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Uttar Pradesh

यूपी : 32 परीक्षा केंद्रों पर CCTV कैमरे पाए गए बंद , शासन के आदेश के बाद जागे डीआईओएस।

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यूपी। आजमगढ़ जिले में चल रही यूपी बोर्ड परीक्षा सवालों के घेरे में आ गई है। जिले के 282 परीक्षा केंद्रों में से 32 केंद्रों के CCTV कैमरे बंद पाए गए। यह खुलासा शासन की निगरानी में हुआ। इसके बाद शासन ने आजमगढ़ जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक को इन केंद्रों की निगरानी का निर्देश दिया। तुरंत कार्रवाई करते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक ने एक टीम गठित की है, जो इस मामले की जांच कर रही है।

वहीं, जिले में बनाए गए कंट्रोल रूम से परीक्षा की 24 घंटे निगरानी का दावा किया जा रहा है, जिससे यह समझा जा सकता है कि शिक्षा विभाग परीक्षा की पारदर्शिता को लेकर कितनी गंभीरता से काम कर रहा है। शासन की निगरानी में यह सामने आया कि 2 मार्च की रात और 3 मार्च की सुबह के बीच कुछ समय के लिए CCTV कैमरे बंद थे। इसके बाद शासन के निर्देश पर तत्काल निगरानी शुरू की गई। जिला विद्यालय निरीक्षक उपेंद्र कुमार ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए टीम गठित की जा चुकी है और जल्द ही रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।

इन परीक्षा केंद्रों के बंद मिले CCTV

यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा वर्ष 2025 की हाईस्कूल एवं इण्टरमीडिएट की परीक्षाएं 24 फरवरी से प्रारम्भ होकर 12 मार्च 2025 तक होनी है। जिले में 282 केंद्रों पर परीक्षाएं चल रही हैं। जिन 32 केंद्रों का मामला है। उसमें 2 मार्च की रात रविवार को जिले के परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई तो 25 केंद्रों के कैमरे कुछ देर के लिए बंद मिले। इन केंद्रों की सूची भेजकर जांच करने के लिए कहा गया है। केंद्र व्यवस्थापकों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।

3 मार्च, सोमवार को सुबह पहली पाली में हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान 7 परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी कैमरे बंद पाए गए। 2 मार्च को जिन केंद्रों के कैमरे बंद थे, उनमें महादेवी उ.मा.वि. बनकटा, मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज कंधरापुर, जनता इंटर कॉलेज फतुही, निस्वा इंटर कॉलेज पहाड़पुर, जनता इंटर कॉलेज माहुल, गंगा प्रसाद इंटर कॉलेज जगदीशपुर शामिल हैं।

इसके साथ ही श्रीपति इंटर कॉलेज संजई खारजहांपुर, मार्डन पंकज इंटर कॉलेज डोडोपुर निजामाबाद, एमआरडी इंटर कॉलेज अंबारी, श्री सुनरिका इंटर कॉलेज बहरीपुर, शिब्ली नेशनल बा.उ.मा.वि. पहाड़पुर, श्री शोभनाथ राय इंटर कॉलेज कम्मरपुर, सीबी इंटर कॉलेज तरवां, एसबी इंटर कॉलेज लहुआं कला, श्री बजरंग बली बालिका इंटर कॉलेज साल्हेपुर, स्वामी दयानंद सरस्वती इंटर कॉलेज सठियांव, लोक शिक्षा परिषद इंटर कॉलेज सरदहां, श्री नरोत्तम ब्रह्म इंटर कॉलेज सुंदरपुर, मोती लाल नेहरू स्मारक इंटर कॉलेज रामनगर बैजाबारी, जनता इंटर कॉलेज बाजार गोसाई हरैया, मौलाना आजाद इंटर कॉलेज अंजान शहीद, राजदेई बा. इंटर कॉलेज संग्रामपुर, ग्रामीण बा. इंटर कॉलेज रानीपुर रजमो, और शिवा पब्लिक आरपी राय इंटर कॉलेज मनिरामपुर के सीसीटीवी कैमरे भी बंद पाए गए। इसके अलावा महंथ रामाश्रय दास राजकीय इंटर कॉलेज जोकहरा में भी यही स्थिति थी।

3 मार्च की सुबह पहली पाली की परीक्षा के दौरान बालरूप चौहान उ.मा.वि. लूसा मुबारकपुर, समता बा.इंटर कॉलेज सुराई सठियांव, केएन. सिंह इंटर कॉलेज मसुरियापुर, डॉ. वासुदेव सिंह इंटर कॉलेज शेखपुर बछौली लालगंज, मदन मोहन मालवीय इंटर कॉलेज कंधरापुर, इंटर कॉलेज सराय वृंदावन और सूर्यनाथ मेमो, उ.मा.वि. उमरी कला के सीसीटीवी कैमरे भी बंद पाए गए। शासन स्तर पर बने नियंत्रण कक्ष से इन कैमरों की लगातार जांच की जा रही है।

जिले के अधिकारियों का कहना है कि जिले में शांतिपूर्ण और नकलविहीन परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। डीआईओएस ने बताया कि बोर्ड सचिव ने इन 32 केंद्रों के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।

