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Mohali में हुए कत्ल मामले में परिजनों में आक्रोश, एयरपोर्ट रोड पर लगाया जाम
Mohali के एयरपोर्ट रोड स्थित कुंबरा गांव में दो युवकों – दमन (17) और दिलप्रीत सिंह (18) – पर पांच-छह लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें दमन की जान चली गई, जबकि दिलप्रीत की आंख में चाकू लगने से वह घायल हो गए और अस्पताल में भर्ती हैं। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिवारवालों ने दमन के शव को एयरपोर्ट रोड पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया, जिससे पूरी रात सड़क पर जाम लगा रहा।
परिजनों का कहना है कि हमलावरों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। प्रदर्शनकारी यह भी कह रहे हैं कि आरोपियों की गिरफ्तारी तक उनका विरोध जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि आरोपी एक अवैध पीजी में रह रहे थे और उत्तर प्रदेश के निवासी हैं।
इस मामले पर ग्रामीणों और परिवार में आक्रोश है, और कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी बड़े नेता का बेटा होता तो आरोपियों की गिरफ्तारी कुछ ही घंटों में हो जाती, जबकि अब दो दिन बीत चुके हैं और अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
गुरुवार देर रात पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा और मोहाली के जिला अध्यक्ष संजीव विशिष्ट परिवार से मुलाकात कर सांत्वना देने पहुंचे।
डीएसपी सिटी-2 हरसिमरत सिंह बल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं, जिनमें से एक टीम लखनऊ भी भेजी गई है। गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती दिलप्रीत का इलाज जारी है, और पीजी के मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया है। 45 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का भरोसा दिया गया है।
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ऐतिहासिक कर्मचारी-हितैषी पहल से हजारों स्टाफ नर्सों, अध्यापकों और महिला पुलिस कर्मियों को होगा लाभ: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब भर की महिला सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि ग्रुप सी और डी श्रेणियों से संबंधित महिला कर्मचारी, जिनमें स्टाफ नर्सें, महिला पुलिस कर्मी और अन्य पात्र कर्मचारी शामिल हैं, को उनका परखकाल पूरा होने के बाद उनके घरों से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में ही तैनात किया जाएगा।
इस निर्णय, जिसका उद्देश्य महिला कर्मचारियों के निजी जीवन और कार्यालयी कार्यों के बीच संतुलन को बेहतर बनाना है, को एक ऐतिहासिक कर्मचारी-हितैषी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं और समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि इस कदम से राज्य भर के विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों महिला कर्मचारियों को लाभ होगा।
अधिक जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पहले ही अधिकारियों को इस पहल को लागू करने के लिए आवश्यक ढांचा तैयार करने के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने कहा, “हजारों महिला कर्मचारियों, विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत स्टाफ नर्सों, अध्यापकों और महिला पुलिस कर्मियों को इस पहल का लाभ मिलेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मैंने व्यक्तिगत रूप से कई महिला कर्मचारियों से बातचीत की है, जिन्होंने मुझे बताया कि उनकी तैनाती उनके घरों से लगभग 200 किलोमीटर दूर की गई है। इसके कारण वे सप्ताह में केवल दो दिन ही अपने परिवारों से मिल पाती हैं और उन्हें अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमारी सरकार ने ऐसी नीति बनाने का निर्णय लिया है, जिसके तहत ग्रुप सी और डी श्रेणियों से संबंधित महिला कर्मचारियों, जिनमें स्टाफ नर्सें, अध्यापक और महिला पुलिस कर्मी शामिल हैं, को परख काल पूरा होने के बाद उनके घरों से अधिकतम 40 किलोमीटर के दायरे में तैनात किया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “महिला कर्मचारी आधिकारिक फॉर्म भरते समय अपने मायके या ससुराल का पता दे सकेंगी। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वे लगभग एक घंटे के भीतर अपने परिवार तक पहुंच सकें, क्योंकि एक खुश कर्मचारी हमेशा बेहतर प्रदर्शन करता है। 40 किलोमीटर केवल ऊपरी सीमा है और ये तैनातियां इससे भी कम दूरी, जैसे 15 या 20 किलोमीटर के भीतर भी हो सकती हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कर्मचारियों ने हमेशा अपनी चिंताओं और समस्याओं को उनके साथ खुलकर साझा किया है, जिससे सरकार को उनकी आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को सीधे तौर पर हल करने वाली नीतियां तैयार कर सकती है।
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पिछली सरकारों के दौरान मेरिट की जगह पैसे के बदले दी जाती थी सरकारी नौकरियां: CM भगवंत सिंह मान
स्वास्थ्य विभाग में और 523 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने उस युग का अंत कर दिया है, जब सरकारी नौकरियां पैसे के बदले बेची जाती थी और राजनीतिक प्रभाव के माध्यम से दी जाती थी, जिससे योग्य उम्मीदवार मौकों से वंचित रह जाते थे। युवाओं को पारदर्शी और योग्यता-आधारित प्रक्रिया के माध्यम से चार सालों में 67,563 सरकारी नौकरियां देने का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल किया है, जिससे रोजगार की तलाश में युवाओं द्वारा पंजाब छोड़कर विदेश जाने की प्रवृत्ति में भी कमी आई है।
देश के कई हिस्सों में बार-बार सामने आ रहे परीक्षा विवादों की तुलना पंजाब की भर्ती रिकॉर्ड से करते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार ने निष्पक्षता और पारदर्शिता के माध्यम से सभी के लिए बराबर मौके सुनिश्चित किए हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही पूरे राज्य में स्वास्थ्य सुविधा और लोक कल्याण पहलकदमियों का बड़े स्तर पर विस्तार किया गया है।
युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपते समय सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि पूरे राज्य में युवाओं को 67,500 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं।” उन्होंने कहा कि सरकारी भर्तियों में पैसे के लेन-देन और पक्षपात का युग समाप्त हो गया है और अब नियुक्तियां सिर्फ योग्यता के आधार पर की जाती हैं।
पारदर्शी शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दशकों तक योग्य युवाओं को मौकों से वंचित रखा गया क्योंकि इसके पहले सरकारी नौकरियां सिफारिशों और पैसे के बदले बांटी जाती थी। हमने इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया है। आज सरकारी नौकरियां सिर्फ योग्यता के आधार पर दी जा रही हैं। यही कारण है कि हमारी सरकार द्वारा की गई एक भी नियुक्ति को अदालत में चुनौती नहीं दी गई है। भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का विश्वास बहाल हो गया है और हर योग्य उम्मीदवार अब जानता है कि सरकारी नौकरी लेने के लिए मेहनत और प्रतिभा का मूल्य है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित किए गए 990 आम आदमी क्लीनिकों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था को काफी मजबूत किया है। उन्होंने कहा, “ये क्लीनिक 107 जरूरी दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त प्रदान करने के साथ-साथ आईटी-समर्थित रीयल-टाइम रिपोर्टिंग और कुशल ढंग से स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने को सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों द्वारा सरकार की इस पहल को भरपूर समर्थन मिला है, जिसके तहत अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट्स दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों के माध्यम से हर रोज लगभग 84,000 मरीज सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक को मुफ्त दवाइयां क्लीनिक पर ही मिल जाती हैं।
