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कॉंग्रेस नेता ने Rohit Sharma को बताया ‘सबसे कम प्रभावी कप्तान’ ,भाजपा ने दिया कड़ा जवाब।
डॉ. मोहम्मद ने अपनी अब डिलीट की गई पोस्ट में लिखा था: ” Rohit Sharma एक खिलाड़ी के हिसाब से ज़्यादा वजन वाले हैं! उन्हें अपने वजन पर ध्यान देना चाहिए! और हां, भारत का अब तक का सबसे कमजोर कप्तान!” कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने भारतीय क्रिकेट कप्तान रोहित शर्मा की आलोचना करते हुए उन्हें “अधिक वजन वाला” और “भारत का अब तक का सबसे अप्रभावी कप्तान” करार दिया।
उनकी यह टिप्पणी चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के मैच के दौरान रोहित के 15 रन पर आउट होने के बाद आई थी, हालांकि भारत ने यह मैच 44 रन से जीत लिया था। सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद, जिसमें भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला की भी आलोचना शामिल थी, डॉ. मोहम्मद ने अपनी पोस्ट हटा दी।
भा.ज.पा. का कड़ा जवाब – राहुल की तुलना Rohit Sharma से की।
पूनावाला ने कांग्रेस पर भारतीय क्रिकेट टीम को निशाना बनाने का आरोप लगाया और दावा किया कि जिन लोगों ने कभी देश के खिलाफ खड़ा होने की गलती की, वे अब देश के क्रिकेट नायकों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “जो पार्टी ‘मोहब्बत की दुकान’ चलाने का दावा करती है, वह दरअसल ‘नफ़रत के भाईजान’ चला रही है।” पूनावाला ने कांग्रेस पर यह आरोप भी लगाया कि वे Rohit Sharma के नेतृत्व पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि अपनी चुनावी हार पर विचार करने की बजाय वे दूसरों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी के नेतृत्व में 90 चुनाव हारने वाले लोग अब रोहित शर्मा को अप्रभावी कप्तान कह रहे हैं! जाहिर है, 90 चुनाव हारना और दिल्ली में छह बार शून्य पर आउट होना ‘प्रभावशाली’ है, लेकिन टी-20 विश्व कप जीतना नहीं। यह मत भूलिए कि रोहित के नाम पर भारतीय क्रिकेट इतिहास का सबसे सफल कप्तान बनने का रिकॉर्ड है।”

पूनावाला ने आगे कहा, “कांग्रेस का इतिहास हमेशा भारत की सफलता को चुनौती देने का रहा है – चाहे वह हमारी सेना हो, हमारे संस्थान हो या अब हमारी क्रिकेट टीम।” उन्होंने डॉ. मोहम्मद की टिप्पणी में बॉडी शेमिंग के तत्व को भी उठाया और कहा, “यह केवल बॉडी शेमिंग नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि कांग्रेस ने अपना ‘प्यार की दुकान’ का नारा छोड़ दिया और अब ‘नफरत के दूत’ या कहें तो ‘अपमान के दूत’ बन गई है।”
इसके विपरीत, पूनावाला ने कहा, “कांग्रेस ने राहुल गांधी के नेतृत्व में 90 चुनाव हारे और फिर भी वे उस कप्तान पर सवाल उठा रहे हैं, जिसने भारत को 140 मैचों में 100 जीत दिलाई, जिसमें टी-20 विश्व कप की जीत भी शामिल है।”
कांग्रेस ने क्षति नियंत्रण का प्रयास किया।
कांग्रेस ने बढ़ते विरोध के बीच खुद को इस विवाद से अलग किया और क्षति नियंत्रण का प्रयास किया। पार्टी के मीडिया और प्रचार विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने कहा, “डॉ. शमा मोहम्मद की क्रिकेट के एक महान खिलाड़ी के बारे में की गई टिप्पणी पार्टी की आधिकारिक स्थिति को नहीं दर्शाती है।
उन्हें पोस्ट हटाने के लिए कहा गया है और भविष्य में अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।” उन्होंने यह भी कहा, “कांग्रेस पार्टी भारत के खेल नायकों के योगदान का गहरा सम्मान करती है और उनकी प्रतिष्ठा को आहत करने वाले किसी भी बयान का समर्थन नहीं करती।”
शमा मोहम्मद की टिप्पणी पर सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया।
शमा मोहम्मद की टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं आईं। बीजेपी के अलावा, अन्य सोशल मीडिया यूजर्स ने भी कांग्रेस पर व्यक्तिगत हमले करने का आरोप लगाया। एक यूजर ने लिखा, “एक ‘मोटे’ खिलाड़ी के रूप में रोहित शर्मा ने राहुल गांधी के सपनों से कहीं अधिक जीत हासिल की हैं, और उसी शरीर के साथ, उन्होंने अपनी टीम और देश का सम्मान बढ़ाया है।” एक अन्य यूजर ने कहा, “राहुल गांधी के पास जिम की मांसपेशियां हो सकती हैं, लेकिन चुनावों में उनकी कोई जीत नहीं है।”
