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Punjab: मान कैबिनेट का बड़ा कदम: अब युद्ध और आतंकी हमलों के पीड़ितों को भी मिलेगा ‘फरिश्ते’ योजना का लाभ।
Punjab के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में ‘फरिश्ते’ योजना का दायरा बढ़ाने का अहम फैसला लिया गया। अब यह योजना सिर्फ सड़क हादसों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि युद्ध या आतंकी हमलों में घायल होने वाले आम नागरिक भी इसके तहत मुफ्त इलाज पा सकेंगे।
मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस फैसले का मकसद युद्ध या आतंकवाद जैसी घटनाओं में घायल लोगों को तुरंत और बिना रुकावट इलाज उपलब्ध कराना है। यह इलाज न सिर्फ सरकारी अस्पतालों में बल्कि सरकार द्वारा तय किए गए निजी अस्पतालों में भी करवाया जा सकेगा।
प्रमुख बिंदु:
1. युद्ध व आतंक पीड़ितों को मुफ्त इलाज:
अब युद्ध या आतंकवादी घटनाओं में घायल नागरिकों को भी ‘फरिश्ते’ योजना के तहत बिना किसी खर्च के इलाज की सुविधा मिलेगी। इससे गंभीर घायलों की जान बचाने में मदद मिलेगी।
2. सामान्य जनता को मिलेगा प्रोत्साहन:
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे पीड़ितों को निकटतम अस्पताल तक पहुंचाएं। ऐसे मददगारों को ‘फरिश्ता’ घोषित किया जाएगा और उन्हें नकद इनाम, सरकारी प्रशंसा पत्र, और कानूनी कार्रवाई से पूर्ण छूट दी जाएगी।
3. कानूनी सुरक्षा का आश्वासन:
जो व्यक्ति घायल को अस्पताल ले जाएगा, उसे पुलिस पूछताछ, एफआईआर या किसी भी प्रकार की कानूनी जटिलताओं से पूरी तरह इम्यूनिटी (छूट) दी जाएगी।
4. मृत्युदर और जटिलताओं में होगी कमी:
इस योजना का मुख्य उद्देश्य युद्ध व आतंक घटनाओं के कारण होने वाली मौतों और गंभीर जटिलताओं को कम करना है।
5. राज्य सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता:
यह कदम राज्य सरकार की उस जनकल्याणकारी सोच को दर्शाता है, जिसमें हर व्यक्ति की जिंदगी को महत्वपूर्ण समझा गया है, चाहे वह किसी भी परिस्थिति में क्यों न हो।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “हम एक ऐसी सरकार हैं जो जीवन को सर्वोपरि मानती है। युद्ध और आतंक के पीड़ित भी हमारे अपने हैं, और उनकी जान बचाना हमारी जिम्मेदारी है। ‘फरिश्ते’ योजना के विस्तार से अब कोई भी पीड़ित इलाज से वंचित नहीं रहेगा।”
यह फैसला न केवल पंजाब में एक नई मानवीय संवेदना की शुरुआत करता है, बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल पेश करता है।
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CM भगवंत सिंह मान द्वारा यू.पी.एस.सी.- 2025 पास करने वाले उम्मीदवारों का सम्मान; कहा, पंजाब के आम परिवारों के बच्चे लगातार राज्य का मान बढ़ा रहे हैं
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यू.पी.एस.सी. (यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन)-2025 की प्रतिष्ठित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महत्वपूर्ण सफलता पंजाब की शिक्षा व्यवस्था की बढ़ती गुणवत्ता और राज्य के युवाओं की अथाह संभावनाओं को दर्शाती है।
भविष्य के अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह देखकर बहुत खुशी होती है कि आम परिवारों के युवा कड़ी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ इरादे के साथ देश के सबसे महत्वपूर्ण पदों को प्राप्त कर रहे हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में लड़कियों के शानदार प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियाँ महिला सशक्तिकरण का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं और यह भी साबित करती हैं कि बराबर अवसर बेटियों को हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करने योग्य बनाते हैं।
शैक्षणिक सुधारों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार हर विद्यार्थी के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बराबर अवसर सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है। राज्य सरकार का सपना पंजाब के और युवाओं को लोक सेवा के उच्च और प्रतिष्ठित पदों पर पहुँचते देखना है।
