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Punjab में Land Pooling Policy पर बढ़ता विवाद: Ludhiana में CM Bhagwant Mann ने गांवों में जाकर सुनी किसानों की बात

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पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर गांवों में बढ़ते विरोध के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान रविवार को लुधियाना के समराला और लिबड़ा गांवों पहुंचे। यहां उन्होंने गांव वालों के साथ खुले माहौल में बैठकर बातचीत की और उनसे सुझाव मांगे। सीएम मान ने कहा कि उनका मकसद “रंगला पंजाब” बनाने के लिए लोगों से राय लेना है।

ज़मीन पूलिंग पर किसानों का गुस्सा

लुधियाना के करीब 40 से ज़्यादा गांवों ने पंचायतों में प्रस्ताव पास कर इस स्कीम का विरोध किया है। किसानों का कहना है कि यह स्कीम असल में खेती की उपजाऊ ज़मीन को बिल्डरों और बड़े खिलाड़ियों को देने का तरीका है। किसान संगठन पूछ रहे हैं कि अगर डेवलपमेंट करनी है तो बंजर ज़मीन या पिछड़े इलाकों (जैसे बठिंडा और मानसा) को क्यों नहीं चुना गया?

किसान संगठनों—जैसे किसान मज़दूर मोर्चा (KMM) और संयुक्त किसान मोर्चा (SKM)—ने एलान किया है कि 30 जुलाई को ट्रैक्टर मार्च और 31 जुलाई से डीसी दफ्तरों के बाहर धरने शुरू होंगे। इसके बाद 20 अगस्त को जालंधर में बड़ी रैली की योजना है।

राजनीतिक हलचल और विरोध

  • शिअद (SAD) प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने चेतावनी दी है कि अगर स्कीम वापस नहीं ली गई तो पंजाबभर में आंदोलन होगा।
  • कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा ने इसे “दिनदहाड़े लूट” बताया और आरोप लगाया कि सरकार के करीबी लोगों ने पहले से ही ज़मीन खरीदकर फायदा उठाया।
  • बीजेपी ने भी विरोध की कमान संभाल ली है और वादा किया है कि 2027 के चुनावों में इस मुद्दे को ज़रूर उठाया जाएगा।

दिलचस्प बात ये है कि AAP के ही कुछ नेता, जैसे सांसद मलविंदर सिंह कांग, ने भी माना है कि किसानों से ज्यादा बातचीत की जरूरत है।

सरकार की सफाई और बदलाव

तेज़ विरोध के बाद पंजाब सरकार ने 23 जुलाई को कुछ अहम बदलाव किए—

  • अब किसान सिर्फ 1 कनाल ज़मीन देने पर भी 7 और किसानों के साथ मिलकर फायदा ले सकते हैं।
  • किसानों को 1 लाख रुपये प्रति एकड़ सालाना भत्ता मिलेगा (पहले यह सिर्फ 20,000 रुपये था)।
  • अगर किसान कमर्शियल प्लॉट नहीं लेना चाहते तो उन्हें बड़े रिहायशी प्लॉट दिए जाएंगे (कई मामलों में 1,600 स्क्वायर यार्ड प्रति एकड़)।
  • मान ने दोहराया कि स्कीम वॉलंटरी है, किसी से ज़बरदस्ती ज़मीन नहीं ली जाएगी।

सीएम मान का दावा बदली पंजाब की तस्वीर

सीएम मान ने गांवों में बैठकर सरकार की उपलब्धियों की लिस्ट भी गिनाई—

  • कैनाल का पानी, जो पहले सिर्फ 21% खेतों तक पहुंचता था, अब 63% तक पहुंच चुका है।
  • 15,947 पानी के रास्ते (water courses) को फिर से ठीक कराया गया।
  • धान की बुआई (paddy sowing) को जोन के हिसाब से पहले कर दिया गया है ताकि अक्टूबर में नमी (moisture) की दिक्कत न हो और मंडियों में आसानी से फसल बिक सके।
  • उन्होंने केंद्र के फूड मिनिस्टर से बात कर 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू करने की मांग की।
  • मुख्यमंत्री सेहत योजना – हर परिवार को ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज (देश की पहली ऐसी स्कीम)।
  • गांवों में जाकर उन्होंने लोगों से कहा कि भारी-भरकम शादियां किसानों पर कर्ज का बोझ डाल रही हैं, इसलिए सिंपल शादियां करनी चाहिए।”

क्यों अहम है ये मुद्दा?