स्वास्थ्य देखभाल मॉडल की सफलता को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि “आम आदमी क्लीनिक शुरू करने की ऐतिहासिक पहल बेहद प्रभावशाली रही है। इसके तहत अब तक 5.54 करोड़ से अधिक ओपीडी विजिट्स दर्ज की गई हैं। इन क्लिनिकों के माध्यम से हर रोज लगभग 84,000 मरीज सेवाएं प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से 90 प्रतिशत से अधिक को क्लीनिक पर ही मुफ्त दवाई मिल जाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि लगभग 97 प्रतिशत मरीजों ने इन क्लीनिकों पर प्रदान की जा रही सेवाओं से संतुष्टि व्यक्त की है। यह इस पहल में लोगों के अथाह विश्वास को दर्शाता है।” उन्होंने आगे कहा कि ऐसे 400 और आम आदमी क्लीनिक प्रगति अधीन हैं और हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर नागरिक सम्मान के साथ सुलभ और गुणवत्ता-आधारित स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में नशे की लत और नशा तस्करी के खात्मे के लिए एक व्यापक और ठोस प्रयास के रूप में ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान भी शुरू किया है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब की समूची आबादी को 100 प्रतिशत स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करके यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज की ओर ऐतिहासिक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत हर परिवार पंजाब भर और चंडीगढ़ में लगभग 900 सरकारी और पैनल में शामिल निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से 2,356 मेडिकल और सर्जिकल प्रक्रियाओं के लिए सालाना 10 लाख रुपए तक के नकद रहित स्वास्थ्य कवर का हकदार है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “देश के इतिहास में पहली बार नीट जैसी परीक्षाएं करवाने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया जा रहा है। देश भर में दर्जनों परीक्षा पेपर लीक होने की रिपोर्ट मिल रही है, जिससे लाखों युवाओं के सपने चकनाचूर हो गए हैं। हालांकि, पंजाब में पिछले साढ़े चार सालों के दौरान एक भी परीक्षा पेपर लीक नहीं हुआ। हमने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करके अपने युवाओं का भरोसा बहाल किया है।”

बिजली क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज, पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। हमारे किसानों को दिन में बिजली मिल रही है, जिससे खेतीबाड़ी को काफी लाभ हुआ है। एक तरफ जहां सार्वजनिक संपत्तियां कुछ चुनिंदा लोगों को सौंपी जा रही हैं, वहीं पंजाब ने एक प्राइवेट थर्मल पावर प्लांट खरीदकर इतिहास रचा है। हमारी सरकार द्वारा सरकारी खजाने का एक-एक पैसा लोक कल्याण के लिए पूरी समझदारी से इस्तेमाल किया जा रहा है। हमारी सरकार द्वारा हर फैसला जनहित की रक्षा और पंजाब के भविष्य को मजबूत करने के लिए लिया जा रहा है।”
नवनियुक्त युवाओं को पूरे तनदेही और प्रतिबद्धता के साथ काम करने के लिए प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने पदों का उपयोग समाज के जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों की भलाई के लिए करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “ये नियुक्तियां पूरी तरह पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से की गई हैं और उम्मीदवारों ने कड़ी मुकाबले वाली परीक्षाएं सफलतापूर्वक पास की हैं।”
मुख्यमंत्री ने नीट, जेईई और जेईई एडवांस्ड जैसी परीक्षाओं में पंजाब के विद्यार्थियों की उपलब्धियों के साथ-साथ स्कूल ऑफ एमिनेंस जैसी क्रांतिकारी पहलकदमियों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “पंजाब में जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की वसूली में तीन गुना वृद्धि हुई है और इस अतिरिक्त राजस्व के साथ लोक कल्याण और विकास परियोजनाओं में निवेश किया जा रहा है।”
पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारी सरकार पंजाब को हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चाहे वह शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, रोजगार सृजन, कृषि, उद्योग या लोक कल्याण हो, हम पूरी तनदेही और ईमानदारी से काम कर रहे हैं। पंजाब और इसके लोगों की तरक्की, खुशहाली और समग्र विकास को सुनिश्चित करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री डॉ. बलवीर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद थे।
