Delhi
G7 Summit से पहले बोले S. Jaishankar – “Global South की आवाज़ उठाने का समय, भारत बनेगा सेतु”
G7 शिखर सम्मेलन से ठीक पहले भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत Global South की आवाज़ बनकर अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराए। उन्होंने साफ किया कि भारत, दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ इस तरह से रिश्ते निभाता है जिससे किसी भी देश के साथ उसका रिश्ता “exclusively” जुड़ा हुआ ना लगे। यही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
BRICS का मजबूत सदस्य है भारत
जयशंकर ने कहा कि भारत BRICS (ब्राज़ील, रूस, इंडिया, चीन, साउथ अफ्रीका) जैसे मजबूत ग्रुप का लीडिंग मेंबर है। यह ग्रुप अब एक आर्थिक शक्ति बनता जा रहा है और G7 का एक बड़ा विकल्प भी माना जा रहा है।
G7 में सदस्य नहीं, फिर भी बुलाया गया भारत
G7 में भारत सदस्य नहीं है, लेकिन 2019 से लगातार भारत को इन बैठकों में बुलाया जा रहा है। इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कनाडा में होने वाले G7 सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। साथ ही यूक्रेन, मैक्सिको, दक्षिण अफ्रीका और साउथ कोरिया के नेताओं को भी बुलाया गया है।
जयशंकर ने कहा, “Global South के देश आज भी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की असमानताओं को लेकर नाराज़ हैं। बदलाव की मांग है और भारत इसका हिस्सा है। ऐसे समय में हमें अपनी बात मज़बूती से रखनी चाहिए।”
अमेरिका-रूस के तनाव के बीच भारत की भूमिका
इस सम्मेलन में रूस और चीन के साथ रिश्तों पर भी चर्चा होगी। भारत का हमेशा से मानना रहा है कि रूस और यूक्रेन के बीच सीधी बातचीत होनी चाहिए, न कि पाबंदियों का रास्ता अपनाया जाए।
जयशंकर ने कहा कि रूस पर लगाए गए sanctions (पाबंदियों) से कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है। “पाबंदियों से नीति नहीं बदली जाती”, उन्होंने कहा।
यूरोपियन देश अब “secondary sanctions” की तैयारी कर रहे हैं, जिसमें रूस से तेल, गैस और कच्चा माल खरीदने वाले देशों पर 500% टैक्स लगाने की बात हो रही है। इस पर जयशंकर ने कहा – “दुनिया को अभी और टेंशन, और तनाव की ज़रूरत नहीं है।”
ट्रम्प और मोदी की संभावित मुलाकात
इस सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी हिस्सा लेंगे। उम्मीद है कि मोदी और ट्रम्प के बीच एक ट्रेड डील को लेकर अहम बातचीत हो सकती है। अमेरिका भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और दोनों देशों के बीच टैक्स और ड्यूटी को लेकर 9 जुलाई तक का वक्त है।
जयशंकर ने कहा कि ट्रम्प एक “बहुत nationalist” (राष्ट्रवादी) नेता हैं जो अपने देश के हित को सबसे ऊपर रखते हैं।
चीन से संतुलन, पाकिस्तान पर सख्ती
जहां तक चीन की बात है, जयशंकर ने कहा कि भारत-चीन दोनों ही उभरती हुई शक्तियां हैं, और दोनों देशों को अपनी ताकत समझते हुए संतुलित संबंध बनाने चाहिए।
हालांकि उन्होंने साफ किया – “जहां ज़रूरत हो हम मज़बूती से खड़े रहेंगे, और जहां स्थिरता की ज़रूरत हो, वहां बातचीत के लिए भी तैयार हैं।”
जयशंकर ने यह भी बताया कि पाकिस्तान और चीन की नज़दीकी को भारत नजरअंदाज नहीं कर सकता। हाल ही में कश्मीर में हुए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच जो तनाव हुआ था, उसमें चीन के फाइटर जेट्स भी इस्तेमाल हुए थे।
पर जब पूछा गया कि क्या इससे nuclear war (परमाणु युद्ध) का खतरा था, तो जयशंकर ने साफ कहा – “ऐसा डर सिर्फ उन्हें था जो असल हालात से अनजान थे।”
भारत अब सिर्फ एक दर्शक नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर एक एक्टिव प्लेयर बन चुका है। चाहे रूस-यूक्रेन युद्ध हो, अमेरिका से ट्रेड डील की बात हो, या चीन-पाकिस्तान के साथ जटिल रिश्ते – भारत हर मुद्दे पर अपनी समझदारी से न केवल संतुलन बना रहा है बल्कि Global South की आवाज़ भी बनता जा रहा है। G7 सम्मेलन में भारत की भूमिका अब और भी अहम हो चुकी है।
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हलवा सेरेमनी ‘; यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अंतिम दौर में वित्त मंत्री ने ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ बजट को दिया अंतिम रूप 1 फरवरी को खुलेगा पिटारा |
यूनियन बजट 2026-27: नॉर्थ ब्लॉक में अंतिम चरण की तैयारी, हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुआ ‘लॉक-इन’ पीरियड
नई दिल्ली:
नॉर्थ ब्लॉक में यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा सेरेमनी के जरिए बजट टीम के परिश्रम और समर्पण को सम्मानित किया। इसके साथ ही बजट से जुड़ी गोपनीय प्रक्रिया यानी ‘लॉक-इन पीरियड’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।
क्या है लॉक-इन पीरियड?
