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Bhagwant Mann ने भाजपा पर साधा निशाना, कहा “बीजेपी ट्वीट कर EC को पैसे बांट रही है, लेकिन छापे हम पर पड़ रहे हैं’
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के दिल्ली स्थित आवास कपूरथला हाउस पर छापेमारी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सबसे पहले दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने इसका खुलासा किया, जिसके बाद भगवंत मान ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखे प्रहार किए।
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज चुनाव आयोग की एक टीम दिल्ली पुलिस के साथ मेरे घर कपूरथला हाउस पर छापा मारने के लिए पहुंची है। दिल्ली में भाजपा के लोग खुलेआम पैसे बांट रहे हैं, लेकिन दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहे। एक तरफ भाजपा के लोग पैसे बांटकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस और चुनाव आयोग उनके इशारों पर आम आदमी पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।”
इसके बाद भगवंत मान ने एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस बिना किसी ठोस कारण के उनके घर पर छापेमारी कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए कहा, “भाजपा के नेता खुलेआम पैसे बांट रहे हैं और इस बात को खुद सोशल मीडिया पर स्वीकार कर रहे हैं। इसके बावजूद कार्रवाई आम आदमी पार्टी के नेताओं पर हो रही है।”
Bhagwant Mann ने विशेष रूप से भाजपा उम्मीदवार प्रवेश वर्मा का जिक्र करते हुए कहा, “प्रवेश वर्मा पैसे बांटने की बात खुद ट्वीट करके स्वीकार कर चुके हैं। इसके बावजूद छापेमारी मेरे और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ की जा रही है। यह साफ दिखाता है कि चुनाव आयोग और दिल्ली पुलिस भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।”
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने भी इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “दिल्ली में भाजपा के लोग खुलेआम नकदी, जूते और चादरें बांट रहे हैं, लेकिन इसके बजाय दिल्ली पुलिस एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के आवास पर छापा मार रही है। यह लोकतंत्र का मजाक है।” आतिशी ने जनता से अपील की कि वे 5 फरवरी को भाजपा को इस हरकत का जवाब दें।
इस बीच, चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने कहा कि सीविजिल पोर्टल पर शिकायत मिली थी कि कपूरथला हाउस से नकदी बांटी जा रही है। इसी शिकायत के आधार पर जांच के लिए कार्रवाई की गई है। अधिकारी ने बताया कि फिलहाल पंजाब के डीआईजी से प्रवेश की अनुमति मांगी जा रही है।
पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के आवास पर यह छापेमारी राजनीतिक हलकों में गर्म चर्चा का विषय बन गई है।
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बादलों ने सियासी फायदा लेने के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और ‘चिट्टे’ तथा माफिया को संरक्षण दिया, जिसने पंजाब को बर्बाद कर दिया: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि श्री अकाल तख्त साहिब हर पंजाबी और सिख के लिए सर्वोच्च है, लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस संस्था का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव तुरंत कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब अब धार्मिक संस्थाओं को उन लोगों के गलबे में रहने देने का बोझ और बर्दाश्त नहीं कर सकता, जिन्होंने सियासी फायदा लेने के लिए आस्था का शोषण किया और सूबे को बर्बादी की ओर धकेलने वाले माफिया को संरक्षण दिया।
