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Deepak Bali का BJP पर हमला: ” Tarun Chugh और BJP का मकसद सिर्फ़ अशांति फैलाना, Land Pooling नीति किसान हित में है”

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के महासचिव दीपक बाली ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता तरुण चुघ के लैंड पूलिंग नीति पर दिए बयानों को “भ्रामक और भड़काऊ” बताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं का असली मकसद पंजाब में विकास को रोकना और जनता के बीच डर व भ्रम फैलाना है।

दीपक बाली ने तरुण चुघ पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पंजाब की ज़मीन, किसानों और यहां की सामाजिक-आर्थिक स्थिति को जानते ही नहीं हैं, इसलिए बिना जानकारी के बयान देना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है। बाली बोले, अगर चुघ को पंजाब की जमीनी हकीकत नहीं पता तो कम से कम चुप रहना चाहिए।

क्या है लैंड पूलिंग नीति?

लैंड पूलिंग नीति एक ऐसा सिस्टम है जिसमें किसान अपनी ज़मीन सरकार को अस्थाई रूप से देते हैं ताकि वहां प्लानिंग के मुताबिक विकास हो सके—जैसे कि सड़क, सीवरेज, बिजली और पानी की सुविधाएं। जब यह काम पूरा हो जाता है तो किसान को उसकी ज़मीन का कुछ हिस्सा वापस मिलता है, जो पहले से ज़्यादा कीमती और विकसित होता है।

दीपक बाली ने कहा कि यह नीति पूरी तरह किसान-हितैषी और पारदर्शी है। इसमें कोई ज़बरदस्ती नहीं है और किसान स्वेच्छा से इसमें शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि पहले बिल्डर और भू-माफिया, जिनमें से कई बीजेपी से जुड़े होते थे, किसानों की ज़मीन औने-पौने दामों में खरीद लेते थे और फिर उसे लाखों-करोड़ों में बेचते थे।

“AAP सरकार ने इस शोषण को खत्म किया है और किसानों को सीधे तौर पर विकास में भागीदार बनाया है,” बाली ने कहा।

किसानों को मिलेगा असली फायदा

बाली ने बताया कि अब किसान सिर्फ़ अपनी ज़मीन बेचने वाले नहीं रहेंगे, बल्कि वो विकास से होने वाले मुनाफे में बराबर के हिस्सेदार होंगे। लैंड पूलिंग के ज़रिए किसान को वापस जो ज़मीन मिलती है, वह पूरी तरह तैयार होती है—सड़क, बिजली, पानी जैसी सभी सुविधाओं के साथ। इससे उस ज़मीन की कीमत कई गुना बढ़ जाती है।

बीजेपी का एजेंडा उजागर

दीपक बाली ने तरुण चुघ के बयान को “जनता को गुमराह करने की कोशिश” बताया और कहा कि बीजेपी का मकसद सिर्फ़ विकास में अड़चन डालना और सरकार व किसानों के बीच टकराव पैदा करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब की जनता अब समझदार है और ऐसे झूठे एजेंडे का शिकार नहीं बनेगी।

विपक्ष को सलाह

दीपक बाली ने विपक्षी नेताओं को सलाह दी कि वो राजनीति से ऊपर उठकर पंजाब के विकास में सहयोग दें। उन्होंने कहा, सिर्फ मीडिया में आने के लिए गुमराह करने वाले बयान न दें, बल्कि ऐसी योजनाओं का समर्थन करें जिससे किसानों को लाभ हो और पंजाब की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

AAP नेता ने दो टूक कहा कि लैंड पूलिंग नीति किसानों को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इसकी आलोचना करने वाले या तो तथ्यों से अंजान हैं या फिर जानबूझकर विकास में रोड़ा अटका रहे हैं।

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धनौला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

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पंजाब के बरनाला जिले में धनौला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस की वर्दी और एक इनोवा कार भी बरामद की गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर धनौला पुलिस ने नाका लगाकर चेकिंग शुरू की।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक इनोवा कार को रोका, जिसमें तीन व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठे हुए थे। शक होने पर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप कुमार (चक्क महंता वाला), अजय (मुनके उताड़) और गुरप्रीत सिंह (मुनके उताड़) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना धनौला में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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राजनेताओं ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: CM भगवंत मान

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शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन देश के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानी को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलकर ही एक मजबूत और खुशहाल पंजाब का निर्माण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं, बल्कि उनके विचारों और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने शहीदों को भारत रत्न न दिए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर देश की बागडोर आजादी के शुरुआती वर्षों में ऐसे नौजवानों के हाथ में होती, तो भारत की तस्वीर अलग होती।

उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देती है। समाज से बुराइयों को खत्म करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का सबसे बड़ा हथियार शिक्षा है। पंजाब सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों ने सत्ता या लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपनी जान न्यौछावर की। उनकी कुर्बानी के कारण ही आज हमें वोट देने का अधिकार मिला है, इसलिए हर नागरिक को अपने मताधिकार का सही उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी और एकता के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं। देश की कुल आबादी का केवल 2% होने के बावजूद, आजादी की लड़ाई में 80% शहीद पंजाब से थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीदों की विरासत को संभालने और उनके सपनों का पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हुसैनीवाला में 24.99 करोड़ रुपये की लागत से ‘विरासत प्रोजेक्ट’ शुरू किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां शहीदों के इतिहास और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के रास्ते पर चलें और देश की सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट की ताकत सबसे बड़ी ताकत है और सही नेतृत्व चुनकर ही देश में असली बदलाव लाया जा सकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और राज्य को तरक्की और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ाती रहेगी।

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नशे के खिलाफ मुहिम में नया कदम: इलाज और रोजगार से युवाओं को मिल रहा दूसरा मौका

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पंजाब में नशों के खिलाफ जारी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पुनर्वास (rehabilitation) और समाज में दोबारा जोड़ने (reintegration) तक बढ़ा दिया गया है। सरकार अब नशा तस्करी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों को इलाज, काउंसलिंग और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवा रही है, ताकि वे एक नई और बेहतर जिंदगी शुरू कर सकें।

इस बदलाव की एक मिसाल जुगराज सिंह (बदला हुआ नाम) है। कॉलेज के दिनों में वह अपने साथियों के प्रभाव में आकर नशे की लत का शिकार हो गया था। शुरुआत में केवल जिज्ञासा के तौर पर शुरू हुई यह आदत जल्द ही उसकी जिंदगी पर हावी हो गई। लेकिन अब सरकारी सहायता और काउंसलिंग के जरिए उसने खुद को संभाला है और अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है।

जुगराज सिंह का कहना है कि अब उसका पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पूरी करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने पर है। उसने बताया कि वह अब पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी है और उसे लगता है कि वह एक बेहतर इंसान बन गया है।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास कार्यक्रमों के तहत ऐसे युवाओं को मानसिक समर्थन, इलाज और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा दी जा रही है। इससे वे न केवल नशे की लत से बाहर निकल रहे हैं, बल्कि समाज में दोबारा सम्मान के साथ अपनी पहचान भी बना रहे हैं।

पंजाब सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सख्त कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए प्रभावित लोगों को दूसरा मौका देना भी उतना ही जरूरी है। यही कारण है कि अब इस मुहिम में मानवीय दृष्टिकोण को भी शामिल किया गया है।

इस पहल के जरिए सरकार युवाओं को एक नई शुरुआत का मौका दे रही है, जिससे वे अपने जीवन को सही दिशा में ले जाकर समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे सकें।

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