों और विपक्षी दलों में नाराज़गी है। आरोप है कि इस पॉलिसी के तहत सरकार किसानों की जमीन जबरन लेकर प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल करना चाहती है। हाईकोर्ट ने फिलहाल इस पॉलिसी पर एक महीने की रोक लगाई है, लेकिन विवाद और राजनीतिक बयानबाज़ी लगातार जारी है। SAD ने पहले भी इस मुद्दे पर कई विरोध प्रदर्शन किए हैं और अब 1 सितंबर का मोर्चा इसे और बड़ा रूप देने की कोशिश है।

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‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ एक व्यापक लड़ाई, सामूहिक प्रयास से ही खत्म होगा नशे का जाल —Manish Sisodia

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक व्यापक और निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की एकजुट भागीदारी बेहद जरूरी है।

जालंधर में चार जिलों के ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि गांव-गांव और वार्ड-वार्ड में जाकर नशा बेचने वालों की जानकारी इकट्ठा करनी होगी, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सोच और भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला रही है।

सिसोदिया ने कहा कि जहां एक ओर नशे के आदी लोगों को इलाज और पुनर्वास के जरिए मुख्यधारा में लाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध करने से पहले सोचे।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और कोऑर्डिनेटरों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस अभियान को एक सामान्य कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि एक “युद्ध” की तरह लिया जाए और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में जिला स्तर पर और अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि सख्त कार्रवाई के कारण कई तस्कर या तो जेल में हैं या राज्य छोड़ चुके हैं, और भविष्य में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।

बैठक में कई विधायक, हल्का इंचार्ज, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल हुए, जिन्होंने नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

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AAP सरकार आरोपों पर तुरंत करती है कार्रवाई, जवाबदेही तय — अमन अरोड़ा का हरियाणा सरकार पर हमला!

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आरोपों पर तेज और सख्त कार्रवाई करके जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है, जबकि भाजपा शासित हरियाणा सरकार एडीजीपी की कथित आत्महत्या के मामले में दोषियों को बचाने में लगी हुई है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को तुरंत पद से हटाकर और उनकी गिरफ्तारी कर यह साबित कर दिया है कि राज्य में गलत कामों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शी और जवाबदेह शासन का उदाहरण है।

उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल की पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें बिना जांच के ही अपने नेताओं को क्लीन चिट दे देती थीं, लेकिन AAP सरकार में अपने ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस है। “हम सच्चाई और जवाबदेही के लिए खड़े हैं, न कि राजनीतिक संरक्षण के लिए,” उन्होंने कहा।

मीडिया से बातचीत के दौरान अमन अरोड़ा ने दोहराया कि AAP सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है और आरोप लगते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि “लालजीत भुल्लर को तुरंत हटाया गया और गिरफ्तार किया गया, जिससे साफ है कि हमारी सरकार किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करती।”

हरियाणा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाले राज्य में गंभीर मामलों में भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही और दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

अमन अरोड़ा ने अंत में कहा कि AAP सरकार पुरानी राजनीति से अलग है, जहां सत्ता में बैठे लोगों को बचाने की परंपरा रही है। “हम सच बोलने, गलती स्वीकार करने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने में विश्वास रखते हैं, चाहे मामला अपने ही लोगों से जुड़ा क्यों न हो,” उन्होंने कहा।

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ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई पर सख्त संदेश: जो नेता झिझके, वह ‘आप’ छोड़ दे — मनीष सिसोदिया

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता नशे के खिलाफ इस लड़ाई में झिझकता है, उसे पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा करने की बजाय खुद ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मालवा ज़ोन की बैठक को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई ‘आप’ की राजनीति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वह, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस मकसद से राजनीति में आए हैं कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सिसोदिया ने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या हल्का इंचार्ज को तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए, जब तक उसके क्षेत्र के किसी भी गांव या वार्ड में नशे की बिक्री जारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पार्टी से ही क्यों न जुड़ा हो।

उन्होंने ‘आप’ की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि यह पार्टी संघर्ष से निकली है और भ्रष्टाचार के खिलाफ इसकी लड़ाई का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। अब यही संकल्प पंजाब से नशे को जड़ से खत्म करने में काम आएगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने भी कहा कि भगवंत मान सरकार ड्रग्स के खिलाफ जंग को युद्ध स्तर पर लड़ रही है। उन्होंने बताया कि बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पंजाब में नशे के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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