मौड़ हलके के ऐतिहासिक गांव मंडी कलां में विशाल ‘लोक मिलनी’ के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जहां उनकी सरकार ने बेअदबी के लिए कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ बनाया है, वहीं दूसरी तरफ ‘मांवाँ-धीयां सम्मान योजना’ के जरिए महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है, नहरी सिंचाई के विस्तार और दिन में बिजली आपूर्ति के जरिए किसानों को सुरक्षित किया जा रहा है और शिक्षा में सुधार करके पंजाब को स्कूली शिक्षा में देश का नंबर एक राज्य बनाया जा रहा है। उन्होंने गांव के विकास के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट देने, नई लाइब्रेरी खोलने और गांव की 55 साल पुरानी धर्मशाला के नवीनीकरण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने श्री अकाल तख्त साहिब की पवित्रता, शिरोमणि कमेटी की भूमिका, जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम 2026, कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा सुधारों, सिंचाई के बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवा और पंजाब के सर्वांगीण विकास सहित कई मुद्दों पर विस्तार से बात की।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख के लिए पवित्र है और इसे कौम का सर्वोच्च तख्त माना जाता है। यह एक बहुत ही पूजनीय स्थान है, जहां से हर सिख ईश्वरीय शांति और शक्ति प्राप्त करता है। हालांकि, कुछ गलत तत्वों ने इस पवित्र संस्था पर कब्जा कर लिया है और यह एहसास किए बिना फैसले ले रहे हैं कि यह हमारा पवित्र स्थान है। मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के आगे इसलिए मत्था टेका क्योंकि यह हर पंजाबी और सिखों के लिए सर्वोच्च है। लेकिन कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इसका दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने भारत सरकार को लिखा है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव हुए 14 साल हो गए हैं। यह संस्था आज बेहद खराब हालत में है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बाढ़ के दौरान सुखबीर सिंह बादल द्वारा बांटा गया पैसा उनकी अपनी खून-पसीने की कमाई नहीं थी। यह गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई भेंट का पैसा था। गरीब से गरीब व्यक्ति भी माता-पिता के अंतिम संस्कार के समय गुरुद्वारा साहिब में कुछ न कुछ योगदान देता है। लेकिन सुखबीर सिंह बादल ने अपने पिता के भोग के समय लंगर का प्रबंध तक नहीं किया और इसके बजाय श्री मुक्तसर साहिब से लंगर लेकर आए।”
उन्होंने आगे कहा, “बादल परिवार ने जमीन, रेत, ‘चिट्टे’, ट्रांसपोर्ट और अन्य माफिया को संरक्षण देकर पंजाब में सब कुछ हड़प लिया। उन्होंने सूबे को बर्बाद कर दिया और यहां के लोगों को बहुत दुख दिए। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए पंथ का दुरुपयोग किया। लोगों ने उन्हें गुरु साहिबान के नाम पर वोट दिए, लेकिन उन्होंने गुरबानी का निरादर किया। अकालियों और बादल परिवार द्वारा पंजाब और इसके लोगों के साथ किए गए जुल्म की लंबी दास्तान है। जनता उन्हें इन करतूतों के लिए कभी माफ नहीं कर सकती।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईश्वर ने मुझे ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’ बनाकर मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है, जो बेअदबी के लिए कड़ी सजा का प्रावधान करता है। इस कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 50 लाख रुपये जुर्माना हो सकता है। अगर जुर्माना नहीं भरा गया तो दोषी की संपत्ति बेची जा सकती है ताकि आने वाली पीढ़ियां गुरु साहिब का निरादर करने और लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के अंजाम को याद रखें।”
भगवंत सिंह मान ने कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि यह कानून एक मजबूत प्रतिरोधक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण हरकत करने की हिम्मत नहीं करेगा। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं और इसकी पवित्रता को बनाए रखना हम सब का साझा कर्तव्य है।”
उन्होंने कहा, “अकालियों ने सियासी फायदे के लिए धर्म का दुरुपयोग किया और लोग उन्हें इसके लिए कभी माफ नहीं कर सकते। मैं अपने आप को भाग्यशाली मानता हूं कि मुझे इस ऐतिहासिक कानून को बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।”