इस मुलाकात के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज, मुझे उन होशियार उम्मीदवारों का विशेष रूप से सम्मान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ जिन्होंने प्रतिष्ठित यू.पी.एस.सी.-2025 परीक्षा पास करके पंजाब का मान बढ़ाया है। इन युवाओं से मेरी सार्थक बातचीत हुई। उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और लगन अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत है। मुझे पूरा विश्वास है कि ये आने वाले वर्षों में ईमानदारी, प्रतिबद्धता और समर्पित भावना के साथ देश और पंजाब की सेवा करेंगे। हमारा सपना है कि और युवाओं को उच्च और प्रतिष्ठित पदों पर देखना है और ‘आप’ सरकार इस सपने को साकार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।”
पंजाब से यू.पी.एस.सी. परीक्षा-2025 पास करने वाले नए चुने गए आईएएस अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब के युवा अपनी शानदार उपलब्धियों के माध्यम से राज्य का मान बढ़ा रहे हैं। इन अधिकारियों ने प्रतिष्ठित यू.पी.एस.सी. परीक्षा पास की है और न केवल पंजाब बल्कि अपने माता-पिता का भी मान बढ़ाया है। इन युवाओं की सफलता हमारे विद्यार्थियों की अथाह क्षमता और शिक्षा क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह न तो पहली ऐसी उपलब्धि है और न ही आखिरी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी आने वाले वर्षों में नए मील के पत्थर स्थापित करते रहेंगे और पंजाब का नाम रोशन करेंगे। उन्होंने आगे कहा, “आम परिवारों के बच्चे साबित कर रहे हैं कि समर्पण, लगन और सही मार्गदर्शन के साथ किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता पूरे राज्य के लिए बहुत गर्व और संतोष की बात है। राज्य के इन बेटों और बेटियों ने अपनी योग्यता साबित की है और यह दिखाया है कि हर घर में सक्षम युवा हैं।”
विद्यार्थिनियों के शानदार प्रदर्शन को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियाँ शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं और समाज के लिए तेजी से रोल मॉडल के रूप में उभर रही हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लड़कियों ने पंजाब के हर क्षेत्र में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करके अपनी योग्यताओं को साबित किया है। ये बेटियाँ असाधारण प्रतिभा और दृढ़ता का प्रदर्शन कर रही हैं। इनकी उपलब्धियाँ शक्तिशाली संदेश देती हैं कि बराबर अवसर और उत्साह के साथ लड़कियाँ अपनी इच्छा के अनुसार परिणाम हासिल कर सकती हैं।”

विद्यार्थिनियों की सफलता को पूरे राज्य के लिए बेहद गर्व और संतोष वाली बात बताते हुए मुख्यमंत्री ने इसे महिला सशक्तिकरण का स्पष्ट प्रतीक बताया। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में से एक है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम बेहतर बुनियादी ढाँचे, शिक्षा की आधुनिक विधियों और विद्यार्थियों के लिए अनुकूल शिक्षण वातावरण प्रदान करके सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक बच्चा आर्थिक कठिनाइयों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार रखता है और हमारी सरकार हर बच्चे तक यह अवसर पहुँचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा क्षेत्र को और अधिक मजबूत करने के लिए ठोस प्रयास कर रही है ताकि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी अन्य बच्चों की तरह ऊँचाइयों को छूने के बेहतर अवसर मिल सकें। उन्होंने कहा, “शिक्षा आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने और समृद्ध पंजाब के निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। पंजाब सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने तथा यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि प्रत्येक बच्चे को सफल होने का समान अवसर मिले।”
अभिभावकों से अपने बच्चों पर विश्वास करने और उनके सपनों को साकार करने में सहयोग देने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक बच्चे में विशिष्ट प्रतिभाएँ और क्षमताएँ होती हैं, जिन्हें अपेक्षाओं के बोझ तले दबाने के बजाय निखारने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “माता-पिता को अपने बच्चों की क्षमताओं को पहचानना चाहिए और उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्हें ऐसे करियर चुनने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए जिनमें उनकी रुचि न हो। जब बच्चों को अपने परिवारों से विश्वास और समर्थन मिलता है, तो वे बेहतर प्रदर्शन करते हैं और अपनी पूरी क्षमता के साथ मेहनत करते हैं।”