एक तीसरे यूजर ने रोहित शर्मा की उपलब्धियों पर जोर देते हुए लिखा, “रोहित शर्मा ने सभी प्रारूपों में 72% जीत हासिल की है, जबकि राहुल गांधी का चुनावी जीत का प्रतिशत 6% है।” यहां तक कि जो रोहित के फैन नहीं हैं, उन्होंने भी इस टिप्पणी को अनुचित बताया। एक अन्य यूजर ने कहा, “आपको उनसे प्यार न भी हो, लेकिन कम से कम ऐसे खिलाड़ी का अपमान न करें, जिसने भारतीय क्रिकेट को इतना गौरव दिलाया है।”
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13 साल के संघर्ष के बाद हरीश राणा को मिली अंतिम विदाई — इच्छा मृत्यु के बाद अंगदान से 6 लोगों को मिलेगी नई जिंदगी
13 वर्षों तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे गाजियाबाद निवासी हरीश राणा ने आखिरकार इस दुनिया को अलविदा कह दिया। सुप्रीम कोर्ट से इच्छा मृत्यु (पैसिव यूथेनेशिया) की अनुमति मिलने के बाद 24 मार्च को दिल्ली के एम्स में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद आज उनका अंतिम संस्कार दिल्ली के ग्रीन पार्क श्मशान घाट में किया गया।
सुबह करीब 9:40 बजे हरीश के छोटे भाई आशीष ने मुखाग्नि दी। इस दौरान परिवार का माहौल बेहद भावुक रहा। हरीश के पिता अशोक राणा ने नम आंखों से बेटे को अंतिम विदाई दी और लोगों से अपील करते हुए कहा, “कोई न रोए, मेरा बेटा शांति से जाए। जहां भी जन्म ले, उसे भगवान का आशीर्वाद मिले।” उनके शब्दों ने वहां मौजूद सभी लोगों को भावुक कर दिया।
31 वर्षीय हरीश पिछले 13 सालों से कोमा में थे। उनकी हालत को देखते हुए परिवार ने लंबे समय से इच्छा मृत्यु की अनुमति की मांग की थी। 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इस ऐतिहासिक मामले में हरीश को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दी थी, जो देश के लिए एक महत्वपूर्ण और संवेदनशील फैसला माना जा रहा है।
इसके बाद 14 मार्च को हरीश को गाजियाबाद स्थित उनके घर से एम्स, दिल्ली में शिफ्ट किया गया था। 16 मार्च को उनकी फीडिंग ट्यूब हटा दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने धीरे-धीरे प्राकृतिक रूप से जीवन त्याग दिया।
डॉक्टरों के अनुसार, हरीश के परिवार ने एक सराहनीय निर्णय लेते हुए उनके अंगदान का फैसला किया। उनके फेफड़े, दोनों किडनी और कॉर्निया दान किए गए हैं, जिससे कम से कम 6 लोगों को नई जिंदगी मिलने की उम्मीद है। इस कदम की समाज में व्यापक सराहना हो रही है।
यह मामला न सिर्फ एक परिवार के दर्द और संघर्ष की कहानी है, बल्कि इच्छा मृत्यु और अंगदान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर देशभर में नई बहस को भी जन्म दे रहा है।
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Sonia Gandhi की तबीयत बिगड़ी, दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती — ICU में डॉक्टरों की निगरानी में इलाज जारी
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। उन्हें मंगलवार रात करीब 11:15 बजे दिल्ली के प्रसिद्ध Sir Ganga Ram Hospital में भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार, उन्हें छाती में संक्रमण (चेस्ट इंफेक्शन) की शिकायत थी, जिसके बाद परिवार और डॉक्टरों की सलाह पर तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, भर्ती के तुरंत बाद उनका प्राथमिक मेडिकल चेकअप किया गया, जिसके बाद एहतियातन उन्हें इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में शिफ्ट कर दिया गया। फिलहाल विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम उनकी सेहत की लगातार निगरानी कर रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए उन्हें निगरानी में रखा गया है।
