Haryana
हरियाणा के बुजुर्गों को मिलेगा स्मार्ट NCMC कार्ड: बस यात्रा से टोल भुगतान तक एक ही कार्ड से होंगे सारे काम।
हरियाणा रोडवेज विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब उन्हें मिलने वाला सीनियर सिटिजन कार्ड अपग्रेड होकर नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) के रूप में दिया जाएगा। इस नए सिस्टम के तहत वरिष्ठ नागरिकों को कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद, कार्ड तैयार होकर संबंधित रोडवेज दफ्तर में भेजा जाएगा। कार्ड के पहुँचने की जानकारी लाभार्थी को उनके मोबाइल पर मैसेज के ज़रिए दी जाएगी। एक बार NCMC कार्ड बन जाने के बाद, बुजुर्ग इस एक कार्ड का इस्तेमाल बस यात्रा समेत कई अन्य सुविधाओं के लिए भी कर सकेंगे।

एनडीएमसी: एक देश, एक कार्ड की पहल
दरअसल, नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) एक ऐसा इंटरऑपरेबल ट्रांसपोर्ट कार्ड है, जिसे पूरे देश में यात्रा, खुदरा खरीदारी और टोल भुगतान जैसी विभिन्न सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। यह कार्ड भारत सरकार की ‘वन नेशन वन कार्ड’ पहल के अंतर्गत लॉन्च किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल और केशलैस लेनदेन को बढ़ावा देना है।
अभी तक सोनीपत रोडवेज विभाग वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य प्रिंटेड कार्ड जारी करता था, लेकिन अब मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के अनुसार, सभी मौजूदा और नए सीनियर सिटिजन कार्ड को NCMC कार्ड में अपडेट किया जाएगा।
जिले में 6 हजार से अधिक सीनियर सिटिजन कार्ड होंगे अपडेट
सोनीपत जिले में सोनीपत और गोहाना में दो प्रमुख बस डिपो संचालित हैं। इन डिपो से प्रतिदिन हजारों यात्री विभिन्न मार्गों पर यात्रा करते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हैं। वर्तमान में, रोडवेज विभाग द्वारा जिले में 6 हजार से अधिक सीनियर सिटिजन कार्ड जारी किए गए हैं। अब इन सभी कार्ड धारकों के कार्ड को नए NCMC प्रारूप में बदला जाएगा। इसके साथ ही, नए आवेदकों को शुरुआत से ही NCMC कार्ड प्रदान किए जाएंगे।

हैप्पी कार्ड को भी करा सकते हैं सीनियर सिटिजन कार्ड में अपडेट
रोडवेज विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों को एक और सुविधा दी है। यदि किसी बुजुर्ग व्यक्ति के पास पहले से हैप्पी कार्ड मौजूद है और उन्होंने अपने सालाना 1000 किलोमीटर के मुफ्त यात्रा का लाभ उठा लिया है, तो वे अपने हैप्पी कार्ड को ही सीनियर सिटिजन कार्ड में अपडेट करवा सकते हैं।
सीनियर सिटिजन कार्ड के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों को बस किराए में 50 प्रतिशत की छूट मिलती है। हालांकि, NCMC कार्ड में बदलने के बाद, इस कार्ड को रिचार्ज करवाना अनिवार्य होगा। कार्ड में पैसे होने पर ही वरिष्ठ नागरिक किराए में छूट का फायदा उठा सकेंगे।
एनसीएमसी कार्ड के अनेक फायदे
- यह एक संपर्क रहित कार्ड है, जो EMV चिप तकनीक पर आधारित है, जिससे केशलैस भुगतान सुरक्षित और आसान हो जाता है।
- इस कार्ड का उपयोग मेट्रो, बस, लोकल ट्रेन, टोल प्लाजा, पार्किंग शुल्क और विभिन्न खुदरा दुकानों पर भुगतान के लिए किया जा सकता है।
- NCMC कार्ड में एक अंतर्निहित (underlying) वॉलेट सुविधा भी मिलती है, जिसमें उपयोगकर्ता पैसे जमा कर सकते हैं और फिर सार्वजनिक परिवहन या अन्य सेवाओं के लिए भुगतान कर सकते हैं।
अधिकारी का बयान
सोनीपत बस डिपो के एस.एस., सुरेन्द्र ने बताया कि पहले रोडवेज विभाग सामान्य तरीके से सीनियर सिटिजन कार्ड बनाता था, लेकिन अब इसे अपडेट करके NCMC कार्ड में बदला जाएगा। सोनीपत बस डिपो से लगभग 6 हजार सीनियर सिटिजन कार्ड जारी किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।
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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम
जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।
जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।
2023 में नहीं लाया जा सका बिल
2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।
आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए
खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।
बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी
आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।
परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध
पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।
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