शैक्षिक सुधारों और विद्यार्थियों के कल्याण से संबंधित पहलों के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसा वातावरण तैयार करने के लिए दृढ़ संकल्पित है, जहाँ प्रत्येक बच्चा अपनी पूर्ण क्षमता को पहचान सके।
सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं और आशा व्यक्त की कि वे कड़ी मेहनत करते रहेंगे, समाज में सार्थक योगदान देंगे तथा पंजाब की प्रगति और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे। उन्होंने कहा, “पंजाब का भविष्य उज्ज्वल है क्योंकि इन युवा अधिकारियों की उपलब्धियाँ हमारे लोगों की प्रतिभा, दृढ़ता और आकांक्षाओं को दर्शाती हैं। मैं सभी को जीवन में और अधिक ऊँचाइयाँ प्राप्त करने की शुभकामनाएँ देता हूँ तथा उन्हें बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के लिए कठोर परिश्रम करने का आह्वान करता हूँ।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सलाह भी दी कि वे अपनी सफलता के बावजूद विनम्र बने रहें और नई ऊँचाइयों को प्राप्त करने के लिए निरंतर मेहनत करते रहें। उन्होंने कहा, “अपनी उपलब्धियों पर अहंकार न करें। जमीन से जुड़े रहें, विनम्र रहें और मेहनत करते रहें। इस मंच का उपयोग केवल सफल अधिकारी बनने के लिए ही नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक योगदान देने वाले अच्छे इंसान बनने के लिए भी करें।”
मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि नव-नियुक्त अधिकारी अपने पदों का उपयोग जनसेवा के लिए करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें सार्वजनिक सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। अंत में उन्होंने कहा, “अपनी कलम का उपयोग समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की सहायता के लिए करें। लोगों के अधिकतम कल्याण को सुनिश्चित करें ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को आपके कार्यों का लाभ मिल सके। यही मानवता की सच्ची सेवा है और प्रत्येक अधिकारी को इसे प्राप्त करने में सार्थक भूमिका निभानी चाहिए।”
इस अवसर पर मुख्य सचिव के. ए. पी. सिन्हा तथा अनेक अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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भाजपा का कानूनी सलाहकार नशे के साथ पकड़ा गया, भाजपा नेताओं ने पंजाब में सीधे तौर पर नशे बेचने शुरू कर दिए है: हरपाल सिंह चीमा
आम आदमी पार्टी (आप) के सीनियर नेता और पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सोमवार को कहा कि नशा डीलर समेत भाजपा पदाधिकारी की गिरफ्तारी से भाजपा की पोल खुल गई है। पार्टी के नशा तस्करी से गहरे संबंध, पंजाब में सालों से फैले नशा के खतरे में उसकी भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हैं। उन्होंने दावा किया कि पहले नशा तस्कर भाजपा की राजनीतिक सरपरस्ती में काम करते थे, लेकिन अब भाजपा नेता और पदाधिकारी खुद नशा से जुड़े मामलों में पकड़े जा रहे हैं।
आप के सीनियर नेता ने कहा कि भाजपा को यह साफ करना चाहिए कि गुजरात के रास्ते बार-बार बड़ी मात्रा में नशे क्यों पकड़े जा रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने याद दिलाया कि अकाली-भाजपा राज में ही पूरे पंजाब में चिट्टा फैला और राज्य अंधेरे धकेल दिया था।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान के तहत सैकड़ों बड़े नशा तस्करों को जेल भेजा गया है, उनकी प्रॉपर्टी गिराई गई हैं, और नशा तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह भाजपा नेता हो, पदाधिकारी हो या समर्थक।
मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस गिरफ्तारी ने भाजपा के दोहरे रवैये और नशा तस्करी से उसके गहरे संबंधों को पूरी तरह से बेनकाब कर दिया है। सालों से भाजपा पंजाब में नशे के मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश कर रही है, लेकिन अब उसका अपना एक पदाधिकारी नशे के मामले में पकड़ा गया है, जिससे साबित होता है कि पार्टी खुद उसी बुराई में शामिल है, जिसके खिलाफ लड़ने का दिखावा करती है। उन्होंने दावा किया कि पहले नशा तस्कर उनके राजनीतिक संरक्षण में काम करते थे, अब भाजपा नेता खुद नशे के साथ पकड़े जा रहे हैं। इस घटना ने पंजाब के लोगों के सामने भाजपा का असली चेहरा सामने ला दिया है।
