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डेराबस्सी में चलती Car में लगी आग, ड्राइवर ने बच्चों को सुरक्षित निकला बाहर

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आज डेराबस्सी फ्लाईओवर पर एक Car में अचानक आग लग गई। दमकलकर्मी तुरंत मदद के लिए पहुंचे और आग बुझाई। कार में तीन छोटे बच्चे थे। जब आग लगी, तो ड्राइवर ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालना सुनिश्चित किया। आग बुझाने के लिए दमकलकर्मी समय पर पहुंच गए। संजीव चंडीगढ़ से अंबाला कुछ बच्चों को लेकर जा रहे थे। जब वे डीएवी स्कूल के पास एक बड़े पुल पर पहुंचे, तो उनकी कार से धुआं निकलने लगा।

उन्होंने जल्दी से तीनों बच्चों को कार से सुरक्षित बाहर निकाला और मदद के लिए दमकल विभाग को फोन किया। दमकलकर्मियों के पहुंचने से पहले, वहां से गुजर रहे कुछ लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की। लेकिन जब दमकलकर्मियों को इस बारे में पता चला, तो वे मौके पर पहुंचे और कार में लगी आग को बुझा दिया। अच्छी खबर यह है कि ड्राइवर समेत तीनों बच्चे सुरक्षित हैं! पहले तो ऐसा लग रहा था कि कार में कुछ खराबी की वजह से यह दुर्घटना हुई होगी।

पुलिस और दमकलकर्मी इस बात की जांच कर रहे हैं कि आखिर हुआ क्या था। जब दुर्घटना हुई, तो आस-पास के लोगों ने इसे देखा और मदद करने की कोशिश की। उन्होंने मदद के लिए अग्निशमन विभाग को बुलाया। अग्निशमन कर्मियों के त्वरित काम की बदौलत, उन्होंने तुरंत आग बुझा दी और यह सुनिश्चित किया कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बाहर निकल आएं।

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पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से 3,524 निःशुल्क आँखों के ऑपरेशन करवाए

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पंजाब सरकार मुख्यमंत्री सेहत योजना के माध्यम से आँखों की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ा रही है। इस योजना के तहत हजारों मरीजों को सरकारी तथा सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में निःशुल्क आँखों के ऑपरेशन की सुविधा मिल रही है। इससे उपचार में होने वाली देरी कम हुई है, विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सा तक लोगों की पहुँच बढ़ी है तथा विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हुआ है।

योजना के आँकड़ों के अनुसार अब तक 3,524 मरीजों की आँखों की सर्जरी लगभग 1,98,68,890 रुपये की लागत से निःशुल्क की जा चुकी है। इनमें सबसे अधिक संख्या मोतियाबिंद के ऑपरेशनों की रही, क्योंकि यह बुजुर्गों में अंधत्व का प्रमुख कारण है।

सबसे अधिक 3,070 मरीजों की स्मॉल इन्सीजन कैटरैक्ट सर्जरी (एसआईसीएस) नॉन-फोल्डेबल इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस (आईओएल) के साथ की गई, जिनकी कुल लागत 1,54,40,380 रुपये रही। यह योजना के तहत कवर की गई आँखों की सभी सर्जरियों का 87 प्रतिशत से अधिक था।

दूसरी सबसे अधिक की गई प्रक्रिया प्टेरीजियम विद कंजंक्टाइवल ऑटोग्राफ्ट रही, जिसके तहत 333 मरीजों का उपचार किया गया और इस पर 31,83,300 रुपये खर्च हुए। इसके अलावा योजना के तहत 28 एंट्रोपियन करेक्शन, 12 एक्ट्रोपियन करेक्शन, बच्चों की लेंस सर्जरी, ग्लूकोमा का उपचार, टियर डक्ट सर्जरी तथा अन्य कई प्रकार की आँखों की सर्जरी भी निःशुल्क की गईं, जिससे सभी आयु वर्ग के मरीजों को नेत्र उपचार की सुविधा मिल रही है।

गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज, फरीदकोट के नेत्र रोग विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मुनीश धवन ने कहा कि यह योजना आँखों के आधुनिक उपचार को प्रत्येक वर्ग के लिए आसान और किफायती बना रही है। उन्होंने कहा, “इस योजना के तहत मरीजों को अत्याधुनिक नेत्र उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। फोल्डेबल इंट्रा-ऑक्यूलर लेंस के साथ आधुनिक फेकोइमल्सिफिकेशन मोतियाबिंद सर्जरी निःशुल्क की जाती है। इसके अलावा यदि समय पर उपचार न मिले तो अंधत्व का कारण बनने वाले ग्लूकोमा का उपचार भी इस योजना में शामिल है, जिससे मरीजों पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ता।”