विरोधी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक सियासी पार्टियां इसके लिए झूठा प्रचार कर रही हैं क्योंकि वे लोगों के सामने बेनकाब होने से डरती हैं। उन्होंने आगे कहा, “इन नेताओं ने अपने सियासी हितों के लिए धर्म, जात-पात और नफरत के नाम पर लोगों को गुमराह किया। पद संभालने के बाद मैंने अपनी जिंदगी का हर पल लोगों की भलाई के लिए लगाया है और यही कारण है कि विरोधी परेशान हैं। सभी पारंपरिक पार्टियां मुझे लोगों की भलाई के लिए काम करने से रोकने के लिए मेरे खिलाफ इकट्ठी हो गई हैं। हालांकि उनकी ये हरकतें मुझे पंजाब और इसके लोगों की सेवा करने से कभी नहीं रोक सकतीं।”
कांग्रेस पार्टी पर व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि हर कांग्रेसी नेता मुख्यमंत्री बनना चाहता है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस में हर नेता सूबे का मुखिया बनने की इच्छा रखता है। पार्टी के पास आम कार्यकर्ताओं से ज्यादा मुख्यमंत्री के दावेदार हैं। कांग्रेसी नेता दिन-दहाड़े सत्ता में वापसी के सपने देख रहे हैं। यह पार्टी आपसी फूट का शिकार है और अपनी आंतरिक लड़ाई के बोझ तले ही दबकर रह जाएगी। उनके पास पंजाब के लिए कोई विजन नहीं है और वे सिर्फ सत्ता हथियाने और सूबे के संसाधनों की लूट करने में दिलचस्पी रखते हैं। उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे क्योंकि लोग उनके इरादों से पूरी तरह वाकिफ हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार के शासन में पंजाब में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा, “पहले पारंपरिक पार्टियां सिर्फ सत्ता पर काबिज होने के लिए अपनी बारी का इंतजार करती थीं। आज झाड़ू इन पार्टियों द्वारा फैलाई गई गंदगी को साफ कर रहा है।”
उन्होंने आगे कहा, “2022 के विधानसभा चुनावों में लोगों ने सात पूर्व मुख्यमंत्रियों और उनके परिवारों को नकार दिया था। पंजाब ने एक ईमानदार सरकार चुनी, जिसने जनता की भलाई के लिए अथक काम किया है। उस ऐतिहासिक फैसले ने पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने में अहम भूमिका निभाई है।”
‘मांवां -धीयां सम्मान योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब में महिलाओं को सशक्त बनाएगी। उन्होंने आगे कहा, “मैं पहले भी कई बड़ी योजनाओं की घोषणा कर चुका हूं, लेकिन मुझे विशेष रूप से खुशी है कि राज्य सरकार अब माताओं और बहनों के लिए ‘मां-बेटी सम्मान योजना’ शुरू करने के लिए पूरी तरह तैयार है। इस योजना के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को 1,000 रुपये प्रति माह मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। पात्र लाभार्थियों को 1 जुलाई से लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह मिलनी कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह लोगों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने का एक अवसर है। कई सरकारें आईं और गईं, लेकिन किसी ने भी आम नागरिकों के कल्याण पर ध्यान नहीं दिया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। किसानों को अब दिन के समय बिजली मिल रही है, जो राज्य के इतिहास में अभूतपूर्व है।”
उन्होंने आगे कहा, “ऐसे समय में जब राष्ट्रीय संपत्तियां कौड़ियों के भाव कुछ चुनिंदा लोगों को सौंपी जा रही हैं, पंजाब ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीदकर और उसका नाम श्री गुरु अमर दास जी के नाम पर रखकर इतिहास रच दिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने निजी स्कूलों द्वारा फीस में मनमाने ढंग से वृद्धि रोकने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। उन्होंने कहा, “हमने निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों द्वारा फीस वृद्धि को नियंत्रित करने के लिए एक अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य स्कूल फीस ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों को फीस में मनमानी वृद्धि के कारण पड़ने वाले वित्तीय बोझ से बचाना है। इस अध्यादेश के तहत कोई भी निजी स्कूल 5 प्रतिशत से अधिक फीस नहीं बढ़ा सकेगा। इसका उल्लंघन करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स का पैसा जनता का है और हम विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से यह पैसा वापस जनता को लौटा रहे हैं। उन्होंने कहा, “जनता का पैसा बेहतर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और बुनियादी ढांचे के