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Harsimrat Kaur Badal ने किसानों के अधिकारों और पंजाब के हितों की पुरजोर वकालत की

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शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता और बठिंडा से सांसद Harsimrat Kaur Badal ने रविवार को केंद्र और पंजाब सरकार पर निशाना साधते हुए किसानों के अधिकारों और पंजाब के हितों की जोरदार वकालत की। उन्होंने उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने, डीएपी खाद की कमी को दूर करने और चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार बनाए रखने की मांग की।

किसानों के मुद्दों पर सख्त रुख

सर्वदलीय बैठक में भाग लेते हुए हरसिमरत कौर ने कहा कि केंद्र और पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार दोनों ही किसानों की समस्याओं के लिए जिम्मेदार हैं। उन्होंने निम्नलिखित मुद्दे उठाए:

धान की खरीद: धान में नमी का बहाना बनाकर किसानों को अपनी फसल कम दाम पर बेचने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

डीएपी खाद की कमी: खाद का स्टॉक घटाकर 1.28 लाख टन कर दिया गया है, जिससे किसान परेशान हैं।

नकली बीज और उर्वरक: नकली बीज और डीएपी उर्वरकों की बिक्री रोकने में राज्य सरकार की नाकामी के कारण किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

एमएसपी समिति का गठन: किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने एमएसपी पर एक समिति बनाने का वादा किया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।

चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार

सांसद ने चंडीगढ़ में हरियाणा के लिए अलग विधानसभा सीट आवंटित करने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इसे पंजाब पुनर्गठन अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए कहा कि चंडीगढ़ पंजाब का अभिन्न अंग है और रहेगा। हरियाणा को अलग विधानसभा सीट किसी भी हालत में नहीं दी जानी चाहिए।

पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव

हरसिमरत कौर ने पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनाव न कराने के लिए सरकार की आलोचना की। उन्होंने इसे विश्वविद्यालय के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने का प्रयास बताया और मांग की कि चुनाव तुरंत कराए जाएं।

बंदी सिंहों की रिहाई पर जोर

सांसद ने बंदी सिंहों की रिहाई में हो रही देरी पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने 2019 में गुरु नानक देव जी की 550वीं जयंती पर जारी अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि केंद्र सरकार अब तक इनकी रिहाई में देरी कर रही है। भाई बलवंत सिंह राजोआना की दया अपील पर भी कोई फैसला नहीं लिया गया है।

अन्य मांगें और सुझाव

फंड जारी करने की मांग: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, आयुष्मान भारत, और ग्रामीण विकास निधि के तहत रोके गए फंड तुरंत जारी किए जाएं।

किसानों पर अत्याचार की निंदा: अमृतसर-जामनगर एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की मांग कर रहे किसानों पर सरकार की सख्ती की आलोचना की।

विकास कार्यों में तेजी: अधिग्रहित भूमि का अनुदान जल्द से जल्द जारी किया जाए।

अकाली दल की प्रतिबद्धता

हरसिमरत कौर बादल ने किसानों और पंजाब के हितों की रक्षा के लिए शिरोमणि अकाली दल की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों और राज्य के मुद्दों को हल नहीं किया गया, तो पार्टी आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगी।

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चढ़ावा चोरी करने वाले बड़े लोगों को बचाया जा रहा-केज़रीवाल

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आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अयोध्या श्रीराम मंदिर में हुई चोरी मामले में छोटे-छोटे लोगों की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि चढ़ावा चोरी करने वाले बड़े लोगों को बचाया जा रहा है। राम मंदिर में 200 करोड़ रुपए की चोरी हुई और बरामद सिर्फ 80 लाख रुपए हुए, बाकी पैसा कहां गया? उन्होंने कहा कि चोरी में शामिल बड़ी मछलियां खुलेआम घूम रही हैं और जांच के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है। पुलिस ने गिरफ्तार उन 8 छोटे-छोटे लोगों को रिमांड पर लेकर पूछताछ भी नहीं की। मंदिर से चढ़ावे की चोरी का पैसा कहां और किसके पास है, इसकी जांच होनी चाहिए।