उन्होंने कहा कि यह योजना विशेष रूप से बुजुर्ग मरीजों के लिए बहुत लाभकारी सिद्ध हुई है, क्योंकि आर्थिक तंगी के कारण कई लोग उपचार टाल देते हैं। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत की जा रही आँखों की सर्जरियाँ बुजुर्ग मरीजों के लिए बड़ी राहत साबित हुई हैं। मोतियाबिंद की सर्जरी जैसी प्रक्रियाएँ अब अधिक सुलभ हैं। इससे मरीजों के जीवन स्तर में बड़ा सुधार आया है और वे अधिक आत्मनिर्भर बन रहे हैं, जिन्हें पहले दृष्टि संबंधी समस्या के कारण दैनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।” उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा स्क्विंट (भेंगापन) का ऑपरेशन भी इस योजना के तहत निःशुल्क किया जाता है।”

डॉ. मुनीश धवन ने आँखों की बीमारियों से बचाव तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, “आँखों की बीमारियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। बच्चों की नियमित दृष्टि जाँच, 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की समय-समय पर आँखों की जाँच तथा शुगर (डायबिटीज) के मरीजों की नियमित निगरानी बहुत आवश्यक है, क्योंकि डायबिटीज आँखों की रोशनी पर गंभीर प्रभाव डाल सकती है।”

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि योजना के तहत सूचीबद्ध निजी अस्पतालों को शामिल करने से पूरे राज्य में आधुनिक तरीके से नेत्र उपचार सेवाएँ अधिक सुलभ हो गई हैं। उन्होंने कहा, “सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ सूचीबद्ध निजी अस्पतालों तक सेवाओं का विस्तार करके हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि अधिक से अधिक मरीजों को समय पर निःशुल्क सर्जरी मिल सके। समय पर उपचार से दृष्टि पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रोका जा सकता है और मरीजों के जीवन में महत्वपूर्ण सुधार लाया जा सकता है।”

स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से अपील की कि धुंधला दिखाई देना, आँखों में लगातार जलन, अत्यधिक पानी आना अथवा पलकों से संबंधित किसी भी प्रकार की असामान्यता जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें। उन्होंने कहा कि समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने से जटिलताओं से बचा जा सकता है और दृष्टि को सुरक्षित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री सेहत योजना पंजाब की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बना रही है। इसके माध्यम से पात्र मरीजों को सामान्य से लेकर विशेष नेत्र सर्जरियों तक की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे हजारों लोग बेहतर उपचार प्राप्त कर स्वस्थ, आत्मनिर्भर और सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रहे हैं।”

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श्री गुरु रविदास जी महाराज का संदेश पंजाब के कोने-कोने तक पहुंचेगा; मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने डॉक्यूमेंट्री वैनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

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श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को ऐतिहासिक और श्रद्धापूर्वक मनाने की पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज 50 मोबाइल डॉक्यूमेंट्री वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वैनें गुरु जी के समानता, सामाजिक न्याय, श्रद्धा और विश्वव्यापी भाईचारे के शाश्वत संदेश को प्रदेश के कोने-कोने तक पहुंचाएंगी। इस विशेष रूप से तैयार किए गए अभियान के तहत एलईडी से लैस मोबाइल वैनों के माध्यम से पंजाब के सभी 23 जिलों के लगभग 13,000 गांवों में श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, दर्शन और पवित्र शिक्षाओं पर आधारित 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री दिखाई जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर घर, विशेषकर युवा पीढ़ी, गुरु जी के भेदभाव रहित समानता वाले समाज की प्रेरणा से प्रेरित हो सके।

यह पहल भगवंत मान सरकार द्वारा 650वें प्रकाश पर्व के लिए तैयार किए गए वर्ष भर के कार्यक्रमों का अहम हिस्सा है, जिसके लिए श्री गुरु रविदास जी महाराज की शाश्वत विरासत के सम्मान और उनके संदेश के अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार के लिए कार्यक्रमों की श्रृंखला हेतु 100 करोड़ रुपये आरक्षित रखे गए हैं।

इस अवसर को बेहद गर्व की बात बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक और ऐसी नेक पहल है जो श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रति प्रदेश की श्रद्धा और सम्मान को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा और सम्मान के प्रतीक के रूप में एक और नेक पहल की शुरुआत करना हम सभी के लिए बहुत गर्व की बात है। मैं खुशकिस्मत हूं कि मुझे श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस और अब श्री गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व मनाने का सौभाग्य मिल रहा है।”

