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Uttar Pradesh

UP: CJI गवई ने किया इलाहाबाद हाईकोर्ट के 12 मंजिला अधिवक्ता चैंबर्स और मल्टीलेवल पार्किंग का उद्घाटन।

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भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी. आर. गवई ने शनिवार, 31 मई 2025 को प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय परिसर में नव-निर्मित 12 मंजिला अधिवक्ता चैंबर्स और मल्टीलेवल पार्किंग सुविधा का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल भी उपस्थित रहे।

इस उद्घाटन समारोह में, CJI गवई ने कहा, “जब तक बार और बेंच मिलकर कार्य नहीं करते, तब तक न्याय की गाड़ी आगे नहीं बढ़ सकती।” उन्होंने यह भी कहा कि देश के अंतिम नागरिक तक न्याय पहुंचाना हमारा मूल कर्तव्य है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा, “महाकुंभ में इलाहाबाद हाईकोर्ट की बड़ी भूमिका रही। अगर कोर्ट कुंभ से पहले किसी कार्य में स्थगन आदेश दे देता, तो यह सफलतापूर्वक संपन्न नहीं हो पाता।”

नव-निर्मित अधिवक्ता चैंबर्स में 2,300 वातानुकूलित चैंबर्स, पुस्तकालय, कैंटीन, बैंकिंग और एटीएम सुविधाएं उपलब्ध हैं। मल्टीलेवल पार्किंग भवन में लगभग 2,300 चार-पहिया और 1,500 दो-पहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता है, जिसमें दिव्यांगों के लिए विशेष प्रावधान भी किए गए हैं

इतनी बड़ी बिल्डिंग वकीलों के लिए वर्ल्ड में नहीं- CJI

CJI ने कहा- आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बहुत अच्छा उदाहरण दिया है, जिसे हम रोल मॉडल बोल सकते हैं। मेरे नॉलेज में इतनी बड़ी इमारत वकीलों के लिए पूरे वर्ल्ड में भी नहीं होगी। यहां वादकारियों का भी ख्याल रखा गया। बगल के भूखंड में वादकारियों के लिए कुछ प्लानिंग है, जहां बच्चे लेकर आने वाली महिलाओं के लिए क्रेच भी बनेगा। यानी वर्किंग महिला के बच्चों के लिए देखरेख की व्यवस्था की जाएगी।

वकीलों के एसी चेंबर आप लोगों को ठंडा करेंगे- योगी

योगी ने कहा- याद कीजिए इसी इलाहाबाद हाईकोर्ट में 2017 में PM मोदी का आगमन हुआ था। उन्होंने कहा था- सुशासन की पहली शर्त है- रूल ऑफ लॉ। यानी कानून का शासन। इसमें बार और बेंच के साथ-साथ वादकारी का भी महत्व है।

प्रयागराज धर्म, ज्ञान और न्याय की भूमि के रूप में देश और दुनिया का ध्यान आकर्षित करता है। महाकुंभ में कौन सा व्यक्ति होगा, जिसने त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अपनी विरासत के साथ जोड़ने में गौरव की अनुभूति न की हो।

6 साल पहले गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने मल्टीलेवल पार्किंग बनाई था। मगर, यह नहीं चली नहीं। मैंने कहा- चलेगी भी नहीं। सबसे पहले ऊपर के दो फ्लोर कॉमर्शियल कर दीजिए। इसके बाद मैं आपसे बात करूंगा। अब वहां कॉम्पलेक्स फुल है। यहां पर मल्टीलेवल पार्किंग के साथ-साथ वकीलों को चेंबर दिए गए हैं। वकीलों के ये एसी चेंबर आप लोगों को भी ठंडा करेंगे।

जल्दी काम करना सीएम योगी से सीखें- अर्जुन राम मेघवाल

केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल ने कहा- ये इज ऑफ लिविंग की व्यवस्था हैं। पार्किंग को लेकर होने वाले विवाद अब कम हो जाएगा। सबसे जल्दी काम करना सीखना हो तो सीएम योगी से सीख सकते हैं। महाकुंभ में शानदार कोआर्डिनेशन के लिए सीएम योगी की प्रशंसा करता हूं।