रूप में जनता तक वापस पहुंच रहा है। हमने मुफ्त बिजली, भ्रष्टाचार और सिफारिश के बिना 68,000 से अधिक युवाओं को नौकरियां, बेहतर सड़कें और अवधि पूरी कर चुके टोल प्लाजा बंद करने जैसे कदम उठाए हैं, जिससे लोगों की प्रतिदिन 70 लाख रुपये की बचत हो रही है। इसके साथ ही पूरे पंजाब में बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहरी पानी का उपयोग हो रहा था। आज यह आंकड़ा 80 प्रतिशत से अधिक हो चुका है। ‘आप’ सरकार ने सिंचाई बुनियादी ढांचे में बड़े सुधार किए हैं।” उन्होंने कहा, “हमने पूरे पंजाब में 14,000 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ नई जलवाहिकाएं बनाई हैं और पुरानी नहरों व खालों को पुनर्जीवित तथा मजबूत किया है। किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इन जलमार्गों के माध्यम से लगभग 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यह मात्रा दो भाखड़ा नहरों की आपूर्ति के बराबर है और इससे राज्यभर के किसानों को बड़ा लाभ हो रहा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भूजल स्तर में सुधार के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज प्वाइंट बनाए गए हैं। उन्होंने कहा, “कई क्षेत्रों में भूजल स्तर दो से चार मीटर तक बढ़ा है। इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के हितों की रक्षा करना है, क्योंकि पंजाब की पहचान और अस्तित्व पानी से गहराई से जुड़ा हुआ है।”
उन्होंने कहा, “कोई भी मुफ्त सुविधा या रियायत गरीबी और सामाजिक चुनौतियों को समाप्त नहीं कर सकती। केवल शिक्षा ही जीवन को ऊंचा उठाने और उसमें सुधार लाने की कुंजी है।”
शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षा में अग्रणी बनकर उभरा है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के समर्पित प्रयासों के कारण प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है। हमने स्कूलों को अपग्रेड किया, शिक्षा प्रणाली को मजबूत किया, स्मार्ट कक्षाएं बनाई और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप पंजाब अब शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभर रहा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी हालिया आंकड़े दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार वर्षों से हम लगातार शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षण पद्धतियों और स्मार्ट कक्षाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था, लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से यह स्थान हासिल किया है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधकार को दूर करती है। इसलिए यह क्षेत्र हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना ने पंजाब के स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी क्रांति लाई है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के सभी 65 लाख परिवारों को स्वास्थ्य कार्ड जारी किए जा रहे हैं। प्रत्येक परिवार वार्षिक 10 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का हकदार है। 30 लाख से अधिक लाभार्थी पहले ही स्वास्थ्य कार्ड प्राप्त कर चुके हैं और लोगों ने इस योजना के तहत अब तक लगभग 650 करोड़ रुपये के मुफ्त इलाज का लाभ उठाया है। मैं प्रत्येक पात्र परिवार से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करता हूं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने कृषि क्षेत्र को बिजली आपूर्ति में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान कृषि मोटरों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है। किसानों को अब सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली मिल रही है, जिससे उनका जीवन आसान हुआ है और कृषि को भी काफी लाभ मिला है।”
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से 15 अगस्त से सरपंचों के लिए 10,000 रुपए मासिक मानदेय का ऐलान
जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और गांवों की नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सरपंचों के मानदेय में पांच गुना वृद्धि करते हुए इसे 15 अगस्त से 2,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति माह करने का ऐलान किया है।
