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Jagjit Singh Dallewal के समर्थन में पंजाब के कई लोगों ने अपने घरों में चूल्हा नहीं जलाया
हरियाणा और पंजाब के शंभू बॉर्डर और खनूरी बॉर्डर पर किसानों का धरना आज 10 महीने पूरे कर चुका है। वहीं, 18 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता Jagjit Singh Dallewal से मिलने के लिए पहली बार संयुक्त किसान मोर्चा के नेता पहुंच रहे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में राकेश टिकैत और हरिंदर सिंह लाखोवाल समेत 10 नेता शामिल हैं। इस बैठक में आंदोलन को आगे बढ़ाने की नई रणनीति बनने की संभावना है।
Jagjit Singh Dallewal के समर्थन में पंजाब के कई लोगों ने अपने घरों में चूल्हा नहीं जलाया। एक परिवार ने दोनों वक्त का खाना छोड़कर उनके आंदोलन का समर्थन किया।
खनूरी बॉर्डर पर अनशन कर रहे जगजीत सिंह डल्लेवाल का स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, 18 दिनों में उनका वजन 12 किलो से ज्यादा कम हो गया है। उनकी किडनी फेल होने और दिल का दौरा पड़ने की आशंका जताई जा रही है। लंबे समय तक भूखे रहने के कारण उनके लीवर पर भी असर हो सकता है। डॉक्टरों ने मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए उनकी हालत गंभीर बताई है।
किसानों की 13 प्रमुख मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी शामिल है। इन मांगों को लेकर किसान पिछले 10 महीनों से शंभू और खनूरी बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
6 और 8 दिसंबर को किसानों ने दिल्ली की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन हरियाणा पुलिस ने उन्हें सीमा पर रोक दिया। इस दौरान किसानों पर आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया गया। इन झड़पों में 15 से अधिक किसान घायल हो गए, जबकि एक किसान को गंभीर हालत में पीजीआई रेफर किया गया।
संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़े 32 संगठनों के कई नेता आज खनूरी बॉर्डर पहुंचकर जगजीत सिंह डल्लेवाल का हालचाल जानने और आंदोलन की रणनीति तय करने के लिए बैठक करेंगे।
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सुखबीर बादल के इशारे पर मेरे खिलाफ साजिश रची गई, जिसके बाद यह आदेश जारी हुआ – CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज उनके नाम से जोड़ी जा रही एक फर्जी वीडियो को सिरे से नकारते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के इशारे पर उन्हें बदनाम करने और उनकी सरकार के लोक-हितैषी फैसलों से ध्यान हटाने के लिए घृणित हरकत और राजनीतिक साजिश रची जा रही है।
इस घटना को सरकार के सख्त बेअदबी विरोधी कानून और पंजाब-पक्षी फैसलों से घबराकर की गई बौखलाहट भरी कोशिश बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ झूठा प्रचार करने के लिए राजनीतिक प्रभाव के अधीन काम कर रहे अधिकारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानते हैं और सम्मान के साथ इसकी आस्था के आगे पूरी नम्रता से सिर झुकाते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिशों की परवाह किए बिना वे पंजाब के ‘पानी, जवानी, किसानी और बाणी’ के हित में दलेराना फैसले लेते रहेंगे।
एक्स पर लिखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान खुलेआम अकाली दल के प्रचारक बन गए हैं। अब तो सिर्फ यही कसर बाकी रह गई है कि जत्थेदार साहिब के जरिए यह फरमान जारी करवा दिया जाए कि ‘सुखबीर बादल को वोट दो, नहीं तो पंथ खतरे में है।’ ऐसा फैसला किसी भी वक्त लिया जा सकता है।”
एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दुनिया भर के पंजाबियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह वीडियो मेरी नहीं है और मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब के सामने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था।” श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा जारी आदेशों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दावा किया गया कि यह वीडियो उनकी थी और यह एआई द्वारा तैयार नहीं की गई थी। लेकिन जब मुझे बुलाया गया तो मैंने जत्थेदार साहिब के सामने साफ कर दिया था कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “वीडियो में दिखाए गए व्यक्ति की न तो शारीरिक बनावट और न ही चेहरा मेरे साथ मेल खाता है, फिर भी मेरे अक्स को खराब करने के लिए झूठा और गुमराहपूर्ण प्रचार किया जा रहा है।”
इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे हैरानी होती है कि इतनी ऊंची धार्मिक पदवियों पर बैठे लोग खुद को राजनीतिक एजेंडे और झूठे प्रचार का हथियार बना रहे हैं। मेरे अक्स को खराब करने के लिए जानबूझकर अभियान चलाया जा रहा है क्योंकि कुछ लोग पंजाब के पानी, जवानी, किसानी और बाणी की रक्षा के लिए मेरी सरकार द्वारा लिए जा रहे ऐतिहासिक फैसलों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे राजनीतिक तौर पर निशाना बनाने के लिए धर्म का दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसी कोशिशें पूरी तरह निंदनीय और असहनीय हैं।”
श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानता हूं और पूरी नम्रता व श्रद्धा के साथ इसके आगे सिर झुकाता हूं। श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ जाने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकता और मैं कभी भी इस विश्वास से पीछे नहीं हटा। न मैं और न ही मेरी आने वाली पीढ़ियां कभी श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ जाने के बारे में सोच सकती हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फैसले कुछ स्वार्थी लोगों को मंजूर नहीं हैं, इसलिए ऐसे हथकंडों के जरिए उनके अक्स को धूमिल करने की कोशिशें की जा रही हैं। राजनीतिक आकाओं के इशारे पर उनके विरुद्ध प्रचार अभियान चलाए जाने की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हर कोई जानता है कि इन संस्थाओं में राजनीतिक नियुक्तियां और फैसले कैसे होते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सिख संगत इस बात से भली-भांति वाकिफ है कि कैसे राजनीतिक तौर पर नियुक्त कुछ पदाधिकारी बाहरी प्रभाव के अधीन फैसले लेते हैं। मैं इस वीडियो को और ऐसे झूठे आरोपों के जरिए मुझे बदनाम करने की कोशिशों को सिरे से नकारता हूं।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया, “पंजाब मेरे रोम-रोम में बसा हुआ है और मेरे दिल की हर धड़कन में पंजाब बसता है।”
