Connect with us

Punjab

उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में Punjab का प्रदर्शन: पदकों में गिरावट।

Published

on

इस बार राष्ट्रीय खेलों का आयोजन उत्तराखंड में हुआ, जहां सर्विसेज स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड ने 121 पदक जीतकर पहला स्थान हासिल किया, जिसमें 68 स्वर्ण पदक शामिल हैं।

Punjab सरकार के खेलों में पुराने गौरव को पुनः प्राप्त करने के प्रयासों को एक बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रीय खेलों में Punjab का प्रदर्शन लगातार गिरता जा रहा है। उत्तराखंड में 2025 में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में Punjab का प्रदर्शन पहले से भी अधिक खराब हुआ है।

पदक तालिका में Punjab ने नौवां स्थान तो हासिल किया, लेकिन वर्ष 2023 के मुकाबले इस बार राज्य के पदक कम हुए हैं। पिछले तीन प्रतियोगिताओं से लगातार राज्य का प्रदर्शन गिरा है, जो सरकार के लिए चिंता का विषय बन चुका है।

वर्ष 2023 में राज्य ने 75 पदक जीते थे, जिनमें 17 स्वर्ण, 26 रजत और 32 कांस्य पदक थे, लेकिन इस बार पंजाब के हिस्से में केवल 66 पदक आए हैं। इनमें 15 स्वर्ण, 20 रजत और 31 कांस्य पदक शामिल हैं। वहीं, 2022 में राज्य के खिलाड़ियों ने 76 पदक जीते थे। 2015 के राष्ट्रीय खेलों में भी पंजाब ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 93 पदक जीते थे और पांचवें स्थान पर रहा था।

उत्तराखंड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में महाराष्ट्र ने 201 पदक जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया, जिसमें 54 स्वर्ण पदक शामिल थे। हरियाणा ने 48 स्वर्ण के साथ कुल 153 पदक के साथ तीसरा स्थान प्राप्त किया।

सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए नई खेल नीति लागू की, जिसमें खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और इनाम राशि बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके बावजूद, राज्य में खिलाड़ियों के लिए ढांचागत सुविधाओं की कमी बनी हुई है।

शूटिंग में Punjab का बेहतरीन प्रदर्शन

Punjab के खिलाड़ियों ने शूटिंग में अच्छा प्रदर्शन किया। 50 मीटर शूटिंग इवेंट में सिफत कौर समरा ने स्वर्ण और अंजुम मौदगिल ने रजत पदक जीते। वहीं, स्कीट शूटिंग में गनेमत सेखों ने महिलाओं के मुकाबले में गोल्ड और भवतेग सिंह गिल ने पुरुषों के मुकाबले में कांस्य पदक जीता। गनेमत और भवतेग ने स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट में भी रजत पदक प्राप्त किया। 25 मीटर स्पोर्ट्स पिस्टल इवेंट में सिमरनप्रीत कौर ने रजत पदक जीता।

खेल नीति के तहत कई कदम, लेकिन अभी भी काम बाकी

सरकार ने पिछले साल खेल नीति लाकर ग्रामीण क्षेत्रों में कोचों और खेल माहिरों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि वे सही दिशा में प्रशिक्षण दे सकें। नीति में हर शहर, टाउन और गांव में चार किलोमीटर के दायरे में एक खेल मैदान बनाने पर भी जोर दिया गया, लेकिन इस पर अभी भी कार्य जारी है। सरकार ने 260 खेल नर्सरियां तैयार की हैं, जिनका जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा।

हरप्रीत सिंह, निदेशक, खेल और युवा सेवाएं, Punjab ने कहा:

“हमारे खिलाड़ी ने राष्ट्रीय खेलों में अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि पदक की संख्या कम हुई है, लेकिन हम तालिका में ऊपर आए हैं। विजेता खिलाड़ियों को सम्मानित किया जाएगा।”

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

शेर-ए-पंजाब T-20 कप के खिलाड़ियों से मिले मुख्यमंत्री, बोले- खेलों से जुड़कर युवा बनाएंगे पंजाब का नाम रोशन

Published

on

शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को लेकर पंजाब में क्रिकेट प्रेमियों के बीच उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बीच पंजाब के मुख्यमंत्री ने टी-20 कप में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके साथ बातचीत कर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती ने हमेशा देश को बेहतरीन और प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं और राज्य सरकार युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। जरूरत सिर्फ उन्हें सही मंच, बेहतर सुविधाएं और अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर देने की है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित करना और उन्हें नशे तथा अन्य सामाजिक बुराइयों से दूर रखते हुए एक सकारात्मक दिशा देना है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल युवाओं को स्वस्थ और अनुशासित बनाते हैं, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का अवसर भी देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने पर विशेष ध्यान दे रही है। सरकार की कोशिश है कि गांवों और शहरों में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त अवसर मिलें और पंजाब एक बार फिर देश के प्रमुख खेल राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बनाए।

शेर-ए-पंजाब टी-20 कप में इस बार कुल 6 टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट के सभी मुकाबले 30 अगस्त से 13 सितंबर तक पीसीए स्टेडियम, मोहाली में खेले जाएंगे। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिलेगा और क्रिकेट प्रशंसकों को भी रोमांचक टी-20 मुकाबले देखने को मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें आगामी मुकाबलों के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रतियोगिता से पंजाब के कई युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और भविष्य में वे राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पंजाब और देश का नाम रोशन करेंगे।

