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स्टार्क ने सुपर ओवर में बदला खेल का रुख, दिल्ली ने राजस्थान को हराकर IPL में बनाई टॉप पोजिशन।

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IPL के 18वें सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को रोमांचक मुकाबले में सुपर ओवर में शिकस्त दी। यह इस सीजन का पहला सुपर ओवर था। अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मैच में राजस्थान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया। दिल्ली ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट पर 188 रन बनाए। जवाब में राजस्थान ने भी 4 विकेट के नुकसान पर 188 रन बना डाले और मुकाबला टाई हो गया।

इसके बाद सुपर ओवर में राजस्थान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मिचेल स्टार्क के सामने 11 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करने उतरे दिल्ली के बल्लेबाज़ केएल राहुल और ट्रिस्टन स्टब्स ने संदीप शर्मा की गेंदों पर सिर्फ 4 गेंदों में यह स्कोर हासिल कर लिया और टीम को जीत दिला दी।

राजस्थान की पारी के अंतिम ओवर में मिचेल स्टार्क ने शिमरोन हेटमायर और ध्रुव जुरेल के खिलाफ सिर्फ 9 रन देकर मैच को टाई कराया था, जिससे मुकाबला सुपर ओवर तक खिंच गया।

राजस्थान से नीतीश राणा और यशस्वी जायसवाल दोनों ने फिफ्टी लगाई। कप्तान संजू सैमसन 31 रन बनाकर रिटायर्ड हर्ट हुए। जोफ्रा आर्चर ने 2 विकेट लिए। दिल्ली से अभिषेक पोरेल ने 49 रन बनाए। कुलदीप यादव, अक्षर पटेल और मिचेल स्टार्क ने 1-1 विकेट लिया।

5 पॉइंट्स में मैच एनालिसिस…

  1. प्लेयर ऑफ द मैच

दिल्ली के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने टीम को मैच जिताया। उन्होंने पहले 20वें ओवर में 9 रन डिफेंड किए और मैच टाई कराया। स्टार्क ने राजस्थान से फिफ्टी लगा चुके नीतीश राणा को भी पवेलियन भेजा। स्टार्क ने फिर सुपर ओवर में भी महज 11 रन खर्च किए और टीम को बड़ा टारगेट नहीं मिलने दिया।

  1. जीत के हीरो

केएल राहुल: नंबर-4 पर बैटिंग करने उतरे राहुल ने 38 रन बनाए। उन्होंने ही सुपर ओवर में शुरुआती 3 गेंदों पर 7 रन बनाकर दिल्ली की झोली में मैच डाल दिया।

ट्रिस्टन स्टब्स: नंबर-6 पर बैटिंग करने उतरे स्टब्स ने महज 18 गेंद पर 34 रन बनाकर टीम को 188 तक पहुंचाया। उन्होंने ही सुपर ओवर में विनिंग सिक्स भी लगाया।

अक्षर पटेल: दिल्ली के कप्तान अक्षर ने बैटिंग करते हुए महज 14 गेंद पर 34 रन बनाए। उन्होंने फिर बॉलिंग में 3 ओवर में 23 रन देकर रियान पराग का विकेट भी लिया।

  1. फाइटर ऑफ द मैच

राजस्थान ने 9वें ओवर में दूसरा विकेट गंवाया। यहां नीतीश राणा बैटिंग करने आए। उन्होंने तेजी से बैटिंग की और महज 26 गेंद पर फिफ्टी लगा दी। राणा ने 28 गेंद पर 6 चौके और 2 छक्के लगाकर 51 रन बनाए। उन्होंने ही टीम को जीत के करीब पहुंचाया, लेकिन फिनिशर्स मैच नहीं जिता सके।

  1. टर्निंग पॉइंट

दिल्ली के मिचेल स्टार्क को 20वें ओवर में 9 रन डिफेंड करने थे। उन्होंने शिमरोन हेटमायर और ध्रुव जुरेल जैसे प्रॉपर बैटर्स के सामने 8 ही रन खर्च किए। स्टार्क के बेहतरीन ओवर ने मैच टाई कराया और मुकाबला सुपर ओवर में पहुंचा, जहां से दिल्ली को जीत मिल गई।

  1. दिल्ली टॉप पर पहुंचा

लखनऊ के निकोलस पूरन 357 रन बनाकर टूर्नामेंट के टॉप रन स्कोरर हैं। चेन्नई के नूर अहमद 12 विकेट लेकर टॉप विकेट टेकर हैं। 6 मैचों में 5 जीत के बाद दिल्ली कैपिटल्स पॉइंट्स टेबल के टॉप पर पहुंच गई। दूसरी ओर 7 मैचों में 5वीं हार के बाद राजस्थान 8वें नंबर पर ही बरकरार है।

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National

लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम ने रचा इतिहास, इंग्लैंड को 270 रन से हराकर जीता पहला टेस्ट

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भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स में इतिहास रचते हुए इंग्लैंड को 270 रन से हराकर पहला महिला टेस्ट मैच अपने नाम कर लिया। लॉर्ड्स के 142 साल के टेस्ट इतिहास में यह पहला अवसर था, जब यहां महिला टेस्ट मैच खेला गया और भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज कर इसे यादगार बना दिया।

भारत ने चौथे दिन सुबह इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समेट दी। मेजबान टीम के सामने 457 रन का विशाल लक्ष्य था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों के सामने इंग्लैंड की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई। भारत को आखिरी दिन जीत के लिए सिर्फ चार विकेट चाहिए थे, जिन्हें टीम ने पहले ही सत्र में हासिल कर लिया।