रविवार को अमृतसर में प्रेसवार्ता के दौरान अरविंद केजरीवाल ने कहा कि राम मंदिर चढ़ावे की चोरी मामले में सभी आरोपियों को नहीं, बल्कि छोटे-छोटे लोगों को पकड़ा गया है। जो मुख्य और बड़े-बड़े लोग हैं, जिन पर सबसे ज्यादा आरोप लग रहे हैं, वे तो खुलेआम घूम रहे हैं। किसी पैसे गिनने वाले या किसी छोटे से चौकीदार को पकड़ लिया गया है। जिन आठ लोगों को पकड़ा गया है, वे बहुत छोटे स्तर के हैं।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गिरफ्तार लोगों की पुलिस रिमांड भी नहीं ली गई है और पुलिस ने उनसे कोई पूछताछ भी नहीं की। जिन लोगों को पकड़ा गया, उनसे यह तो पूछना चाहिए था कि उन्होंने कितनी चोरी की, पैसा किसके पास पहुंचाया और कहां छिपाया? लेकिन पुलिस ने कोई पूछताछ नहीं की, उनकी रिमांड ही नहीं ली और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि दो-चार दिन में इनकी बेल करा दी जाएगी।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह पूरी कवायद सिर्फ इस मामले को छिपाने, लीपापोती करने और ढकने की कोशिश है। ऐसा लगता है कि यहां चोरी बहुत बड़े स्तर पर हुई है। एक आरोप यह भी है कि 200 करोड़ रुपए का कैश चोरी हुआ है, लेकिन इन आठ लोगों से केवल 80 लाख रुपए की रिकवरी हुई है। बाकी का पैसा कहां गया? मैं बार-बार यह कह रहा हूं कि चोरी का पैसा कहां गया, इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।

उधर, भगवंत मान ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार जो कर रही है, भाजपा उसका राजनीतिकरण कर रही है। धार्मिक संस्थाओं का राजनीतिकरण बिल्कुल नहीं होना चाहिए। उन्होंने पटियाला के काली देवी मंदिर का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां का ट्रस्ट डीसी के अंडर है, लेकिन उसमें सरकार ने केवल उन्हीं स्थानीय लोगों को रखा है जिनकी धर्म में गहरी आस्था है। जिस रामतीर्थ की बात हो रही है, उसका भी एक ट्रस्ट है जो डीसी के अंडर है, लेकिन उसमें बाबा प्रगट नाथ जी और वाल्मीकि समाज के अन्य महापुरुषों को ही जगह दी गई है। धर्म का संचालन केवल धार्मिक, गुणी और ज्ञानी लोगों द्वारा ही किया जाना चाहिए। राजनीति और धर्म को हमेशा एक-दूसरे से अलग रखना चाहिए।

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मान सरकार ने भव्य लव-कुश मंदिर निर्माण का लिया सैद्वांतिक निर्णय, जल्द विस्तृत डिटेल दी जाएगी- केजरीवाल

