Chandigarh
बीजेपी और कांग्रेस पर बरसे अनुराग ढांडा, बोले – इनकी सरकारों में पैसों से मिलती हैं नौकरियां
अंबाला : आम आदमी पार्टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अनुराग ढांडा बुधवार को कार्यकर्ता सम्मान समारोह में शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी का कार्यकर्ता किसी भी स्थिति और हालात से लड़ने के लिए तैयार है। इनके मन में एक ही जज्बा है कि सरकार बदलनी है और आम आदमी की सरकार बनानी है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का एक एक कार्यकर्ता अपना सब कुछ न्यौछावर करने के लिए तैयार है, बस एक ही सपना दिमाग में चलता है कि आम आदमी पार्टी की सरकार आनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार इसलिए आनी चाहिए क्योंकि पिछले 57 सालों से ये लुटेरे हरियाणा को नोच-नोच कर खा गए। सभी भ्रष्टाचारी 57 साल से प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। इन्होंने जनता के लिए कोई काम नहीं किया, न स्कूल अच्छे बने, न अस्पताल, न 24 घंटे बिजली मिलती, न पानी मिलता और ने सड़कें अच्छी बनी। उन्होंने कहा कि किसी भी विधानसभा के 99.9% लोगों को अपने जीवन में कभी भी विधायक से सीधा काम नहीं पड़ता, लेकिन सरकार अच्छी चाहिए क्योंकि सरकारी सुविधाओं की जरूरत एक एक आदमी को पड़ती है। इसलिए दूसरी पार्टी वाले कहतें हैं कि मुझे विधायक और मंत्री बनवा दो तुम्हारे वारे न्यारे कर दूंगा। जबकि आम आदमी पार्टी के नेता कहते हैं कि आम आदमी पार्टी की सरकार बनवा दो आप सबके वारे न्यारे करा देंगे।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब में 39 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरी दे दी है, जिसमें बहुत से युवा हरियाणा के भी लगे हैं। आम घरों के बच्चों को नौकरी लगने के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि पंजाब में सीएम भगवंत मान ने ऐसी व्यवस्था बना दी कि जो भी सरकारी नौकरी की काबलियत रखता है उसको सरकारी नौकरी मिल जाए। जबकि पूरे हरियाणा में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं है जिसको भूपेंद्र हुड्डा ने बिना पैसे के नौकरी लगवाया हो। हरियाणा के लोग इतने भोले हैं, इसको भी एहसान मानते हैं कि उनके बेटे की पैसे लेकर नौकरी लगवा दी। उनको ये पता ही नहीं कि आम आदमी पार्टी की सरकार में बिना पैसे लिए आम घरों के बच्चों की नौकरियां लग रही हैं। जैसे जैसे ये बात लोगों तक पहुंच रही है तो पूरा हरियाणा एक होता जा रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद कोई सरकार ऐसी नहीं बनी जो हमारे बिजली, पानी, स्कूल और अस्पताल ठीक करा दे। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की नकल करके जब हरियाणा में अमित शाह आए तो उन्होंने मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना की घोषणा की, लेकिन नकल के लिए अकल की जरुरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में अनाउंस होने के बाद पंजाब सरकार की तरफ से तीर्थ यात्रा के लिए ट्रेन रवाना कर दी गई है और अगले 95 दिनों में 53 हजार पंजाब के बुजुर्ग तीर्थ यात्रा पर जाएंगे। जबकि हरियाणा में एक भी तीर्थ यात्री खट्टर सरकार की अनाउंस की गई योजना में तीर्थ दर्शन करने के लिए नहीं गया है और न अभी तक कोई योजना है कि कब भेजेंगे।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि सीएम खट्टर ने घोषणा की कि एक लाख 80 हजार तक वार्षिक आय वाले परिवार की बेटियों को मुफ्त शिक्षा देंगे। सीएम खट्टर अरविंद केजरीवाल की नकल करने की कोशिश कर रहे थे क्योंकि दिल्ली में सबकी शिक्षा मुफ्त है। सीएम खट्टर ने घोषणा तो कर दी लेकिन जिनकी 2 लाख रुपए इनकम हैं उन्होंने क्या कसूर कर दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही हरियाणा में पैदा होने वाले हर बच्चे की शिक्षा पूरी तरह से मुफ्त होगी और सबकी बिजली मुफ्त होगी।
इस मौके पर ब्लॉक अध्यक्ष गुरुपाल सिंह, अनिल पंजेटा, मोहित त्यागी, राहुल कोटियान, जसविंदर जाट, ज्ञानचंद, सोमनाथ, सचिन शर्मा, दीप्ति चौहान, सतीश राणा और जगमाल सिंह मौजूद रहे।
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
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