Haryana
Haryana में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर राज्य स्तरीय ग्राम उत्थान सम्मेलन: सीएम नायब सैनी ने सरपंच पतियों पर कसा तंज।
राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर Haryana सरकार ने 24 अप्रैल, आज, पंचकूला के ताऊ देवी लाल स्टेडियम में राज्य स्तरीय ग्राम उत्थान सम्मेलन का आयोजन किया। इस अवसर पर, पंचकूला में हुए ग्राम उत्थान समारोह के दौरान पहलगांव में हुए हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए सभी ने दो मिनट का मौन रखा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सैनी, पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी और मंत्री रणबीर गंगवा ने शिरकत की।
कार्यक्रम में सीएम नायब सिंह सैनी ने अपने संबोधन में कहा, मुझे खुशी है इस कार्यक्रम में 50% से ज्यादा मातृ शक्ति आई है। इसमें कई सरपंच पति भी आए होंगे, कौन-कौन आए हैं। हाथ खड़े करो। हमने कहा था कि भाई सरपंच आना चाहिए। सीएम ने कहा, आज मुझे खुशी है कि इस पंचायती राज दिवस के अवसर पर दो पुस्तकें भी लांच की है। एक बुक मुख्यमंत्री जागृत ग्राम पुरस्कार योजना है।
इसका उद्देश्य यह है कि लोगों के द्वारा इस लोकतंत्र में आने का अवसर मिलता है। लोग हमे लंबे समय तक याद रखें तो इस योजना के जरिए पूरा होगा। दूसरी बुक हमने मेरा गांव मेरी धरोहर जारी की है। इससे हमे ये जानकारी मिलेगी कि हमारे हरियाणा में कहां-कहां कौन-कौन सी चीज है। इससे पूर्व सीएम सैनी ने नए पेंशन धारकों की पेंशन शुरू की, साथ ही कई विकास योजनाओं का भी शुभारंभ किया।

सीएम के भाषण के बाद पंचकूला कार्यक्रम स्थल से उठ कर जब कई सरपंच जाने लगे तो नायब सिंह सैनी ने स्टेज से कहा कि आप कहां जा रहे हो, बिहार में आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी का भाषण सुनना है सबको। आप गांव के मुख्य आदमी हो , आपको कहने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।
CM ने जारी किए 135 करोड़ रुपए
सीएम नायब सैनी ने कार्यक्रम के दौरान 135.13 करोड़ रुपए की लागत से 413 विकास कार्यों का शिलान्यांस किया। इसके अलावा स्टांप ड्यूटी का अंश 22 जिला परिषदों, 142 पंचायत समितियों और 5388 ग्राम पंचायतों को 572 करोड़ 42 लाख रुपया हस्तांतरित किया। सीएम सैनी ने 511 ग्राम पंचायतों में महिला चौपालों के लिए अधूरे पड़े भवनों की मरम्मत के लिए 18 करोड़ 28 लाख रुपए की धनराशि जारी की। इस दौरान सीएम ने निधि वितरण प्रणाली का भी शुभारंभ किया।
हमने प्रदेश को पढ़ी लिखी पंचायतें दी: पंचायत मंत्री पंवार
पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा, आज का ये समारोह एक उत्सव के रूप में हम मना रहे हैं। इसके लिए मैं सीएम सैनी का आभार प्रकट करता हूं। 1994 में पंचायती एक्ट में संशोधन हुआ था। हरियाणा प्रदेश पहला ऐसा प्रदेश है, जिसने पढ़ी लिखी पंचायत, जिला परिषद, ब्लाक समिति सभी में क्वालीफिकेशन तय थी, जबकि उस समय में विपक्ष के लोगों ने उल्टे सीधे बयान दिए, लेकिन आज पढ़ी लिखी पंचायतों से हमे लाभ मिल रहा है। पंच-सरपंच कंप्यूटर पर बैठकर आनलाइन काम करते हैं। हमारी सरकार पंचों और संरपंचों को समय-समय पर ट्रेनिंग भी देते हैं। अब हमारी सरकार पंचायतों में लाइब्रेरी बनाने जा रहे हैं।

पंचों-सरपंचों ने मान लिया था कि कांग्रेस की सरकार बनेगी
पंचायत मंत्री ने कार्यक्रम में आए पंच-सरपंचों से कहा, विधानसभा चुनाव में कई पंचों और सरपंचों ने मन बना लिया था कि कांग्रेस सत्ता में आ रही है, लेकिन नायब सैनी की जो गाड़ी है वह फोर वाई फोर की है। उसने चुनावी कीचड़ को पार कर तीसरी बार हरियाणा के इतिहास में सरकार बनाई। सीएम सैनी पंचायतों को बहुत प्यार करते हैं, और आपका सहयोग रहा तो आगे भी करते रहेंगे।
41591 नए लाभार्थियों को मिलेगी पेंशन
इस सम्मेलन के दौरान ही, मुख्यमंत्री द्वारा मार्च महीने में पहचान किए गए 41,591 नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन का वितरण भी किया जाएगा। यह कदम प्रदेश के पात्र व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में एक और मजबूत प्रयास है।
वर्तमान में हरियाणा सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की सामाजिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 34,95,507 पात्र लाभार्थियों को पेंशन, वित्तीय सहायता का लाभ पीएफएमएस के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में प्रदान किया जा रहा है।
महिला सरपंचों की बढ़ेगी भागीदारी
यह आयोजन ग्रामीण विकास, प्रशासनिक दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा देने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा। सम्मेलन में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में पंचायती राज प्रतिनिधि इस सम्मेलन में भाग लेंगे, जिनमें महिला प्रतिनिधियों की विशेष और उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिलेगी।
यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता का एक जीवंत उदाहरण होगा।इस सम्मेलन का उद्देश्य केवल पंचायती राज संस्थाओं को मजबूत बनाना ही नहीं है, बल्कि राज्य भर के जनप्रतिनिधियों, विशेषकर महिला प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी देकर उन्हें और अधिक प्रभावशाली तथा आत्मनिर्भर बनाना भी है।
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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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