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‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी रामनगरी में मौजूद रहीं। तीनों ने राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।

इस अवसर पर सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया, वही लोग उस समय सत्ता में थे।

कुर्सी बचाने के लिए वे नोएडा जाने से कतराते थे

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये वही लोग हैं जो अपनी कुर्सी बचाने के लिए नोएडा जाने से कतराते थे। वह उन्हें अंधविश्वास नहीं लगता था। लेकिन राम मंदिर की बात करना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण या मथुरा-वृंदावन का उल्लेख करना उन्हें अंधविश्वास और रूढ़िवादिता लगता था।

वृंदावन जाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार शाम लगभग 5 बजे वृंदावन पहुंचेंगी। उनके स्वागत को लेकर शहर में व्यापक स्तर पर सजावट और व्यवस्थाएं की गई हैं। राष्ट्रपति के आगमन के बाद वे होटल रेडिसन में ठहरेंगी और शाम करीब 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर, वृंदावन से अपने धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगी। इसके बाद उनके प्रेम मंदिर, नीब करौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम और रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में दर्शन करने का कार्यक्रम निर्धारित है।

एक मंच पर जुटेंगे विशेषज्ञ, योगी होंगे मुख्य अतिथि

विश्व वानिकी दिवस (21 मार्च) के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में देशभर के विशेषज्ञों का एक मंच पर जुटान होगा। इसमें राज्यों में चल रहे वनीकरण, वन संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन से जुड़े कार्यों की समीक्षा और अनुभवों को साझा किया जाएगा।

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UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में एक विवादित प्रश्न को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार को काफी किरकिरी झेलनी पड़ रही है। रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाया है।

विवादित प्रश्न को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा के साथ ही आधा दर्जन से अधिक ब्राह्मण विधायक तो शनिवार से ही डैमेज कंट्रोल में जुट गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मोर्चा संभाला और जिम्मेदारों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है।

प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में आपत्तिजनक या विवादित सवालों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था से जुड़े विषयों पर अमर्यादित टिप्पणी किसी भी स्थिति में शामिल न की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस संबंध में सभी पेपर तैयार करने वालों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे।

उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में शनिवार को पूछे गए एक सवाल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा में एक बहु विकल्पीय प्रश्न पूछा गया-‘अवसर के अनुसार बदलने वाला।’ परीक्षार्थियों को इसके जो विकल्प दिए गए उसमें एक विकल्प है-’पंडित’। भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी, जबकि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि यदि कोई पेपर तैयार करने वाला बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पेपर बनाने वालों के साथ किए जाने वाले एमओयू में भी इस प्रविधान को शामिल किया जाए, ताकि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह बन सके। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहेगी और अनावश्यक विवादों से भी बचा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी पेपर सेटर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पेपर सेटर बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। इस प्रकरण में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कड़े रुख के बाद यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड भविष्य में प्रश्नों के ‘ऑडिट’ के लिए नई समीक्षा समिति बनाने पर विचार कर रहा है।

दरअसल, शनिवार को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न वर्गों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामले के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

यूपी सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 के पहले ही दिन एक सवाल के जवाब में ‘पंडित’ शब्द के विकल्प पर भारी बवाल मच गया है। इस प्रकरण पर यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एसबी शिरोडकर ने कहा कि जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं होते हैं। इन्हें बाहरी अतिगोपनीय संस्थाएं सेट करती हैं, जिन्हें बोर्ड का कोई अधिकारी भी परीक्षा से पहले नहीं देख सकता। इस विवाद ने परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही और प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है बवाल का कारण

यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया है। इस सवाल में पूछा गया, “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। इसके उत्तर में चार विकल्प में ‘पंडित’ भी दिया गया।

‘पंडित’ विकल्प पर ही विवाद है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने विकल्प में पंडित शब्द रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू महासभा ब्राह्मणों के इस बड़े अपमान पर एफआईआर दर्ज कराएगी।

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CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR

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उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना सलीम के खिलाफ एक्शन लिया है। पुलिस ने मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज की है।बलरामपुर जिले के भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष की तहरीर पर मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

यूपी के 83 थानों में तहरीर

सामने आई जानकारी के मुताबिक, मौलाना के खिलाफ बलरामपुर के अलावा यूपी के 83 थानों में तहरीर दी गई है। हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बीजेपी पदाधिकारियों और छात्रों ने पुलिस को मौलाना के खिलाफ तहरीर दी है। संगठनों ने मौलाना की जल्द से जल्द गिरफ्तारी न होने पर दी बड़े प्रदर्शन की चेतावनी।

कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले ने बीते कुछ दिनों से तूल पकड़ लिया है। विवादित बयान देने वाले मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ पूरे प्रदेश में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की, यहां तक कि बुल्डोजर कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग तक कर डाली है।

अधिवक्ताओं ने भी किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ अधिवक्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध में बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के पुतले को भी जलाया गया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा था कि जिस तरह से अब्दुल्लाह सलीम ने अभद्र टिप्पणी की है हम चाहते हैं कि यूपी पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जो कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो उसे मामले में करें किसी की मां के खिलाफ इस तरीके की टिप्पणी करना भारतीय समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

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