इस ऐतिहासिक मुकाबले से पहले भारतीय टीम को एक खास सरप्राइज भी मिला। महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर बिना किसी पूर्व सूचना के भारतीय ड्रेसिंग रूम पहुंचे और कप्तान हरमनप्रीत कौर, खिलाड़ियों व सपोर्ट स्टाफ से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज निक नाइट ने इसे भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद प्रेरणादायक पल बताया। मैच खत्म होने के बाद भी सचिन ने खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें ऐतिहासिक जीत की बधाई दी। इस दौरान आईसीसी चेयरमैन जय शाह भी लॉर्ड्स में मौजूद रहे।

मैच की बात करें तो भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे। जवाब में इंग्लैंड की टीम 170 रन पर सिमट गई, जिससे भारत को 115 रन की अहम बढ़त मिली। इसके बाद भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी 147/7 पर घोषित कर इंग्लैंड को 457 रन का लक्ष्य दिया। तीसरे दिन के अंत तक इंग्लैंड का स्कोर 130/6 था और चौथे दिन भारतीय गेंदबाजों ने बाकी चार विकेट भी जल्दी लेकर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर ली।

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Punjab

चंडीगढ़ में खेल पुरस्कार समारोह: CM भगवंत मान ने 87 खिलाड़ियों को किया सम्मानित

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पंजाब सरकार ने आज चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 87 खिलाड़ियों को प्रतिष्ठित महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड से सम्मानित किया। समारोह के दौरान खिलाड़ियों को कुल 32.05 करोड़ रुपये की इनामी राशि भी वितरित की गई।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर पंजाब और देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। भारतीय हॉकी टीम और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पंजाब से जुड़े खिलाड़ियों को भी नकद पुरस्कार प्रदान किए गए।

सरकार के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सम्मान देना और युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करना है। महाराजा रणजीत सिंह अवॉर्ड को पंजाब का सर्वोच्च खेल सम्मान माना जाता है। यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को दिया जाता है जिन्होंने खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का गौरव बढ़ाया है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार बनने के बाद पंजाब में खिलाड़ियों को नई पहचान और सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाएं तैयार की जा रही हैं, जिनमें 3,000 गांवों में खेल मैदान और 6,000 गांवों में जिम स्थापित करने जैसी पहल शामिल हैं।

उन्होंने कहा, “मैं मुख्यमंत्री का पंजाब में खेलों को बढ़ावा देने के लिए धन्यवाद करती हूं। हमने एक टीम के रूप में खेलकर कई उपलब्धियां हासिल की हैं। एशियन ट्रॉफी जीतना मेरे लिए बेहद गर्व की बात रही। पिछले 15-20 वर्षों से मैं खेल से जुड़ी हूं और हमेशा यह सपना था कि पंजाब के खिलाड़ियों को दुनियाभर में सम्मान मिले। जिस तरह राज्य में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है, उससे नए खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलेगा और वे पंजाब के लिए पदक जीतने के लिए प्रेरित होंगे।”

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Punjab

पंजाब के Gurindervir Singh ने रचा इतिहास, 100 मीटर में बनाया नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड, जीता गोल्ड मेडल

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भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में शुक्रवार का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता के दूसरे दिन पंजाब के स्टार स्प्रिंटर Gurindervir Singh ने पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में नया इतिहास रच दिया। गुरिंदरवीर ने सिर्फ 10.09 सेकंड में रेस पूरी कर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह 10.10 सेकंड से कम समय में 100 मीटर दौड़ पूरी करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

गुरिंदरवीर का यह प्रदर्शन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया में चर्चा का विषय बन गया है। उनका यह समय इस सीजन का एशिया का दूसरा सबसे तेज समय माना जा रहा है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने अपने बड़े प्रतिद्वंद्वी और पूर्व राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक Animesh Kujur को पीछे छोड़ते हुए शानदार जीत दर्ज की।

यह मुकाबला भारतीय एथलेटिक्स के लिए बेहद रोमांचक रहा। ओडिशा के Animesh Kujur ने पिछले साल 10.18 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन इस बार गुरिंदरवीर ने पहले अपनी सेमीफाइनल हीट में 10.17 सेकंड का समय निकालकर नया रिकॉर्ड कायम किया।

हालांकि, सिर्फ पांच मिनट बाद ही Animesh Kujur ने दूसरी सेमीफाइनल हीट में 10.15 सेकंड का समय निकालकर रिकॉर्ड फिर अपने नाम कर लिया। इस तरह कुछ ही मिनटों में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ का राष्ट्रीय रिकॉर्ड दो बार टूटा।

लेकिन असली मुकाबला फाइनल में देखने को मिला, जहां Gurindervir Singh ने 10.09 सेकंड का धमाकेदार समय निकालकर न सिर्फ गोल्ड मेडल जीता, बल्कि नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बना दिया। वह अनीमेश से 0.11 सेकंड तेज रहे और फिनिश लाइन पर लगभग दो फीट आगे नजर आए।

गुरिंदरवीर सिंह की यह सफलता उनके वर्षों के संघर्ष और मेहनत का नतीजा है। दो साल पहले एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि कई बार उनके पास अच्छे जूते खरीदने या फूड सप्लीमेंट लेने तक के पैसे नहीं होते थे। उस समय उनके कोच और गांव के लोगों ने उनकी मदद की। यहां तक कि कई बार प्रतियोगिताओं में जाने का खर्च भी गांव वालों ने मिलकर उठाया।

आज वही Gurindervir Singh देश के सबसे तेज धावक बन चुके हैं और उनकी यह उपलब्धि पंजाब समेत पूरे भारत के लिए गर्व की बात बन गई है।

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