पारदर्शी भर्ती अभियान ने पंजाब के युवाओं के लिए पैदा किए नए मौके
भगवंत मान सरकार ने 2022 में सत्ता संभालने से लेकर अब तक एक पारदर्शी और योग्यता आधारित भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से राज्य के युवाओं को 67,563 सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं, जिससे सरकारी नौकरियों के लिए सिफारिशों और पैसे की ताकत का कल्चर खत्म हो गया है। हाल ही में चलाए गए भर्ती अभियान के दौरान स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग में 523 नियुक्ति पत्र बांटे गए, जिनमें 178 मेडिकल अधिकारी, 99 स्टाफ नर्सें, 124 मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर (पुरुष), 64 मल्टी-पर्पज हेल्थ वर्कर (महिलाएं), 24 डेंटल टीचिंग फैकल्टी मेंबर, 23 आयुर्वेदिक टीचिंग फैकल्टी मेंबर सहित क्लेरिकल और सहायक स्टाफ शामिल हैं। इसके साथ ही स्कूल शिक्षा (16,316), गृह मामलों (14,723), बिजली (8,306), स्थानीय निकायों (5,681), स्वास्थ्य और परिवार कल्याण (4,235), राजस्व, पुनर्वास और आपदा प्रबंधन (2,355), मेडिकल शिक्षा और अनुसंधान (2,143) तथा जल स्रोत (2,168) आदि विभागों में भी बड़ी भर्ती की गई है।
उल्लेखनीय है कि हर भर्ती पूरी तरह योग्यता और पारदर्शिता के आधार पर की गई है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में युवाओं का भरोसा बहाल हुआ है और पूरे राज्य में योग्य उम्मीदवारों के लिए बराबर मौके सुनिश्चित किए गए हैं।
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सुखबीर बादल के इशारे पर मेरे खिलाफ साजिश रची गई, जिसके बाद यह आदेश जारी हुआ – CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज उनके नाम से जोड़ी जा रही एक फर्जी वीडियो को सिरे से नकारते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के इशारे पर उन्हें बदनाम करने और उनकी सरकार के लोक-हितैषी फैसलों से ध्यान हटाने के लिए घृणित हरकत और राजनीतिक साजिश रची जा रही है।
इस घटना को सरकार के सख्त बेअदबी विरोधी कानून और पंजाब-पक्षी फैसलों से घबराकर की गई बौखलाहट भरी कोशिश बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ झूठा प्रचार करने के लिए राजनीतिक प्रभाव के अधीन काम कर रहे अधिकारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानते हैं और सम्मान के साथ इसकी आस्था के आगे पूरी नम्रता से सिर झुकाते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिशों की परवाह किए बिना वे पंजाब के ‘पानी, जवानी, किसानी और बाणी’ के हित में दलेराना फैसले लेते रहेंगे।
एक्स पर लिखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान खुलेआम अकाली दल के प्रचारक बन गए हैं। अब तो सिर्फ यही कसर बाकी रह गई है कि जत्थेदार साहिब के जरिए यह फरमान जारी करवा दिया जाए कि ‘सुखबीर बादल को वोट दो, नहीं तो पंथ खतरे में है।’ ऐसा फैसला किसी भी वक्त लिया जा सकता है।”
एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दुनिया भर के पंजाबियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह वीडियो मेरी नहीं है और मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब के सामने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था।” श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा जारी आदेशों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दावा किया गया कि यह वीडियो उनकी थी और यह एआई द्वारा तैयार नहीं की गई थी। लेकिन जब मुझे बुलाया गया तो मैंने जत्थेदार साहिब के सामने साफ कर दिया था कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “वीडियो में दिखाए गए व्यक्ति की न तो शारीरिक बनावट और न ही चेहरा मेरे साथ मेल खाता है, फिर भी मेरे अक्स को खराब करने के लिए झूठा और गुमराहपूर्ण प्रचार किया जा रहा है।”
इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे हैरानी होती है कि इतनी ऊंची धार्मिक पदवियों पर बैठे लोग खुद को राजनीतिक एजेंडे और झूठे प्रचार का हथियार बना रहे हैं। मेरे अक्स को खराब करने के लिए जानबूझकर अभियान चलाया जा रहा है क्योंकि कुछ लोग पंजाब के पानी, जवानी, किसानी और बाणी की रक्षा के लिए मेरी सरकार द्वारा लिए जा रहे ऐतिहासिक फैसलों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे राजनीतिक तौर पर निशाना बनाने के लिए धर्म का दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसी कोशिशें पूरी तरह निंदनीय और असहनीय हैं।”
श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानता हूं और पूरी नम्रता व श्रद्धा के साथ इसके आगे सिर झुकाता हूं। श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ जाने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकता और मैं कभी भी इस विश्वास से पीछे नहीं हटा। न मैं और न ही मेरी आने वाली पीढ़ियां कभी श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ जाने के बारे में सोच सकती हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फैसले कुछ स्वार्थी लोगों को मंजूर नहीं हैं, इसलिए ऐसे हथकंडों के जरिए उनके अक्स को धूमिल करने की कोशिशें की जा रही हैं। राजनीतिक आकाओं के इशारे पर उनके विरुद्ध प्रचार अभियान चलाए जाने की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हर कोई जानता है कि इन संस्थाओं में राजनीतिक नियुक्तियां और फैसले कैसे होते हैं।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सिख संगत इस बात से भली-भांति वाकिफ है कि कैसे राजनीतिक तौर पर नियुक्त कुछ पदाधिकारी बाहरी प्रभाव के अधीन फैसले लेते हैं। मैं इस वीडियो को और ऐसे झूठे आरोपों के जरिए मुझे बदनाम करने की कोशिशों को सिरे से नकारता हूं।”
मुख्यमंत्री ने दावा किया, “पंजाब मेरे रोम-रोम में बसा हुआ है और मेरे दिल की हर धड़कन में पंजाब बसता है।”
मैं राज्य और इसके लोगों की भलाई के लिए दिन-रात काम कर रहा हूं।”
बेअदबी के खिलाफ कानून लाने के अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अब जब लोगों ने हमारी सरकार द्वारा लाए गए बेअदबी विरोधी कानून का स्वागत किया है तो कुछ स्वार्थी लोग इससे असहज हो गए हैं। हैरानी की बात है कि जो लोग पहले सवाल उठाते थे कि ऐसे कानून क्यों नहीं बनाए जा रहे, वे अब सवाल कर रहे हैं कि यह कानून क्यों बनाए गए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले वे पूछते थे कि सरकार बेअदबी के खिलाफ कानून क्यों नहीं ला रही। जब सरकार ने कानून बना दिया तो वे सवाल करने लगे कि उनके साथ सलाह किए बिना यह कानून क्यों बनाया गया और यहां तक कह दिया कि वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह उनके विरोधी रवैये को साफ दर्शाता है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “गुरु नानक नाम लेवा संगत इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि पिछले समय में फैसले कैसे लिए गए थे। लोगों ने देखा है कि कैसे कुछ व्यक्तियों को माफी मांगे बिना ही माफ कर दिया गया और कैसे दूसरे मामलों में बाद में माफी वापस ले ली गई।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “लोग इस बात के भी गवाह हैं कि कैसे कुछ व्यक्तियों ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने माना था कि बेअदबी की घटनाएं हुई थी, पुलिस फायरिंग हुई थी और दोषी अधिकारियों को नियुक्तियां व राजनीतिक संरक्षण दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही वे उन बयानों से मुकर गए। फिर भी इनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई करने का कोई इरादा नजर नहीं आता।”
संगत से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं नानक नाम लेवा संगत से अपील करता हूं कि वे ऐसे भ्रामक और झूठे प्रचार का शिकार न हों। अंतिम फैसला हमेशा संगत और लोगों का ही होगा।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया, “जब तक मुझे पंजाब की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं पंजाब, इसके अधिकारों और इसके लोगों के लिए डटकर फैसले लेता रहूंगा।”
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