सूत्रों के अनुसार, उनकी तबीयत को लेकर अस्पताल प्रशासन जल्द ही एक विस्तृत मेडिकल बुलेटिन जारी कर सकता है, जिसमें उनकी सेहत की ताजा स्थिति, जांच रिपोर्ट और आगे के इलाज की जानकारी दी जाएगी। इस खबर के सामने आते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं, नेताओं और समर्थकों में चिंता की लहर दौड़ गई है। देशभर से उनके जल्द स्वस्थ होने की कामनाएं की जा रही हैं।
यह पहली बार नहीं है जब सोनिया गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती होना पड़ा है। इससे पहले 19 जून को भी उन्हें पेट से जुड़ी गंभीर समस्या के कारण इसी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उन्हें 15 जून को पेट में संक्रमण की शिकायत के बाद एडमिट किया गया था और करीब चार दिनों तक लगातार निगरानी में रखने के बाद डॉक्टरों ने उन्हें छुट्टी दे दी थी।
सोनिया गांधी लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही हैं और समय-समय पर उनका इलाज चलता रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी उम्र और स्वास्थ्य को देखते हुए किसी भी संक्रमण को गंभीरता से लेना जरूरी होता है, इसलिए इस बार भी पूरी सावधानी बरती जा रही है।
फिलहाल देश की नजरें उनके स्वास्थ्य अपडेट पर टिकी हुई हैं और हर कोई उनके जल्द स्वस्थ होकर सार्वजनिक जीवन में वापसी की उम्मीद कर रहा है।
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Punjab की सबसे कम उम्र की लाभार्थी: 1 साल की बच्ची को मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत मिला जीवनरक्षक इलाज!
मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नवजात और छोटे बच्चों के इलाज के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि गंभीर स्थिति में मरीजों को बिना किसी देरी के तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
श्री मुक्तसर साहिब में 1 साल की बच्ची ख्वाहिश को निमोनिया होने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसे तत्काल इलाज की जरूरत थी। पहले ऐसे मामलों में परिवारों को इलाज शुरू होने से पहले पैसे जुटाने, दस्तावेज पूरे करने और मंजूरी का इंतजार करना पड़ता था। लेकिन मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने इस प्रक्रिया को आसान बना दिया है।
बच्ची का स्वास्थ्य कार्ड पहले से बना होने के कारण दीप अस्पताल में डॉ. मोनिका गर्ग की देखरेख में बिना किसी अग्रिम भुगतान के तुरंत इलाज शुरू कर दिया गया। परिवार को न तो पैसों की चिंता करनी पड़ी और न ही किसी तरह की औपचारिकता में समय गंवाना पड़ा। समय पर इलाज मिलने से बच्ची पूरी तरह स्वस्थ हो गई।
इसी तरह के कई मामले संगरूर और मानसा जिलों से भी सामने आए हैं, जहां कम वजन और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे नवजात बच्चों को भी बिना किसी आर्थिक बाधा के इलाज मिल रहा है। यह दर्शाता है कि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अब पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान हो गई है।
योजना के प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी मरीज का इलाज पैसे या प्रक्रिया की वजह से न रुके। खासकर बच्चों के मामलों में समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है और यह योजना उस जोखिम को खत्म करती है।
यह योजना प्रति परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा प्रदान करती है, जिसके तहत सरकारी और निजी सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज कराया जा सकता है। अब तक 26 लाख से अधिक स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा चुके हैं और मरीज 900 से ज्यादा अस्पतालों में 2300 से अधिक मेडिकल पैकेजों के तहत इलाज करवा रहे हैं।
योजना के तहत बढ़ते बाल चिकित्सा मामलों से यह साफ है कि पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं का ढांचा मजबूत हो रहा है, जहां बिना किसी आर्थिक बोझ के तुरंत इलाज संभव हो रहा है। सरकार लोगों को लगातार प्रेरित कर रही है कि वे इस योजना का लाभ लेने के लिए स्वास्थ्य कार्ड बनवाएं और जरूरत पड़ने पर समय पर इलाज प्राप्त करें।
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