Haryana
Dr.Kamal Gupta चुनावी जंग में अकेले पड़ गए, सांसद सुभाष चंद्रा ने भी भाजपा के मंत्री का छोड़ साथ
Dr. Kamal Gupta हरियाणा के हिसार में नौकरी पाने की कोशिश कर रहे हैं और भाजपा नामक एक समूह की मदद से इसके लिए चुनाव लड़ रहे हैं। लेकिन अब वे अकेलापन महसूस कर रहे हैं क्योंकि जिंदल परिवार और सुभाष चंद्रा जैसे कुछ महत्वपूर्ण लोगों ने उनका समर्थन करना बंद करने का फैसला किया है। सुभाष चंद्रा ने यह खबर ऑनलाइन शेयर की।
सुभाष चंद्रा ने कहा कि कमल गुप्ता के मंत्री बनने के बाद उन्होंने 5 साल तक उनके बारे में नहीं सोचा। उन्हें उम्मीद है कि कमल कम से कम उन्हें “हैप्पी हॉलिडे” तो कह देते। हिसार में भी लोग भाजपा के मंत्री से नाराज़ हैं, इसलिए इस बार उन्हें लगता है कि वे मदद नहीं कर सकते।
सुभाष चंद्रा एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यवसायी हैं और राज्यसभा के सदस्य हुआ करते थे, जो भारत में कानून बनाने में मदद करने वाले लोगों का एक विशेष समूह है। 2014 में, उन्होंने सावित्री जिंदल नामक एक महिला के खिलाफ एक बड़े चुनाव में डॉ. कमल गुप्ता नामक व्यक्ति की मदद की। सुभाष की मदद की वजह से डॉ. कमल गुप्ता चुनाव जीत गए!
कमल गुप्ता और सुभाष चंद्रा के बीच तालमेल नहीं बैठ रहा था क्योंकि चंद्रा ने कमल द्वारा किए जा रहे एक प्रोजेक्ट को रोक दिया था। इस वजह से कमल ने हिसार की सड़कों को बदल दिया ताकि कुछ सड़कों पर गाड़ियाँ सिर्फ़ एक तरफ़ से जा सकें, जैसे पारिजात चौक से बस स्टैंड और पारिजात चौक से नागोरी गेट तक।
डॉ. गुप्ता को लगा कि उनका यह आइडिया ट्रैफ़िक जाम को ठीक कर देगा, लेकिन यह कारगर नहीं हुआ। शहर में सामान बेचने वाले लोगों को यह पसंद नहीं आया और उन्होंने कहा कि इससे एक व्यक्ति को ख़ास मदद मिल रही है। फिर, चंद्रा ने व्यापारियों की मदद करने का फ़ैसला किया। इस वजह से कमल गुप्ता को अपना विचार बदलना पड़ा और अपना आइडिया वापस लेना पड़ा।
चंद्रा ने 2018 में हिसार एयरपोर्ट पर कहा था कि मुख्यमंत्री को वहाँ अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के बारे में सही जानकारी नहीं दी गई। आप कहीं भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट नहीं बना सकते; इसके लिए हर समय बहुत सारे विमानों की उड़ान और उड़ान की ज़रूरत होती है। लेकिन अभी तक हिसार में ऐसा नहीं हुआ है।
जब यहाँ से विमान उड़ान भरने लगेंगे, तो सरकार को इसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनाने के लिए कहना चाहिए था। डॉ. कमल गुप्ता ने हमेशा हिसार एयरपोर्ट को एक ख़ास जगह बनाने का सपना देखा है।
सुभाष चंद्रा ने 2014 के चुनावों में कमल गुप्ता को पहली बार विधानसभा का सदस्य बनने में मदद की थी। यह सुभाष चंद्रा के लिए बहुत महत्वपूर्ण चुनाव था क्योंकि वह जिंदल परिवार के खिलाफ कड़ी टक्कर दे रहे थे। उस समय कांग्रेस सरकार में मंत्री रहीं सावित्री जिंदल तीसरी बार हिसार से चुनाव लड़ रही थीं।
बीजेपी ने सावित्री जिंदल नाम की महिला के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए डॉ. कमल गुप्ता नाम के व्यक्ति को चुना। इस चुनाव में सुभाष चंद्रा ने डॉ. कमल गुप्ता की बहुत मदद की। चंद्रा की मदद की बदौलत डॉ. कमल गुप्ता ने सावित्री जिंदल के खिलाफ जीत हासिल की।
2019 में कमल गुप्ता ने कांग्रेस पार्टी के रामनिवास राडा नाम के व्यक्ति को हराकर एक खास चुनाव जीता। अब उनकी सुभाष चंद्रा नाम के व्यक्ति से कोई खास दोस्ती नहीं थी। अब जब जिंदल परिवार कमल गुप्ता के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहता है तो वह फिर से सुभाष चंद्रा के बारे में सोचने लगा।
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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।
जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।
अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।
मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।
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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान
हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।
अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।
वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।
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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल
भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।
पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक
बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।
कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।
इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।
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