मंत्री ने कहा कि मार्च 2022 से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार बिना किसी समझौते के नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ अभियान चला रही है। सैकड़ों बड़े नशा तस्करों को गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा गया है, उनकी प्रॉपर्टी गिराई गई हैं और राजनीतिक संबंधों की परवाह किए बिना नशा तस्करी में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
पिछली सरकार के समय को याद करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने अकाली-भाजपा सरकार के दौरान नशे का सबसे बुरा दौर देखा। अकाली दल-भाजपा सरकार के समय ही पंजाब में ‘चिट्टा’ फैला और राज्य को भारी नुकसान हुआ। आज वही पार्टियां जिन्होंने पंजाब को अंधेरे में धकेला, जनता को गुमराह करने और अपनी जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही हैं।
मंत्री ने आगे कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार पंजाब से नशे खत्म करने के लिए लगातार काम कर रही है, लेकिन देश भर में फैले नशे नेटवर्क में भाजपा की भूमिका को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। भारत में आने वाले नशे का एक बड़ा हिस्सा देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचने से पहले भाजपा शासित गुजरात से होकर गुजरता है।
भाजपा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा को जवाब देना चाहिए कि गुजरात से बार-बार बड़ी मात्रा में नशे क्यों बरामद होते हैं। पंजाब को टारगेट करने के बजाय, भाजपा को यह बताना चाहिए कि उसकी निगरानी में इतने बड़े पैमाने पर नशे देश में कैसे आ रहे हैं।
नशे खत्म करने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम के ज़रिए बॉर्डर सिक्योरिटी को मज़बूत किया है, तस्करों के खिलाफ कार्रवाई तेज़ की है, और नशे के दलदल में फंसे युवाओं को नॉर्मल ज़िंदगी में लौटने में मदद करने के लिए नशा छुड़ाने और रिहैबिलिटेशन सेंटर बढ़ाए हैं।”
आप सरकार नशे के खिलाफ ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी अपनाती है। कोई भी इंसान, चाहे वह कितने भी ऊंचे पॉलिटिकल पद या रसूख वाला हो, अगर नशा तस्करी में शामिल पाया गया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
मंत्री ने आगे कहा कि अगर कोई भाजपा नेता, पदाधिकारी या समर्थक नशा तस्करी में शामिल पाया गया तो पंजाब पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी और उन्हें जेल भेजेगी। भगवंत सिंह मान सरकार में कानून सबके लिए बराबर है।
अपनी बात खत्म करते हुए मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पंजाब के लोग अच्छी तरह जानते हैं कि किन पार्टियों ने पहले राज्य को बर्बाद किया है और पंजाब का भविष्य कौन बचाएगा। ईमानदारी से काम कर रहे हैं। भाजपा और अकाली दल ने पंजाब को बार-बार धोखा दिया है। आप सरकार पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह अभियान तब तक पूरी ताकत से जारी रहेगा जब तक हर नशा तस्करों को सज़ा नहीं मिल जाती।
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अकाली-भाजपा शासन के दौरान पंजाब ने नशे की सबसे बड़ी मार झेली: चीमा
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने नशे के मुद्दे पर विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पंजाब को नशा-मुक्त बनाने के लिए मान सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान पंजाब में नशे की समस्या ने सबसे गंभीर रूप धारण किया और चिट्टे का कारोबार पूरे राज्य में फैल गया। इसके साथ ही बेअदबी की घटनाओं का दौर भी उसी समय शुरू हुआ।
हरपाल चीमा ने कहा कि एक तरफ कुछ राजनीतिक दलों पर नशा फैलाने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोप भी सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य को नशे की मार से बचाना और युवाओं को सुरक्षित भविष्य देना है।
चीमा ने बताया कि सरकार द्वारा ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। सीमावर्ती इलाकों में नशे की तस्करी रोकने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए जा रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है और राज्य को नशा-मुक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। चीमा ने दावा किया कि मान सरकार के प्रयासों से नशा माफिया पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है और आने वाले समय में इस अभियान को और तेज किया जाएगा।
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