मैं राज्य और इसके लोगों की भलाई के लिए दिन-रात काम कर रहा हूं।”
बेअदबी के खिलाफ कानून लाने के अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अब जब लोगों ने हमारी सरकार द्वारा लाए गए बेअदबी विरोधी कानून का स्वागत किया है तो कुछ स्वार्थी लोग इससे असहज हो गए हैं। हैरानी की बात है कि जो लोग पहले सवाल उठाते थे कि ऐसे कानून क्यों नहीं बनाए जा रहे, वे अब सवाल कर रहे हैं कि यह कानून क्यों बनाए गए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले वे पूछते थे कि सरकार बेअदबी के खिलाफ कानून क्यों नहीं ला रही। जब सरकार ने कानून बना दिया तो वे सवाल करने लगे कि उनके साथ सलाह किए बिना यह कानून क्यों बनाया गया और यहां तक कह दिया कि वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह उनके विरोधी रवैये को साफ दर्शाता है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “गुरु नानक नाम लेवा संगत इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि पिछले समय में फैसले कैसे लिए गए थे। लोगों ने देखा है कि कैसे कुछ व्यक्तियों को माफी मांगे बिना ही माफ कर दिया गया और कैसे दूसरे मामलों में बाद में माफी वापस ले ली गई।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “लोग इस बात के भी गवाह हैं कि कैसे कुछ व्यक्तियों ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने माना था कि बेअदबी की घटनाएं हुई थी, पुलिस फायरिंग हुई थी और दोषी अधिकारियों को नियुक्तियां व राजनीतिक संरक्षण दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही वे उन बयानों से मुकर गए। फिर भी इनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई करने का कोई इरादा नजर नहीं आता।”
संगत से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं नानक नाम लेवा संगत से अपील करता हूं कि वे ऐसे भ्रामक और झूठे प्रचार का शिकार न हों। अंतिम फैसला हमेशा संगत और लोगों का ही होगा।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया, “जब तक मुझे पंजाब की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं पंजाब, इसके अधिकारों और इसके लोगों के लिए डटकर फैसले लेता रहूंगा।”
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मानसून से पहले बदला मौसम का मिजाज, पंजाब के 17 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
पंजाब में मानसून से पहले ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के 17 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह हुई बारिश के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया।
मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, मानसा, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की भी संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया। राज्य में सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा 18 से 20 जून तक तीन दिनों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।
तापमान की बात करें तो अमृतसर में 36.0 डिग्री, लुधियाना में 35.6 डिग्री, पटियाला में 37.8 डिग्री, पठानकोट में 37.6 डिग्री और बठिंडा में 37.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, जबकि एसबीएस नगर में सबसे कम 22.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।
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ED पार्टी के पदाधिकारी पंजाब में नशा बेचते पकड़े गए, क्या ईडी पार्टी से नशे के तार जुड़े हैं?- केजरीवाल
पंजाब में नशे के खिलाफ भगवंत मान सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम में ईडी पार्टी (भाजपा) के पदाधिकारी को नशा बेचते पकड़े जाने के बाद राजनीति गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने ईडी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ईडी पार्टी के पदाधिकारी ख़ुद पंजाब में नशा बेचते पकड़े गए। क्या ईडी पार्टी के साथ नशे के तार जुड़े हैं?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पंजाब में 70 फीसद ड्रग्स गुजरात के रास्ते आ रही हैं। ईडी पार्टी की गठबंधन की सरकार में पंजाब के घर-घर में चिट्टा पहुंचाया गया। बाकायदा सरकारी संरक्षण में सरकारी गाड़ियों में चिट्टा घर-घर बांटा जाता था। ईडी पार्टी और चिट्टा पार्टी पंजाब की जवानी बर्बाद करने की ज़िम्मेदार हैं। भगवंत मान ने चिट्टे पर वार करके पंजाब की जवानी को फिर से एक सुनहरे भविष्य की उम्मीद दी है।
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने नशे के नेटवर्क को इतना तहस-नहस कर दिया है कि ईडी पार्टी वाले अब खुद सप्लाई के लिए मैदान में उतर गए हैं। भगवंत मान जी, रगड़ दो जो भी नशे का कारोबार पंजाब में करे। पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को इन ईडी पार्टी वाले नशा कारोबारियों से बचा लो, बस।
उधर, ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईडी पार्टी विदेशी से नशा मांगती है, अदानी के पोर्ट पर उतरवाती है, फिर देश के कोने-कोने में भिजवाती है और फिर ईडी पार्टी के कार्यकर्ता इसे बेचते है। पंजाब में भगवंत मान की सरकार इनके नशे के धंधे बंद कर रही है। इसलिए चिट्टा पार्टी और ईडी पार्टी परेशान है।
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