लॉक-इन पीरियड के दौरान बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अगले कुछ दिनों तक नॉर्थ ब्लॉक परिसर में ही रहेंगे। इस अवधि में वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे।
वित्त मंत्री ने किया बजट प्रेस का निरीक्षण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और बजट दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सभी इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त हों।
डिजिटल इंडिया को मिलेगा नया बल
इस बार का यूनियन बजट ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला यह बजट आम लोगों तक ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के जरिए तुरंत पहुंच जाएगा।
मोबाइल ऐप पर मिलेगा पूरा बजट
बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।
- बजट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा
- आम नागरिक, सांसद और विशेषज्ञ एक क्लिक में बजट से जुड़े सभी आंकड़े देख सकेंगे
- भारी-भरकम फाइलों की जरूरत नहीं होगी
केवल आंकड़े नहीं, अनुशासन और समर्पण की कहानी
यूनियन बजट सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा नहीं होता, बल्कि यह उन अधिकारियों की मेहनत, अनुशासन और गोपनीयता का प्रतीक भी है, जो महीनों तक पर्दे के पीछे रहकर देश की आर्थिक दिशा तय करने में जुटे रहते हैं।
हलवे की मिठास के साथ अब पूरी बजट टीम उस दिन का इंतजार कर रही है, जब देश का नया वित्तीय खाका जनता के सामने पेश किया जाएगा। यह बजट न सिर्फ आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।
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जम्मू-कश्मीर ; की 26 साल की CRPF अधिकारी सिमरन बाला आज रिपब्लिक डे परेड में पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का कमान संभाल रही हैं।
गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेंगी सिमरन बाला
CRPF की 26 वर्षीय अधिकारी पहली बार करेंगी 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व
नई दिल्ली:
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट के रूप में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहला मौका है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में इतनी बड़ी पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।
कौन हैं सिमरन बाला?
सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं। वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और यह भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।
CRPF मुख्य रूप से तीन अहम क्षेत्रों में काम करता है:
- नक्सल विरोधी अभियान
- जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
- उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन
शिक्षा और करियर
- स्नातक: राजनीति शास्त्र, सरकारी महिला कॉलेज, गांधी नगर (जम्मू)
- UPSC CAPF परीक्षा: वर्ष 2025 में उत्तीर्ण
- बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
- पहली पोस्टिंग: छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन
छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान सिमरन बाला को नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से काम करने का अवसर मिला।
प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन
CRPF अकादमी, गुरुग्राम में प्रशिक्षण के दौरान सिमरन बाला ने:
- उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन
- प्रभावशाली सार्वजनिक भाषण
के लिए विशेष पुरस्कार भी प्राप्त किए।
गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति का प्रदर्शन
इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी और भी खास होगी।
CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीम ‘डेयर डेविल्स’ के रूप में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलों पर रोमांचक करतब दिखाएगी।
उल्लेखनीय है कि इन दोनों बलों की महिला जवानों ने 2020 की गणतंत्र दिवस परेड में भी यह साहसिक प्रदर्शन किया था।
प्रेरणा का प्रतीक
सिमरन बाला की यह उपलब्धि न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका नेतृत्व, समर्पण और साहस यह साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पीछे नहीं हैं।
Blog
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया,यह सम्मान के अवसर पर कड़ी सुरक्षा और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड के दौरान प्रदान किया गया।
77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया गया सम्मानित
नई दिल्ली:
आज देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता और असाधारण साहस के लिए कई जांबाजों को सम्मानित किया।
इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।
कर्तव्य पथ पर हुआ सम्मान समारोह
77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए अशोक चक्र प्रदान किया।
अंतरिक्ष में भारत का गौरव
ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पिछले वर्ष जून में एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे:
- अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
- और ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने
उनकी 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा, 41 वर्ष पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के बाद भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।
अनुभवी फाइटर पायलट
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट भी हैं। उनके पास:
- Su-30 MKI
- MiG-21
- MiG-29
- Jaguar
- Hawk
- Dornier
- An-32
जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।
एक्सिओम-4 मिशन में अहम भूमिका
Ax-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें:
- NASA
- यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
- ISRO
भी शामिल थे। मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में कार्य करते हुए कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हुई।
देश के लिए प्रेरणा
सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला देश-विदेश में चर्चा का विषय बने और आज उनका अशोक चक्र से सम्मानित होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।
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