बठिंडा में सरपंच मिलनी के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरपंच दिन-रात गांवों की सेवा करते हैं और वे अपने अनमोल योगदान के लिए सम्मान के हकदार हैं।
गांवों के विकास को पंजाब की तरक्की की नींव बताते हुए मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि ग्रामीण विकास के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि वे खुशहाल और रंगला पंजाब सृजन के सामूहिक प्रयासों का नेतृत्व करते हुए जनता के पैसे का पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लिखा, “आज हमने एक बड़ा फैसला लिया है। 15 अगस्त से पंजाब के हर सरपंच को 10,000 रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा। पंचायतें लोकतंत्र की पहली सीढ़ी हैं और सरपंच दिन-रात अपने गांवों की सेवा करते हैं। वे अपनी समर्पित सेवा के लिए सम्मानजनक मानदेय के हकदार हैं। यह वृद्धि उन्हें अपने परिवारों का बेहतर पालन-पोषण करने में मदद करेगी और साथ ही वे अपने गांवों के विकास के लिए और भी बड़ी प्रतिबद्धता के साथ काम करने में सक्षम होंगे। जब गांव तरक्की करेंगे तो पंजाब तरक्की करेगा। हम लोगों की भलाई के लिए काम करते रहेंगे। यही हमारा वादा है।”
सरपंच मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि सरपंचों को अगस्त माह से 10,000 रुपए प्रति माह मानदेय मिलेगा। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने सरपंचों को 1,200 रुपए मानदेय देने का वादा किया था, लेकिन यह वादा कभी पूरा नहीं हुआ और उन्हें इसके लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ी। हमारी सरकार ने सरपंचों के लिए 2,000 रुपए का मानदेय सुनिश्चित किया था, जिसे अब बढ़ाकर 10,000 रुपए प्रति माह किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया, “पंचायतों को लोकतंत्र की नींव के रूप में जाना जाता है क्योंकि उनमें अपार शक्ति होती है और उनके फैसलों का पूरे गांव द्वारा सम्मान और पालन किया जाता है। गांववासियों के हितों की रक्षा करना और उनकी उम्मीदों को पूरा करना सरपंचों का मूल कर्तव्य है। देश की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है, इसी कारण पंचायती राज संस्थाओं को लोकतंत्र का प्रकाश पुंज माना जाता है।”
उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं राज्य सरकार की लोक-हितैषी और विकास-उन्मुख योजनाओं का लाभ नीचे के स्तर तक पहुंचाने का काम करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां नीतियां सरकार द्वारा बनाई जाती हैं, वहीं सरपंच और पंच उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं सभी सरपंचों से अपील करता हूं कि वे खुद को विकास कार्यों के लिए पुनः समर्पित करें ताकि लोगों को इनका लाभ मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उन कार्यों के लिए ग्रांट जारी की जा रही हैं जो जनता के महत्व के हैं और जिनकी सीधी निगरानी पंचायतों द्वारा की जाती है। उन्होंने कहा, “गांवों के विकास के विभिन्न प्रोजेक्ट भी उनके नेतृत्व में तैयार किए जाते हैं और सरपंचों को इन कार्यों और सेवाओं की तनदेही से निकट निगरानी करनी चाहिए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह हर सरपंच का नैतिक कर्तव्य है कि वह टैक्स दाताओं के एक-एक पैसे का पारदर्शी तरीके से उपयोग सुनिश्चित करे।”
सरपंचों को स्पष्ट संदेश देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वे विकास कार्यों में किसी भी तरह की नाजायज दखलअंदाजी से दूर रहें। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अतीत में गांवों के कई विकास कार्य गुटबाजी के कारण प्रभावित हुए।