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Haryana भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चयन प्रक्रिया शुरू, अगले सप्ताह मिलेगा भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष।

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चंडीगढ़। Haryana में भाजपा के 27 जिलाध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया शुरू होगी। पार्टी ने राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह को इस चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।

संभावना है कि आगामी सप्ताह में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा, और उसके तीन दिनों के भीतर नया प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया जाएगा। जिस तरह जिलाध्यक्षों के चयन में मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी, उसी प्रकार प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में भी आम सहमति बनने की संभावना है। हालांकि, पार्टी इच्छुक उम्मीदवारों को दावेदारी पेश करने का अवसर अवश्य देगी।

दुष्कर्म के मामले को बना रहे मुद्दा।

फिलहाल मोहन लाल बडौली Haryana भाजपा के अध्यक्ष हैं। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बडौली के नेतृत्व में राज्य में विधानसभा चुनाव लड़ा गया तथा तीसरी बार भाजपा की सरकार बनी। मोहन लाल बडौली को प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व संभाले हुए अभी नौ माह हुए हैं।

बीच में उन पर महिला के साथ दुष्कर्म के आरोप लगे, लेकिन उन्हें इन आरोपों से पूरी तरह मुक्ति मिल चुकी है। प्रदेश अध्यक्ष बनने के तलबगार बडौली के विरोध हाईकमान में उनके विरुद्ध दर्ज हुए दुष्कर्म के मामले को मुद्दा बना रहे हैं। पार्टी को फैसला करना है कि दोबारा मोहन लाल बडौली को अध्यक्ष बनाया जाना है अथवा किसी नये चेहरे को दायित्व सौंपा जा सकता है।

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रधान बनने के आवेदन का मौका।

भाजपा में आधा दर्जन नेता प्रदेश अध्यक्ष के पद के प्रबल दावेदार हैं। ब्राह्मण, जाट, वैश्य, दलित और पंजाबी नेता प्रदेश अध्यक्ष के लिए लॉबिंग करने में जुटे हैं। केंद्रीय पर्यवेक्षक अरुण सिंह की ओर से किसी भी समय प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जा सकता है।

नोटिफिकेशन जारी होने के बाद प्रधान बनने के इच्छुक नेताओं को आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। आवेदन के बाद उसी दिन नामांकन-पत्रों की छंटनी होगी और शाम तक नाम वापस लिए जाएंगे। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद अगले दिन अरुण सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी और उसमें प्रदेशाध्यक्ष के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा।

Haryana से प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में 117 मतदाता।

Haryana भाजपा संगठन में प्रदेश अध्यक्ष पद के चयन के लिए कुल 117 मतदाता हैं। इनमें 27 जिलाध्यक्षों को मतदान का अधिकार प्राप्त है, साथ ही सभी 90 हलका अध्यक्ष भी इस चुनाव में मतदाता की भूमिका निभाएंगे। प्रदेशाध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए इन सभी मतदाताओं को रोहतक या पंचकूला स्थित भाजपा के राज्य कार्यालयों में बुलाया जा सकता है। पार्टी की प्राथमिकता प्रदेश अध्यक्ष के चयन को सर्वसम्मति से सुनिश्चित करना होगी।

27 अक्टूबर 2023 को ओमप्रकाश धनखड़ की जगह नायब सिंह सैनी को भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। बाद में, 12 मार्च 2024 को, मुख्यमंत्री मनोहर लाल के इस्तीफे के बाद, नायब सिंह सैनी को Haryana का नया मुख्यमंत्री बनाया गया, और उनके नेतृत्व में लोकसभा चुनाव संपन्न हुए। इसके बाद, 9 जून 2024 को, नायब सिंह सैनी के इस्तीफे के बाद, राई के पूर्व विधायक और भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री मोहनलाल बड़ौली को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस बार भाजपा ने उन्हें विधानसभा चुनाव नहीं लड़वाया, बल्कि उनके नेतृत्व में चुनाव लड़े गए।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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