उन्होंने कहा कि पंजाब की पहचान केवल खेती और उद्योग तक सीमित नहीं है, बल्कि खेलों के क्षेत्र में भी राज्य का गौरवशाली इतिहास रहा है। पंजाब ने देश को कई बड़े खिलाड़ी दिए हैं, जिन्होंने अलग-अलग खेलों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है। इसी विरासत को आगे बढ़ाते हुए सरकार युवाओं को खेलों के साथ जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।

शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को लेकर खिलाड़ियों के साथ-साथ दर्शकों में भी उत्साह है। आने वाले दिनों में मोहाली का पीसीए स्टेडियम क्रिकेट के रोमांच से गुलजार रहेगा। प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली छह टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी और युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर क्रिकेट प्रेमियों की खास नजर रहेगी।

पंजाब सरकार की ओर से खेलों को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच शेर-ए-पंजाब टी-20 कप को राज्य में क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में देखा जा रहा है।

Continue Reading

Punjab

पंजाब में मानसून सुस्त, उमस बढ़ाएगी परेशानी

Published

on

पंजाब में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी पड़ गई हैं। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र की ओर से जारी ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश की कोई संभावना नहीं है और किसी भी जिले के लिए येलो, ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इस दौरान ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य रहने की उम्मीद है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार 8 अगस्त को अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, मोगा, फिरोजपुर, फरीदकोट, मुक्तसर, फाजिल्का, बरनाला, संगरूर, पटियाला और फतेहगढ़ साहिब समेत कई जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं गुरदासपुर, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर, बठिंडा, मानसा और मोहाली में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि, फिलहाल कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी नहीं दी गई है।

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक आने वाले दिनों में पूरे पंजाब में बारिश सामान्य से सामान्य से कम रहने की संभावना है। हालांकि, राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बने रहने का अनुमान है। बारिश की गतिविधियां सीमित रहने के कारण जिन इलाकों में बारिश नहीं होगी, वहां दिन के समय उमस और गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।

अगले पांच दिनों के दौरान पंजाब में व्यापक या तेज बारिश के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं, इसलिए लोगों को आने वाले दिनों में गर्म और उमस भरे मौसम का सामना करना पड़ सकता है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को भी मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी है। अगले चार से पांच दिनों तक फसलों में अनावश्यक सिंचाई से बचने और खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी का उचित प्रबंध रखने को कहा गया है। मौसम साफ रहने पर ही उर्वरकों और फसल सुरक्षा दवाओं का छिड़काव करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा धान, गन्ने और कपास की फसलों की नियमित निगरानी करने तथा कीटों से बचाव के लिए विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

Continue Reading

Punjab

आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी की पढ़ाई जारी रहेगी, संस्कृत लागू करने का फैसला वापस

Published

on

आर्मी पब्लिक स्कूलों में पंजाबी भाषा की पढ़ाई पहले की तरह जारी रहेगी। आर्मी वेलफेयर एजुकेशन सोसाइटी (AWES), जालंधर ने अपने उस पहले के फैसले को वापस ले लिया है, जिसमें स्कूलों में संस्कृत को अनिवार्य रूप से लागू करने की बात कही गई थी। अब छठी से आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थी पहले की तरह अपनी मातृभाषा पंजाबी की पढ़ाई जारी रख सकेंगे।

इस फैसले का स्वागत करते हुए पंजाब चेतना मंच के अध्यक्ष डॉ. लखविंदर सिंह जौहल, महासचिव सतनाम सिंह मानक और संगठन सचिव प्रिंसिपल गुरमीत सिंह पलाही ने कहा कि नए नियमों के तहत छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पंजाबी या संस्कृत में से किसी एक भाषा का चयन करने की स्वतंत्रता होगी। इसके साथ ही वे अंग्रेजी और हिंदी से जुड़े निर्धारित विषयों का भी चयन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि नौवीं कक्षा में अंग्रेजी, हिंदी और संस्कृत के विकल्प उपलब्ध रहेंगे, जबकि दसवीं कक्षा की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

डॉ. जौहल ने पंजाबी भाषा को बचाने के लिए चलाए गए अभियान का समर्थन करने वाले सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, विद्यार्थियों और अभिभावकों का धन्यवाद किया। उन्होंने भारत सरकार के राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व अध्यक्ष तरलोचन सिंह और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को लिखे गए उनके पत्र ने इस मामले के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इसके अलावा पंजाबी भाषा से जुड़े विभिन्न संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने भी लगातार इस मुद्दे को उठाया। कानूनी और सामाजिक स्तर पर किए गए प्रयासों के साथ-साथ केंद्रीय पंजाबी लेखक संघ के नेतृत्व में चंडीगढ़ में प्रदर्शन भी किए गए। पंजाब चेतना मंच ने पंजाब के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखकर स्कूलों में पंजाबी भाषा को बनाए रखने की मांग की थी। अब इस फैसले को पंजाबी भाषा के संरक्षण और उसके अधिकारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Continue Reading

Trending