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ग्रामीण क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए सरपंचों को गांवों में गुटबाजी समाप्त करने को मुख्य प्राथमिकता देनी चाहिए। लोकतंत्र में जो व्यक्ति या पार्टी बहुमत हासिल करती है, वह चुनाव जीत जाती है, लेकिन एक बार चुने जाने के बाद सरपंच पूरे गांव का होता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरपंचों को हर निवासी के साथ बराबर का सलूक करना चाहिए और निष्पक्ष होकर फैसले लेने चाहिए। उन्होंने कहा कि कई सरपंचों ने अपनी समझदारी और दूरदर्शिता से अपने गांवों का नक्शा बदल दिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरपंचों को गांवों को नशा मुक्त बनाने की ओर विशेष ध्यान देना चाहिए और हमारी नौजवान पीढ़ी को नशों की लत से बचाने में मदद करनी चाहिए। उन्हें गांवों में सांप्रदायिक सद्भावना, शांति और भाईचारे की भावना को मजबूत करने के लिए भी अथक प्रयास करना चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “गांवों में विकास और खुशहाली की रफ्तार को और तेज करना बेहद जरूरी है। हमारी सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जा रही है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सरपंच सरकार और गांवों के बीच एक पुल हैं। ग्रामीण पंजाब के विकास और परिवर्तन में आपकी बहुत बड़ी भूमिका है।”
सरपंचों को पूर्ण सहयोग का भरोसा देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि गांवों में विकास कार्यों के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने सरपंचों से अपील की कि वे अपने गांवों में विकास प्रोजेक्ट्स को प्राथमिकता दें ताकि राज्य सरकार बिना किसी देरी के इन्हें शुरू कर सके।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सभी सरपंचों को रचनात्मक पहलकदमियों के माध्यम से गांवों का नक्शा बदलने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि हम सब मिलकर रंगला पंजाब सृजित कर सकें। उन्हें गांवों को साफ-सुथरा, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए भी सख्त मेहनत करनी चाहिए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरपंच का चुनाव राज्य की सबसे कठिन चुनाव होता है क्योंकि सरपंच सीधे तौर पर जमीनी स्तर पर लोगों से जुड़े रहते हैं। एक योग्य सरपंच गांव का नक्शा बदल सकता है और गांववासियों की खुशहाली सुनिश्चित कर सकता है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह सरपंच मिलनी गांव स्तर की समस्याओं को समझने के लिए एक अनूठी पहल है। ग्रांटों की कोई कमी नहीं है, लेकिन गांवों की भलाई के लिए इनका सही मायने में उपयोग होना चाहिए। ईमानदार और समर्पित सरपंच गांव के विकास की रीढ़ की हड्डी होते हैं। पिछली सरकारें गांवों की ग्रांटों में हिस्सा लेती थी, जिस कारण विकास कार्य प्रभावित होते थे।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गांवों में बड़ी मात्रा में ग्रांट पहुंच रही हैं और वह दिन दूर नहीं जब पूरे पंजाब के गांवों का पूर्ण कायाकल्प देखने को मिलेगा। इन फंडों का उपयोग ऐसे तरीके से किया जाना चाहिए जिससे समाज के हर वर्ग को फायदा हो। गलियों जैसे अन्य कामों को हाथ में लेने से पहले लाइब्रेरी, स्कूलों का निर्माण और सोलर लाइटें लगाने को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि गांवों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंत में कहा, “पंजाब के विकास को तेज करने और राज्य को देश में अग्रणी बनाने के लिए यह बहुत जरूरी है। हमारी सरकार गांवों के सर्वांगीण विकास और लोगों की खुशहाली के लिए सरपंचों को पूरा सहयोग देगी।”
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मुझे बदनाम करने के लिए बनाई गई फर्जी वीडियो: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां कहा कि हमारी सरकार की ओर से पंजाब के लोगों के लिए किए जा रहे कामों को चुनौती देने में नाकाम रहने के कारण राजनीतिक विरोधियों ने मुझे बदनाम करने के लिए जानबूझकर एक नकली वीडियो बनाकर प्रसारित की है।
विपक्षी दल पर धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने और निम्न स्तर की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिनके पास हमारी सरकार के खिलाफ कोई मुद्दा नहीं बचा, वे अब मनगढ़ंत प्रचार के जरिए मेरे अक्स को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
नानक नाम लेवा संगत की सूझ-बूझ में पूरा विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अंत में जीत सच्चाई की ही होगी और वे अंतिम फैसला संगत पर छोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि मेरा ध्यान लोगों को बिजली, पानी, सड़कें, अस्पताल, आम आदमी क्लीनिक और रोजगार जैसी सुविधाएं देने पर केंद्रित रहेगा और सच्च-झूठ का फैसला लोग करेंगे।
एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बेहद निम्न स्तर की राजनीतिक साजिश के तहत मेरी नकली वीडियो प्रसारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि जब मेरे विरोधी किसी अन्य मोर्चे पर मुझे चुनौती देने में असमर्थ हैं तो वे अब धार्मिक मुद्दों के जरिए मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं।
हाल ही में प्रसारित एक वीडियो का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाए जा रहे व्यक्ति की शारीरिक बनावट, कद-काठी, चलने और बर्ताव का तरीका किसी भी लिहाज से मुझसे मेल नहीं खाता। फिर भी मेरे राजनीतिक विरोधी मुझे दोषी ठहराने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं, लेकिन लोगों और सिख भाईचारे ने ये वीडियो देख ली हैं और उन्हें स्पष्ट हो गया है कि ये नकली हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फॉरेंसिक लेबोरेटरीज के माध्यम से वीडियो की जांच करवाई थी, लेकिन अब उन्हीं लेबोरेटरीज को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस मेरे विरुद्ध एकजुट होकर इन लेबोरेटरीज के मालिकों और उन्हें चलाने वाले कर्मचारियों को निशाना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस विवाद की साजिश मेरे राजनीतिक विरोधियों पर ही उलट गई है और लोग इन जाली वीडियो जारी करने के लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं, जिसके कारण वे अब निम्न स्तर की राजनीति कर रहे हैं। वे एफआईआर की धमकियों और दबाव की चालों के जरिए लेबोरेटरीज के मालिकों को डरा रहे हैं और उन्हें यह दावा करने के लिए मजबूर कर रहे हैं कि उन्हें झूठी रिपोर्ट तैयार करने के लिए पैसे दिए गए थे।
विरोधियों के कहने के अनुसार सरकार ने जिस लेबोरेटरी से जांच करवाई वह नकली थी, जबकि उन्होंने जिस लेबोरेटरी से जांच करवाई वह असली थी। लोग अच्छी तरह जानते हैं कि क्या असली है और क्या नकली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें सिख संगत और पंजाब के लोगों पर पूरा विश्वास है। उन्होंने कहा कि मैं यह मामला लोगों और श्री नानक नाम लेवा संगत पर छोड़ता हूं। असलियत यह है कि ये पार्टियां पंजाब में राजनीतिक और सामाजिक तौर पर असफल रहीं हैं। इसलिए उन्होंने अब धार्मिक आधार पर मुझे निशाना बनाने का रास्ता चुना है। ये लोग हर रोज नई फर्जी वीडियो बनाकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के जरिए प्रसारित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ऐसी चालें उन्हें लोगों की सेवा करने से नहीं रोक सकतीं। उन्होंने कहा कि मैं बिजली, पानी, सड़कें, गांवों के छप्पड़, आम आदमी क्लीनिक, अस्पताल और रोजगार के मौकों पर अपना ध्यान केंद्रित रखूंगा। उन्होंने कहा कि मैं उसी समर्पण और जोश के साथ काम करता रहूंगा और जब तक लोग मेरे साथ खड़े हैं, इनमें से कोई भी मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
विपक्षी दल को ऐसे तरीके अपनाने के विरुद्ध चेतावनी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राजनीति बहुत निम्न स्तर तक गिर गई है क्योंकि उनके पास मेरा विरोध करने का कोई और तरीका नहीं है। इसलिए वे लगातार बेबुनियाद आरोपों के जरिए मुझे बदनाम करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। अब शिरोमणि कमेटी ने गुरुद्वारा साहिबान के बाहर मेरा बायकॉट करने संबंधी पोस्टर लगाने के आदेश दिए हैं।’’
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सवाल किया कि बेअदबी की घटनाओं की जिम्मेदारी लेने के बाद भी अकाली दल या सुखबीर सिंह बादल के विरुद्ध ऐसे पोस्टर क्यों नहीं लगाए गए। उन्होंने पूछा, “2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब के सामने उन्होंने अपनी गलतियां कबूली, किए हुए गलत कामों, गोलीबारी की घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए माना था कि उनके द्वारा संगत के विरुद्ध आदेश दिए गए थे। क्या किसी ने गुरुद्वारों के बाहर उनके बायकॉट का आह्वान देने वाले पोस्टर लगाए थे?”