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पंजाब की पावन नगरी अमृतसर में भगवान वाल्मीकि मंदिर के निकट लव-कुश और माता जानकी के भव्य एवं दिव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। भगवंत सिंह मान की अनुवाई वाली पंजाब सरकार ने भव्य एवं दिव्य लव-कुश मंदिर निर्माण का सैद्वांतिक निर्णय लिया है। जल्द इसकी विस्तृत डिटेल दी जाएगी। शुक्रवार को अमृतसर में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ प्रेसवार्ता कर आम आदमीी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि लव-कुश का यहीं जन्म हुआ और इन्होंने भगवान राम के अश्वमेध घोडे को यही रोका था। यह मंदिर बनने न केवल पंजाब और देश, बल्कि पूरी दुनिया के लोगों को बहुत हर्ष और उल्लास होगा।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सररकार ने यह निर्णय लिया है कि अमृतसर में लव-कुश और माता जानकी के नाम से उनके लिए एक बहुत ही भव्य और दिव्य मंदिर का निर्माण किया जाएगा। मैं समझता हूं कि अमृतसर पूरी दुनिया में सबसे पवित्र भूमि है। यहां हर धर्म के लोग हैं और हर धर्म के संस्थान हैं। यहां दरबार साहिब है, जहां पूरी दुनिया से सभी धर्मों के लोग मत्था टेकने और मन्नत मांगने आते हैं। वहां जाने से उनके दुख दूर होते हैं और उन्हें बहुत शांति मिलती है। यहां दुर्ग्याणा मंदिर है। देशभक्तों के लिए जलियांवाला बाग है और वाघा बॉर्डर है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि यहीं पर भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल है, जहां भगवान वाल्मीकि ने रामायण लिखी थी। माता सीता यहीं वाल्मीकि आश्रम में रही थीं, लव-कुश ने यहीं जन्म लिया था और उनकी पढ़ाई भी यहीं हुई थी। जब भगवान राम ने अपना अश्वमेध का घोड़ा छोड़ा था, जिसे पूरी दुनिया में कोई नहीं रोक पाया था, तब लव-कुश ने उस घोड़े को रोका था और यहीं पर एक पेड़ से बांध कर रखा था। यह सभी धर्मों के लिए बहुत ही पवित्र धरती है और खासकर हिंदू धर्म व वाल्मीकि समाज के सभी लोगों के लिए यह बेहद आस्था का स्थान है।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि वहां अभी भगवान वाल्मीकि का तीर्थ स्थान है, उसी के बगल में लव-कुश और माता जानकी के लिए एक भव्य मंदिर बनाया जाएगा। अभी सैद्धांतिक रूप से यह निर्णय लिया गया है। इसकी क्या डिटेल होंगी और यह कैसे होगा, इस पर काम चल रहा है और जैसे-जैसे काम आगे बढ़ेगा, लोगों को इसके बारे में बताते रहेंगे।

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हेमकुंड साहिब यात्रा पर पंजाब से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अफवाहों को बताया झूठा, बोले- उत्तराखंड में हर जगह मिला प्यार और सम्मान

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विश्व शांति, भाईचारे और सर्वजन कल्याण का संदेश लेकर पंजाब से निकले श्री हेमकुंड साहिब पैदल यात्रा सोसायटी, बटाला के 90 सदस्यीय सिख श्रद्धालुओं के जत्थे ने सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया है।

2 जून को डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर) से शुरू हुई यह 32वीं महान पैदल यात्रा 2 जुलाई को श्री हेमकुंड साहिब पहुंचेगी। फिलहाल चमोली पहुंच चुके इस जत्थे में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं, जो प्रतिदिन करीब 35 से 40 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं।

यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि वे कर्णप्रयाग और नगरासू में रात्रि विश्राम कर चुके हैं, जहां स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में हर जगह उन्हें प्यार, सम्मान और सहयोग मिला।

श्रद्धालु हरपाल सिंह ने कहा कि सोशल मीडिया पर कुछ लोग डर और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें कहीं भी किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

जत्थेदार बलजिंदर सिंह ने कहा कि इंटरनेट पर फैलाई जा रही अफवाहों के विपरीत उत्तराखंड का माहौल पूरी तरह शांतिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गढ़वाली और सिख समाज के बीच भाईचारे का रिश्ता है और स्थानीय लोगों ने यात्रा के दौरान हर संभव सहयोग दिया।

श्रद्धालुओं ने देशभर की संगत से अपील की कि वे अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर विश्वास न करें तथा निश्चिंत होकर श्री हेमकुंड साहिब, बद्रीनाथ धाम और केदारनाथ धाम की यात्रा करें। उनका कहना है कि देवभूमि की संस्कृति हमेशा से “अतिथि देवो भवः” की रही है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं का पूरे सम्मान के साथ स्वागत किया जाता है।

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