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Chandigarh

नशा खत्म करने को लेकर AAP Government पूरी तरह गंभीर, तस्करों पर बड़ी कार्रवाई – Baltej Pannu का Sunil Jakhar पर पलटवार

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पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर सियासत गरमा गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता बलतेज पन्नू ने तीखा हमला बोला है।

पन्नू ने कहा कि “नशा कोई आज का मुद्दा नहीं है, ये पिछले 20 सालों से पंजाब की नसों में जहर बनकर घुला हुआ है, लेकिन अब आप सरकार इसे पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने सिर्फ दिखावा किया। “कैप्टन अमरिंदर की सरकार ने सिर्फ नशा करने वाले गरीब युवाओं को पकड़ा, लेकिन तस्करों पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं की।” इसके उलट, आप सरकार ने तस्करों के खिलाफ बड़े स्तर पर एक्शन शुरू किया है, जो पहले कभी नहीं हुआ।

तस्करों पर गिर रही है गाज, नशे के नेटवर्क को तोड़ रही है AAP सरकार

बलतेज पन्नू ने बताया कि आप सरकार तस्करी के पूरे नेटवर्क को निशाना बना रही है, सिर्फ नशे के शिकार लोगों को पकड़ने से कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा, “हम जड़ पर वार कर रहे हैं, ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके।

सुनील जाखड़ को सीधी चुनौती अगर हिम्मत है तो कैप्टन की फाइल ईडी को सौंपें

बलतेज पन्नू ने सुनील जाखड़ पर करारा हमला करते हुए उन्हें सीधी चुनौती दी। उन्होंने कहा, “जब कैप्टन अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री थे और आप कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे, तो आपने खुद कहा था कि कैप्टन सोनिया गांधी को एक फाइल देकर आए थे, जिसमें कांग्रेस के कई भ्रष्ट नेताओं के नाम थे। आज वही नेता भाजपा में हैं। अगर आप में थोड़ी भी ईमानदारी बची है तो उस फाइल को ईडी को सौंपें और उसकी जांच करवाएं।

“AAP की सरकार ने अपने भी नहीं बख्शे भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस

पन्नू ने कहा कि आप सरकार ने पहले दिन से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। “हमने न अपने लोगों को बचाया, न परायों को। जब भी किसी मंत्री या विधायक पर आरोप लगे, तो सरकार ने तुरंत कार्रवाई की,” उन्होंने कहा।

इसके मुकाबले, पिछली अकाली-भाजपा और कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधते हुए पन्नू ने पूछा, “जाखड़ ये बताएं कि इन सरकारों ने कितने भ्रष्ट नेताओं और अफसरों पर कार्रवाई की?

बलतेज पन्नू का यह बयान न केवल भाजपा और जाखड़ के खिलाफ कड़ा पलटवार है, बल्कि उन्होंने AAP सरकार की नीयत और कामों का भी बचाव किया है। उन्होंने साफ किया कि आप सरकार सिर्फ दिखावे की राजनीति नहीं करती, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव लाने की कोशिश कर रही है, और पंजाब को नशे से आज़ाद कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है

मुख्य बातें:

  • नशे की जड़ों पर वार कर रही है आप सरकार
  • कैप्टन की भ्रष्ट नेताओं की फाइल की जांच की मांग
  • भ्रष्टाचार पर AAP का जीरो टॉलरेंस
  • पिछली सरकारों पर कार्रवाई न करने का आरोप
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

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पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद

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चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।

पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा

जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।

घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।

CCTV में कैद हुआ तेंदुआ

सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।

सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।

फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।

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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी

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चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।

प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।

1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट

प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।

ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी

सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।

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