  • स्कीम का मकसद है—लुधियाना के 24,000+ एकड़ इलाक़े में planned development।
  • पर किसान और विपक्ष को डर है कि यह “खेतों की कुर्बानी पर शहरीकरण” की कोशिश है।
  • सरकार कह रही है—कोई ज़बरदस्ती नहीं होगी, जो चाहे जुड़ सकता है”, मगर गांवों में भरोसा कमज़ोर है।

सीएम मान का गांवों में जाकर “ज़मीन पर बैठकर” बातचीत करना एक symbolic कदम है, जिससे संदेश गया कि सरकार किसानों को सुनना चाहती है। लेकिन, गुस्से में खौलते किसान, विपक्षी पार्टियों का संयुक्त विरोध और आने वाले ट्रैक्टर मार्च व रैलियां दिखा रही हैं कि यह विवाद जल्दी खत्म नहीं होगा। आने वाले हफ्ते इस स्कीम का भविष्य तय करेंगे।

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‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ एक व्यापक लड़ाई, सामूहिक प्रयास से ही खत्म होगा नशे का जाल —Manish Sisodia

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक व्यापक और निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की एकजुट भागीदारी बेहद जरूरी है।

जालंधर में चार जिलों के ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि गांव-गांव और वार्ड-वार्ड में जाकर नशा बेचने वालों की जानकारी इकट्ठा करनी होगी, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सोच और भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला रही है।

सिसोदिया ने कहा कि जहां एक ओर नशे के आदी लोगों को इलाज और पुनर्वास के जरिए मुख्यधारा में लाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध करने से पहले सोचे।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और कोऑर्डिनेटरों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस अभियान को एक सामान्य कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि एक “युद्ध” की तरह लिया जाए और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में जिला स्तर पर और अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि सख्त कार्रवाई के कारण कई तस्कर या तो जेल में हैं या राज्य छोड़ चुके हैं, और भविष्य में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।

बैठक में कई विधायक, हल्का इंचार्ज, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल हुए, जिन्होंने नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

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AAP सरकार आरोपों पर तुरंत करती है कार्रवाई, जवाबदेही तय — अमन अरोड़ा का हरियाणा सरकार पर हमला!

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आरोपों पर तेज और सख्त कार्रवाई करके जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है, जबकि भाजपा शासित हरियाणा सरकार एडीजीपी की कथित आत्महत्या के मामले में दोषियों को बचाने में लगी हुई है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को तुरंत पद से हटाकर और उनकी गिरफ्तारी कर यह साबित कर दिया है कि राज्य में गलत कामों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शी और जवाबदेह शासन का उदाहरण है।

उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल की पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें बिना जांच के ही अपने नेताओं को क्लीन चिट दे देती थीं, लेकिन AAP सरकार में अपने ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस है। “हम सच्चाई और जवाबदेही के लिए खड़े हैं, न कि राजनीतिक संरक्षण के लिए,” उन्होंने कहा।

मीडिया से बातचीत के दौरान अमन अरोड़ा ने दोहराया कि AAP सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है और आरोप लगते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि “लालजीत भुल्लर को तुरंत हटाया गया और गिरफ्तार किया गया, जिससे साफ है कि हमारी सरकार किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करती।”

हरियाणा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाले राज्य में गंभीर मामलों में भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही और दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

अमन अरोड़ा ने अंत में कहा कि AAP सरकार पुरानी राजनीति से अलग है, जहां सत्ता में बैठे लोगों को बचाने की परंपरा रही है। “हम सच बोलने, गलती स्वीकार करने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने में विश्वास रखते हैं, चाहे मामला अपने ही लोगों से जुड़ा क्यों न हो,” उन्होंने कहा।

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ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई पर सख्त संदेश: जो नेता झिझके, वह ‘आप’ छोड़ दे — मनीष सिसोदिया

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता नशे के खिलाफ इस लड़ाई में झिझकता है, उसे पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा करने की बजाय खुद ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मालवा ज़ोन की बैठक को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई ‘आप’ की राजनीति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वह, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस मकसद से राजनीति में आए हैं कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सिसोदिया ने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या हल्का इंचार्ज को तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए, जब तक उसके क्षेत्र के किसी भी गांव या वार्ड में नशे की बिक्री जारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पार्टी से ही क्यों न जुड़ा हो।

उन्होंने ‘आप’ की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि यह पार्टी संघर्ष से निकली है और भ्रष्टाचार के खिलाफ इसकी लड़ाई का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। अब यही संकल्प पंजाब से नशे को जड़ से खत्म करने में काम आएगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने भी कहा कि भगवंत मान सरकार ड्रग्स के खिलाफ जंग को युद्ध स्तर पर लड़ रही है। उन्होंने बताया कि बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पंजाब में नशे के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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