बिल्डिंग का सदुपयोग कीजिए- जस्टिस विक्रम नाथ

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा- इलाहाबाद बार एसोसिएशन बहुत अच्छा है। सुप्रीम कोर्ट भी नहीं समझ पाता है कि यहां काम कैसे होता है। इस बिल्डिंग का पूरा सदुपयोग कीजिएगा।

बिल्डिंग की पार्किंग-वकीलों के चेंबर के बारे 7 पॉइंट में जानिए

हाईकोर्ट में मल्टी पार्किंग 5 मंजिला होगी। इसमें 2300 फोर व्हीलर और 1500 टू व्हीलर खड़े हो सकेंगे।
दिव्यांगों के लिए बेसमेंट में कार पार्किंग बनाई गई है।
ग्राउंड फ्लोर पर दिव्यांगों के लिए टू-व्हीलर वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई।
वकीलों के लिए 2300 एसी चैंबर बनाए गए हैं। कैंटीन, लाइब्रेरी की भी सुविधा है।
कॉमन हॉल, रैंप एरिया, सेवा खंड, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट और सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
26 स्वचलित सीढ़ियां लगाई गई हैं। 24 लिफ्ट भी हैं।
ग्राउंड फ्लोर पर बैंक और एटीएम की व्यवस्था रहेगी।

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लखनऊ में महिला आरक्षण मुद्दे पर उबाल—25 हजार महिलाओं का जन आक्रोश मार्च, सीएम योगी ने विपक्ष पर साधा निशाना

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लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पास न होने पर लखनऊ में भाजपा ने मंगलवार को जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। सीएम योगी खुद इस पदयात्रा में महिलाओं के साथ पैदल चले। उनके साथ करीब 15 हजार महिलाएं चलीं। योगी के अलावा दोनों डिप्टी सीएम, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी समेत पार्टी के सीनियर लीडर भी कड़ी धूप में पैदल चले।

पदयात्रा सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब 2 किमी तक गई। यहां भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- नकाब वालों के चक्कर में सपा-कांग्रेस ने 80% महिलाओं का नुकसान किया। महिलाओं के मन में जबरदस्त गुस्सा है।

वहीं, सीएम योगी ने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी रहे हैं। आज महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। इसका अंदाजा भीषण गर्मी में इस भीड़ को देखकर लगाया जा सकता है। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं। पहली जाति महिला है। दूसरी गरीब की, तीसरी युवा और चौथी किसान की।

उन्होंने कहा- कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगी दलों से जुड़ी महिलाएं भी इस रैली में आई हैं। आज की रैली यहीं समाप्त नहीं होती है। यह आंदोलन बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिले स्तर तक जारी रखना है।

गर्मी को देखते हुए पदयात्रा में जगह-जगह प्याऊ, एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। रैली में शामिल महिलाओं ने राहुल गांधी मुर्दाबाद, नारी के सम्मान में भाजपा मैदान में जैसे नारे लगाए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने संबोधन में कहा-

सपा और कांग्रेस की स्थिति मेंढक की तरह है। इन्हें चाहे चांदी के चबूतरे में बैठा लो या सोने के। ये उछलेंगे तो नाले में ही कूंदेंगे। महिलाओं को आरक्षण जाति देखकर नहीं दिया जा सकता।

पदयात्रा में सीएम योगी, दोनों डिप्टी सीएम के अलावा कैबिनेट की महिला मंत्री भी हैं। इसके अलावा, गठबंधन की पार्टियां भी शामिल हुई हैं। इनमें ओपी राजभर, आशीष पटेल भी हैं। राजनीति के जानकार इसे भाजपा के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देख रहे हैं।

भाजपा संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा- नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा में पारित न होने पर यह पदयात्रा निकाली गई। उन्होंने बताया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने के लिए पीएम मोदी का महत्वपूर्ण कदम था। सभी दलों से सहयोग मांगने के बावजूद अधिनियम गिर गया।

सीएम योगी ने जन आक्रोश रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा- सपा हो या कांग्रेस, इनके कृत्य महिला विरोधी हैं। महिलाओं में इनके प्रति कितना गुस्सा है। यह दिखा रहा है कि भीषण गर्मी में भी हजारों की संख्या में बहनें आई हैं। देश के अंदर केवल 4 जातियां हैं- महिला, गरीब, युवा और किसान।