इन समारोहों के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य सरकार श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही है और इस नेक कार्य के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आरक्षित रखा गया है। गुरु जी के संदेश को विश्व भर में फैलाना हम सभी का साझा फर्ज है।”

वर्तमान समय में गुरु जी की शिक्षाओं की प्रासंगिकता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज ने समूची मानवता के कल्याण और समाज के सभी वर्गों में समानता का संदेश दिया, जिससे समानता के मूल्यों पर आधारित समाज का निर्माण हुआ। उन्होंने ऐसे आदर्श समाज की कल्पना की, जहां किसी को भी कोई दुख-तकलीफ न हो।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और दर्शन से प्रेरित समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज एक महान आध्यात्मिक मार्गदर्शक और गरीबों तथा दबे-कुचले लोगों के मसीहा थे, जिन्होंने हमें नेक और सच्चा जीवन जीने की शिक्षा दी। यह प्रकाश पर्व हमारे लिए स्वयं को ऐसे समाज के निर्माण के लिए पुनः समर्पित करने का अवसर है, जहां हर इंसान बिना किसी भेदभाव के स्वाभिमान और सम्मान के साथ अपना जीवन व्यतीत कर सके।”

इस पहल के विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि श्री गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और पवित्र शिक्षाओं को पंजाब के हर घर तक पहुंचाने के लिए एक विशेष डॉक्यूमेंट्री अभियान शुरू किया गया है। उन्होंने बताया, “आज 50 मोबाइल डॉक्यूमेंट्री वैनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जा रहा है, जो गांव-गांव जाकर यह डॉक्यूमेंट्री दिखाएंगी। ये वैनें पंजाब के सभी 23 जिलों के लगभग 13,000 गांवों को कवर करेंगी और हर वैन पर 12 फुट × 8 फुट की बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाई गई है। यह 30 मिनट की डॉक्यूमेंट्री संक्षिप्त, अर्थपूर्ण और बहुत प्रभावशाली है, जो श्री गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं को लोगों तक पहुंचाएगी।”

अभियान के उद्देश्य पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इस पहल का मुख्य उद्देश्य गुरु साहिब के सामाजिक समानता और प्रभु भक्ति के शाश्वत संदेश को हर घर तक पहुंचाना है। इस डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से राज्य सरकार का उद्देश्य युवा पीढ़ी को श्री गुरु रविदास जी की नेक शिक्षाओं से जोड़ना है ताकि वे समानता और सद्भावना पूर्ण समाज के निर्माण में योगदान दे सकें। यह डॉक्यूमेंट्री श्री गुरु रविदास जी को सच्ची श्रद्धांजलि है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन जात-पात के भेदभाव और सामाजिक असमानता जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए समर्पित कर दिया।”

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह और तरुनप्रीत सिंह सौंद भी उपस्थित थे।

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पंजाब की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! कल खातों में आएगी 3 महीने की राशि, जानें किसे मिलेगा लाभ

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पंजाब की महिलाओं का लंबे समय से चल रहा इंतजार अब खत्म होने वाला है। मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा किए गए वादे के अनुसार 1 जुलाई से महिलाओं के बैंक खातों में योजना की राशि भेजना शुरू किया जाएगा। महिलाओं को ‘मातृ-पुत्री सम्मान योजना’ के तहत तीन महीने की राशि एक साथ मिलने की तैयारी है।

सरकार के अनुसार, अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1500 रुपये, जबकि सामान्य वर्ग की पात्र महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। चूंकि योजना को 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी माना गया है, इसलिए पहली किस्त में अप्रैल, मई और जून यानी तीन महीने की राशि एक साथ लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा था कि महिलाओं का पंजीकरण चाहे किसी भी समय हुआ हो, योजना का लाभ 1 अप्रैल से ही लागू माना जाएगा। ऐसे में पहली बार मिलने वाली राशि तीन माह की एकमुश्त किस्त के रूप में जारी की जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने पहले बताया था कि योजना की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और अब इसे लागू किया जा रहा है।

इस योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र महिलाओं को मिलेगा। योजना का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) जैसे आवश्यक दस्तावेज होना अनिवार्य है।

सरकार का दावा है कि इस योजना से राज्य की लाखों महिलाओं को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और चुनाव के दौरान किया गया वादा भी पूरा होगा।

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