मुख्यमंत्री ने कहा कि संगत बहुत समझदार है और लोग ही सबसे ऊपर हैं। उन्होंने आगे कहा, “ये लोग घमंड के तहत ऐसी घटिया हरकतें कर रहे हैं क्योंकि उनके पास मेरे विरुद्ध उठाने के लिए कोई असली मुद्दा ही नहीं है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जिन गांवों, सामुदायिक इकट्ठों और जनसभा में वे दौरा करते हैं, वहां लोगों की भीड़ इकट्ठी हो जाती है। उन्होंने कहा, “विरोधियों को लोगों के ये ठाठों मारते इकट्ठ बर्दाश्त नहीं हो रहे क्योंकि उन्हें कभी भी लोगों का ऐसा भरपूर समर्थन नहीं मिला। इसलिए तीनों पार्टियां अब एक ही उद्देश्य के तहत मुझे धार्मिक आधार पर बदनाम करने में जुट गई हैं, लेकिन अंतिम फैसला लोगों के हाथों में है।”
मुख्यमंत्री ने पंजाब और यहां के लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा, “मैं पंजाब और इसके हितों की रक्षा के लिए डटकर खड़ा रहूंगा। वे जो चाहें कर सकते हैं, लेकिन लोग फैसला करेंगे कि सत्ता की लालसा के लिए इस स्तर तक गिर जाना सही है या नहीं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि प्रसारित की जा रही वीडियो पूरी तरह जाली और मनगढ़ंत हैं। उन्होंने कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे इन पर विश्वास न करें। विपक्षी दल अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर निर्भर रह गया है क्योंकि उनका अब जमीन पर कोई वजूद नहीं रह गया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी गांवों में लोग मिलनियां करवाई जाती हैं तो विपक्षी दल घबरा जाता है और बेचैन हो जाता है। उन्होंने आगे कहा, “इसी कारण अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने मेरे विरुद्ध एक साझा मोर्चा बनाया है। वे राजनीतिक तौर पर मेरा मुकाबला नहीं कर सकते, इसलिए वे झूठे धार्मिक प्रचार के जरिए मेरी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सालों से सत्ता इन पार्टियों के पास रही है और ये लोग एक-दूसरे को बचाते रहे हैं। उन्होंने कहा, “वो दिन अब लद गए हैं। अब 2027 में विरोधियों को सत्ता में वापस आने की कोई संभावना नहीं दिख रही, इसी लिए वे चिंतित हैं। स्कूल बनाए जा रहे हैं, अस्पतालों में सुधार किया जा रहा है, सड़कें बनाई जा रही हैं, गांवों के तालाब साफ किए जा रहे हैं और नहरी पानी किसानों के खेतों तक पहुंच रहा है। ये नेता पंजाब में हो रही तरक्की को बर्दाश्त नहीं कर सकते। इसी कारण वे ऐसी साजिशें रच रहे हैं।”
लोगों और संगत में अपने विश्वास को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘संगत फैसला करेगी। लोग फैसला करेंगे। मैं लोगों का हूं और मैं उन्हीं के बीच रहूंगा। आज भी मैं लोगों के बीच जा रहा हूं और मुझे भरोसा है कि मैं जहां भी जाऊंगा, वे मुझ पर वही प्यार बरसाते रहेंगे। यही प्यार मुझे पंजाब की सेवा करते रहने की ताकत देता है।’’
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