Haryana
ग्रुप C और D पदों की सीधी भर्ती के लिए Haryana सरकार बनाएगी नए नियम, 5 मई को कैबिनेट में होगा फैसला।
Haryana सरकार ग्रुप C और ग्रुप D पदों पर सीधी भर्ती के लिए नए नियम तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में 5 मई को होने वाली कैबिनेट बैठक में इन नियमों को मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
पंजाब एवं Haryana हाईकोर्ट ने सरकार को भर्ती से जुड़े नियम बनाने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के इन निर्देशों के अनुसार और आगामी सीईटी (कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट) से पहले, सरकार इन नियमों को मंजूरी देकर अधिसूचित करेगी।
इन नियमों को Haryana कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) भर्ती प्रक्रिया नियम, 2025 कहा जाएगा। Haryana कर्मचारी चयन आयोग के जरिए ग्रुप सी और ग्रुप डी के जिन पदों की सीधी भर्ती होनी है। उनके लिए ये नियम बनाए जाएंगे।
विभागों को HSSC को देना होगा पूरा ब्योरा
सरकार के नियंत्रण वाले सभी विभागों और सरकारी संगठनों के प्रमुख ग्रुप सी के खाली पदों के लिए अपनी मांगें संबंधित सेवा नियमों में दिए गए पात्रता मानदंडों के साथ निर्धारित प्रारूप में Haryana कर्मचारी चयन आयोग को प्रस्तुत करेंगे। हालांकि, ग्रुप डी पदों के लिए मांग मानव संसाधन निदेशालय Haryana को भेजी जाएंगी।
Haryana सरकार के नियंत्रण में विभागों और सरकारी संगठनों से मांग प्राप्त होने पर, भर्ती के लिए खाली पदों को आयोग द्वारा विज्ञापित किया जाएगा।

मेरिट के आधार पर बुलाया जाएगा
इसके साथ ही विज्ञापित पदों के लिए पाठ्यक्रम, कौशल या लिखित परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया तरीका और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता या अनुभव प्राप्त करने की अंतिम तिथि भी दी जाएगी। विज्ञापन जारी होने पर, आयोग सीईटी अंकों, एच-टेट योग्यता (जैसा भी मामला हो) की मेरिट सूची के आधार पर पात्र उम्मीदवारों से इलेक्ट्रॉनिक रूप से आवेदन आमंत्रित करेगा। ताकि यह पता चल सके कि उम्मीदवार पद के लिए कौशल और या लिखित परीक्षा के लिए उपस्थित होने के इच्छुक है या नहीं।
ओवरएज होने पर नहीं दे पाएंगे एग्जाम
पहले या किसी बाद के प्रयास में किसी आवेदक प्रारा प्राप्त सीईटी अंक सीईटी के परिणाम की घोषणा की तारीख से तीन साल की अवधि के लिए वैध हैं। यदि वैधता अवधि के दौरान, कोई आवेदक विज्ञापित पद के लिए निर्धारित उपरी आयु सीमा, जिसमें आयु में छूट भी शामिल है, प्राप्त कर लेता है, तो यह लिखित या कौशल परीक्षा में बैठने का हकदार नहीं होगा।
आरक्षण की वैधता लास्ट डेट पर तय होगी
शैक्षिक योग्यता के संबंध में, उम्मीदवार की डिग्री विज्ञापित पद के लिए आवेदन पत्र जमा करने के लिए निर्धारित कट ऑफ अंतिम तिथि के बाद वैध होगी। यदि एग्जाम के लिए अंतिम परिणाम शैक्षणिक संस्थान द्वारा अंतिम तिथि कटऑफ तिथि से पहले आधिकारिक तरीके से घोषित किया जाता है। आवेदक को दस्तावेजों की जांच के समय ऐसे दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। आरक्षण के संबंध में, आरक्षण लाभ के लिए प्रमाण पत्र की वैधता विज्ञापन की अंतिम तिथि पर विचार की जाएगी।
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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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