देश के अंदर इंस्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो, देश के संरक्षण का काम हो, समाज के हर तबके के उत्थान के लिए चलने वाली योजनाएं हों। इन सबके केंद्र बिंदु में महिलाएं हैं। उन्होंने कहा- पीएम आवास, स्वच्छ भारत मिशन, हर घर शौचालय, हर गरीब को छत, हर महिला को उज्ज्वला योजना से जोड़ना उन्हें ईंधन उपलब्ध कराना ही नहीं है, यह उनके स्वावलंबन के लिए भी है।

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स्मार्ट मीटर को लेकर एक्शन में UPPCL, चार सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनी, IIT और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के अधिकारी शामिल

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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं. प्रदेश के लगभग सभी जनपदों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर रोजाना ही विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का संज्ञान लिया और अब पावर कॉरपोरेशन की तरफ से स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता जांचने और तकनीकी परीक्षण के लिए चार सदस्यीय विशेषज्ञों की समिति का गठन किया गया है. इस समिति में आईआईटी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट के साथ ही पावर कारपोरेशन के अधिकारी भी शामिल होंगे.

उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन (UPPCL) ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय तकनीकी समिति का गठन किया है. इस समिति में आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अंकुश शर्मा और प्रबोध वाजपेई, इलेक्ट्रिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन वडोदरा के अनुभाग प्रमुख तेजस मिस्त्री और पावर कारपोरेशन के निदेशक (वितरण) जीडी द्विवेदी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है.

समिति के गठन से यह स्पष्ट है कि पावर कारपोरेशन ने स्वयं स्मार्ट मीटर की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से स्वीकार किया है. उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि पहली बार पावर कारपोरेशन ने यह माना है कि स्मार्ट मीटरों में तकनीकी कमियां मौजूद हैं.

उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग 85 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जो केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की एक अप्रैल 2026 की अधिसूचना के अनुसार स्थापित किए जा रहे हैं. इस स्थिति में यह आवश्यक है कि प्रीपेड आधार पर दिए जा रहे नए बिजली कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से रोका जाए. बिना उपभोक्ताओं की सहमति के प्रीपेड मोड में किए गए 70 लाख से अधिक कनेक्शनों को पोस्टपेड मोड में परिवर्तित किया जाए.

उपभोक्ता परिषद ने पावर कारपोरेशन और प्रदेश सरकार से मांग की है कि जब तक वर्तमान जांच समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक (पब्लिक डोमेन) में जारी नहीं हो जाती, तब तक पूरे उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर की स्थापना पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए.

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सकौती में जाटों का जमावड़ा: CM मान समेत कई दिग्गज पधारे, मंच से गरजे जाट नेता-पहचान व सम्मान से समझौता नहीं

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मेरठ जिले के दौराला क्षेत्र के सकौती स्थित हितकारी इंटर कॉलेज में आज महाराजा सूरजमल की प्रतिमा का अनावरण किया गया। इस अवसर पर जाट संसद की ओर से देशभर में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने के अभियान की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, समाज के लोग, जनप्रतिनिधि और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद हैं।

जाट संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनु चौधरी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि आने वाले एक से दो वर्षों में देश के सभी जाट बहुल गांवों में समाज के महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। उनका कहना है कि इससे समाज को अपने इतिहास और गौरव से जोड़ने में मदद मिलेगी।

प्रतिमाएं स्थापित करने का अभियान शुरू


मनु चौधरी ने बताया कि जाट संसद की ओर से यह राष्ट्रव्यापी अभियान समाज के महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों में चरणबद्ध तरीके से प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी और समाज के लोगों को इतिहास के प्रति जागरूक किया जाएगा।

कार्यक्रम को लेकर विवाद का आरोप


मनु चौधरी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात पुलिस ने कार्यक्रम स्थल पर लगे जाट शब्द को हटवा दिया और चालान करने की चेतावनी दी। उन्होंने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि समाज अपनी पहचान और सम्मान से कोई समझौता नहीं करेगा।

कई जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद


कार्यक्रम में कई सांसद, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और क्षेत्रीय नेता मौजूद हैं। आयोजकों के अनुसार पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख हनुमान बेनीवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है। दोनों नेताओं के कार्यक्रम स्थल की ओर आने की जानकारी दी गई है।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया। साथ ही समाज में एकजुटता बढ़ाने और शिक्षा के प्रसार पर विशेष जोर दिया गया।

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